चांदी के बर्तनों को बेकिंग सोडा, नमक और एल्युमिनियम फॉयल मिले गर्म पानी में रखने से एक छोटा विद्युत प्रवाह उत्पन्न होता है।
यह रेडॉक्स अभिक्रिया "धूमिल चांदी" से सल्फर को खींच लेती है — जिससे चांदी पुनः अपने वास्तविक रूप में आ जाती है।
इस प्रक्रिया को विद्युत "रासायनिक अपचयन" या "आयन ट्रांसफर" भी कहते हैं।
चीन की सभ्यता 5000 साल पुरानी मानी जाती है, लगभग महाभारत काल का समय, तो चीन का उल्लेख महाभारत में क्यों नहीं है?
महाभारत काल में भारतीयों का विदेशों से संपर्क, प्रमाण जानकर चौंक जाएंगे
युद्ध तिथि : महाभारत का युद्ध और महाभारत ग्रंथ की रचना का काल अलग अलग रहा है। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने की जरूरत नहीं। यह सभी और से स्थापित सत्य है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र तथा अष्टमी तिथि के संयोग से जयंती नामक योग में लगभग 3112 ईसा पूर्व को हुआ हुआ। भारतीय खगोल वैज्ञानिक आर्यभट्ट के अनुसार महाभारत युद्ध 3137 ईसा पूर्व में हुआ और कलियुग का आरम्भ कृष्ण के निधन के 35 वर्ष पश्चात हुआ। महाभारत काल वह काल है जब सिंधुघाटी की सभ्यता अपने चरम पर थी।
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विद्वानों का मानना है कि महाभारत में वर्णित सूर्य और चंद्रग्रहण के अध्ययन से पता चलता है कि युद्ध 31वीं सदी ईसा पूर्व हुआ था लेकिन ग्रंथ का रचना काल भिन्न भिन्न काल में गढ़ा गया। प्रारंभ में इसमें 60 हजार श्लोक थे जो बाद में अन्य स्रोतों के आधार पर बढ़ गए। इतिहासकार डी.एस त्रिवेदी ने विभिन्न ऐतिहासिक एवं ज्योतिष संबंधी आधारों पर बल देते हुए युद्ध का समय 3137 ईसा पूर्व निश्चित किया है। ताजा शोधानुसार ब्रिटेन में कार्यरत न्यूक्लियर मेडिसिन के फिजिशियन डॉ. मनीष पंडित ने महाभारत में वर्णित 150 खगोलीय घटनाओं के संदर्भ में कहा कि महाभारत का युद्ध 22 नवंबर 3067 ईसा पूर्व को हुआ था।...तो यह तो थी युद्ध तिथि। अब जानिए महाभारत काल में भारतीयों का विदेशियों से संपर्क।
पाताल का रास्ता है माँ नर्मदा
हिंदू पौराणिक मान्यता के अनुसार सात पाताल होते हैं। पाताल लोक में जाने के लिए धरती पर कई रास्ते बताए गए हैं। उन्हीं में से एक रास्ता है भारत के मध्यप्रदेश में बहने वाली नर्मदा नदी के भीतर। 🧵
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा
शीश के दानी, हारे के सहारे श्री खाटू श्याम जी के जन्मोत्सव की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
#श्री_खाटू_श्याम_जी#KhatuShyamji
|| जय गौ माता ||
सर्वे देवा: स्थिता देहे सर्वदेवमयी हि गौ:
सभी देवी-देवताओं को समाहित करने वाली, सनातन संस्कृति की संवाहिका, गौमाता आराधना के पर्व "गोपाष्टमी" की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ज्योतिष उपाय जानिए यदि आपके पास भी जन्मकुंडली ना हो/ना बने 🧵
#thread
🔹जब जन्म तिथि ना ज्ञात हो
🔹जन्म स्थल/जन्म समय ज्ञात ना हो
🔹आपको किसी ज्योतिष की सहायता लेने में दुविधा आ रही हो तो क्या करे
थ्रेड को कृपया अंत तक पूरा पढ़े
कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिनका सीधा सम्बन्ध किसी खास योग या ग्रह से होता है।
Rani Ahilyabai Holkar🧵
#Thread
one of the greatest women rulers in Indian history and a patron of arts & architecture, patron of Hindu temples, great pioneer and builder.
🔸स्वर विज्ञान क्या है?
🔸स्वर के जीवन में चमत्कार?
🔸स्वर कैसे पहचाने?
🔸स्वर का नाड़ी ज्ञान?
🔸स्वर के शुकल पक्ष और कृष्ण पक्ष का ज्ञान जीवन बदलने वाला संयम ज्ञान कैसे है?
🔸स्वर कैसे करेगा कार्य सिद्धि?
#Thread कृपया अंत तक पढ़े
हिटलर और दादी में क्या समानता है?
जर्मनी में भारत बनाम जर्मनी का हॉकी फाइनल हो रहा था। हिटलर आया था मैच देखने और विजेता टीम को उसने मेडल पहनाने थे। अब हिटलर को लग रहा था कि जीतेगा तो जर्मनी ही तो वो इस विश्वास में मैच देखने आ पहुंचा लेकिन बाजी भारत ने उलट दी। हिटलर ने जब देखा कि मैच में बुरी तरह हार रहे हैं तो हिटलर बीच मैच में ही उठ खड़ा हुआ और निकल लिया।
अब आ जाओ दादी पर। इसी तरह एशियाड फाइनल दिल्ली में हो रहा था। दादी और पप्पू के पापा मैच देखने आ गए। जीत के बाद उसी तरह जीतने वाली टीम को दादी को भी मेडल देने थे। लेकिन पाकिस्तान ने भारत का भूत बना दिया। ये वही मैच है जिसपर एक फर्जी चक दे इंडिया का मुस्लिम किरदार लिखा गया था जबकि असली खिलाड़ी का नाम मीर रंजन नेगी था। खैर, तो जैसे ही भारत की दुर्गति शुरू हुई तो दादी भी अपने बिटवा को लेकर निकल गयी।
कुल मिलाकर, दोनों तानाशाह ये बर्दाश्त नही कर सके कि उनके रहते उनकी टीम हार कैसे सकती है। फिर आया 83 का वर्ल्ड कप जिसमें भारत जीत गया और दादी बड़ी खुश हुई और क्रेडिट लेने पहुंच गई जैसा आप इस तस्वीर में देख सकते हैं।
ये सब इसलिए बता रही हूँ कि दादी के पोते के मदरनंदन गुलाम, मोदी के समय छाती कूटते हैं कि मोदी क्रेडिट लेने की कोशिश करता है। जबकि मोदी तब भी टीम के साथ खड़ा रहा जब पिछले साल भारत फाइनल हार गया। यहां तक कि मोदी ने ड्रेसिंग रूम में उनका ढांढस भी बंधाया।
और ये किसी "तानाशाह" की निशानी नही होती बल्कि यही असल मायने में लोकतंत्र है जिसके मोदी लोकनायक हैं क्योंकि लोकतंत्र ही वो होता है जिसमें हार को भी उसी तरह स्वीकार किया जाता है जैसे जीत को।
जबकि दादी वो रही है जिसने हार छोड़ो एक डिस्क्वालिफिकेशन तक नही झेला और इस देश मे आपातकाल लगा दिया था। वैसा ही इस दादी का पोता है जो सत्ता की खीज में इस देश मे केरोसिन माचिस लेकर घूमता है और बाहरी ताकतों तक से हाथ मिला लेता है।
जबकि दशकों तक विपक्ष में रहते हुए एक बार भी आपने सुना कि भाजपा ने ऐसा बयान भर दिया हो, बाहरी मदद की बात तो छोड़ ही दो।
और फिर ऐसे मदरनंदन हमें सिखाने की कोशिश करते हैं कि देश मे तानाशाही है और मोदी एक तानाशाह है।
"रामनाम्न: परो मंत्रो न भूतो न भविष्यति।"
'राम' इस शब्द में रकार रसातल लोक से, अकार भूमंडल से एवं मकार मह:लोक से आया है, इसी कारण यह त्रिवर्णात्मक राममन्त्र है। श्रीरामचंद्र जी रकार के द्वारा भवसिंधु से अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। अकार से भक्तों को
नजर लगने पर अनुभूत मन्त्र
नजर लगना, यह इस प्रकार की दृष्टि दोष है। यह एक मनोभावना का खेल है किसी की दृष्टि में दुष्ट भावना की प्रबलता से ऐसा जहरीला विकार स्वाभाविक ही होता है कि वह जिस प्राणी की ओर देख लेवे या जिस अन्न या दूध आदि पदार्थों की ओर अपनी गहरी दृष्टि से देख ले, वह प्राणी या पदार्थ अवश्य विकृत हो जाते हैं। इसी को नजर लगना कहते हैं। भारतीय संस्कृति में यह नियम है कि भोजन और भजन एकान्त में करना चाहिए।
ॐ अंजनी गर्भ सम्भूतम् कुमारं ब्रह्मचारिणम् ।
दृष्टि दोष विनाशाय हनुमन्तं स्मराम्यहम् ।।
यदि किसी घर के सदस्य एवं छोटे बच्चे को गहरी नज़र विकार से ग्रस्त हो तो ये मंत्र से उपाय जरुर करना चाहिए देवोत्थान (मंदिर) पर १०८ बार मंन्त्र जप करले
नजर वाले रोगी पर शुद्ध जल से ११ बार मन्त्र पढ़कर जल छिड़क देना चाहिए।