मालवीय नगर अग्निकांड जैसी दुखद घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन, कानून और मानवीय संवेदनाओं की भी परीक्षा होती है।
ऐसे समय में नेताओं की वास्तविक पहचान सामने आती है कि क्या वे भावनाओं के दबाव में निर्णय लेते हैं या न्याय और कानून के पक्ष में दृढ़ता से खड़े रहते हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री @gupta_rekha जी ने इस मामले में जिस संतुलित, संवेदनशील और जिम्मेदार नेतृत्व का परिचय दिया है, वह प्रशंसनीय है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा मामले में निष्पक्ष जांच की अपेक्षा व्यक्त किए जाने के बाद, रेखा गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि न कोई दोषी बचना चाहिए और न ही किसी निर्दोष के साथ अन्याय होना चाहिए।
आज के राजनीतिक वातावरण में अक्सर देखा जाता है कि किसी घटना के बाद या तो जल्दबाजी में दोष तय कर दिए जाते हैं, या फिर राजनीतिक दबावों के कारण जांच की दिशा प्रभावित होती है।
लेकिन @gupta_rekha जी ने यह संदेश दिया है कि सरकार का दायित्व केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना भी है। यही एक संवैधानिक और लोकतांत्रिक सरकार की पहचान होती है।
इस पूरे प्रकरण में उनका रवैया न तो राजनीतिक था और न ही भावनात्मक आवेग से प्रेरित।
उन्होंने सभी एजेंसियों को तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर गहन जांच करने का निर्देश दिया, ताकि सच्चाई सामने आए और उचित कार्रवाई हो सके।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री @gupta_rekha जी ने घायलों का अस्पताल जाकर हालचाल लिया, उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की तथा मृतकों के परिवारों के लिए सहायता की घोषणा भी की।
यह दिखाता है कि प्रशासनिक कठोरता और मानवीय संवेदना दोनों साथ-साथ चल सकती हैं।
राजनीति में परिपक्व नेतृत्व वही होता है जो लोकप्रियता से अधिक न्याय को महत्व दे, आरोपों से अधिक तथ्यों पर भरोसा करे और दबावों से ऊपर उठकर कानून के शासन को सर्वोच्च रखे।
मालवीय नगर अग्निकांड के संदर्भ में @gupta_rekha जी का रुख इसी प्रकार के उत्तरदायी नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
न्याय का अर्थ केवल दोषियों को दंड देना नहीं, बल्कि निर्दोषों की रक्षा करना भी है।
और यही संदेश आज दिल्ली की मुख्यमंत्री @gupta_rekha जी ने पूरे देश को दिया है।
#RekhaGupta #DelhiCM #RuleOfLaw #JusticeForAll #MalviyaNagarFire #ResponsibleLeadership #DelhiGovernment #GoodGovernance #LeadershipWithIntegrity
Yesterday in the dead of the night, BJP has denied a Rajya Sabha nomination to Former Prime Minister, Sh. H.D.Deve Gowda, deciding to choose its State Vice President Incharge of “Distt Building Construction”, Sh. M.Nagaraja over Ex PM.
The constant humiliation heaped upon JD(S) by BJP and its leadership and its repeated acceptance by Sh. H.D.Kumaraswamy merely for sticking to Ministerial chair at any cost is highly astonishing and eye opening. Further, accepting this insult is an absolute extreme.
LET IT BE RECALLED & REMEMBERED -:
👉 In May 2019 General Elections, BJP’s G.S.Basavaraju had defeated Sh. Deve Gowda.
👉 Then, Congress and Smt. Sonia Gandhi, despite its political differences and respecting his status as Ex PM from Karnataka, extended its support to elect Sh. Deve Gowda to Rajya Sabha as MP.
👉 In fact, Sh. Deve Gowda had earlier said and maintained his strong Opposition to BJP, going to the extent of publicly stating that he will “disown Kumaraswamy”, if he joins hands with BJP.
👉 Despite all these claims, in October 2023, JD(S) & Kumaraswamy entered into an alliance with BJP and Kumaraswamy became Union Minister in Modi Govt with Heavy Industries portfolio.
👉 Now, on 7th June, 2026; BJP denied Rajya Sabha nomination to Sh. H.D.Deve Gowda, choosing its Incharge District Building Construction over Former PM.
This tells us -
POWER AT ANY COST,
POWER AT ALL COSTS … is the one and only moto of JD(S) in Karnataka now.
कांग्रेस पार्टी अपनी पुस्तैनी नाकामियों को ठीक करने के बजाय जनता को ही बेवकूफ साबित करने पर तुली रहती है।
यह केवल सुक्खू जी की नासमझी नहीं है, पूरी कांग्रेस पार्टी को आजतक यह समझ नहीं आ पाया कि जनता भाजपा को वोट क्यों दे रही है।
और उन्हें हल्का सा भी आभाष होता कि जनता ने उन्हें भाजपा की जगह हिमाचल में क्यों चुना है, फिर वो कम से कम सुक्खू जी को मुख्यमंत्री न बनाती
@siddharthanbjp@NitinNabin@OfcNitinNabin
#WATCH शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "मुझे समझ नहीं आता की लोग भाजपा को वोट क्यों देते हैं? गैस सिलेंडर आम आदमी की जेब पर डाका डाल रहा है। राहुल गांधी ठीक कह रहे हैं कि आर्थिक तूफान आने वाला है।"
🔥🔥🔥 नया बंगाल, नई शुरुआत! 🇮🇳
आज एक बहुत बड़ी खबर है जो हर बंगाली परिवार के लिए खुशी का मौका ला रही है।
ममता बनर्जी सालों-साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की फ्लैगशिप स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत को पश्चिम बंगाल में लागू होने से रोकती रहीं। राजनीतिक अड़ंगेबाजी के चलते लाखों गरीब, मध्यम वर्गीय परिवार इलाज के महंगे खर्च से जूझते रहे। लेकिन अब बात बदल गई है!
₹5 लाख तक मुफ्त इलाज हर परिवार को।
हर बीमारी, हर ऑपरेशन, हर दवा पर सरकारी सहायता।
ये कोई छोटी बात नहीं है। ये एक संकल्प की पूर्ति है।
इसका महत्व क्या है?
- गरीबों का बचाव: जिन परिवारों के पास एक भी अस्पताल जाने लायक पैसे नहीं थे, अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं। 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, दिल की सर्जरी हो, किडनी का इलाज हो, कैंसर हो या सामान्य बीमारी, सब कवर।
- महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को फायदा: परिवार की महिलाएं, दादी-नानी, बच्चे, सबको सुरक्षा कवच।
- राजनीति से ऊपर जनकल्याण: सालों तक "केंद्र की योजना नहीं लेंगे" वाली जिद अब टूट गई। जनता की भलाई के आगे सब कुछ फीका पड़ गया।
- नए बंगाल की तस्वीर: विकास, स्वास्थ्य और समृद्धि की नई दिशा। पश्चिम बंगाल अब आयुष्मान भारत के माध्यम से देश के बाकी राज्यों की तरह आगे बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी जी का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पहले ही देश के करोड़ों परिवारों को नई जिंदगी दे चुका है। अब बंगाल भी इस क्रांति का हिस्सा बन रहा है।
ये सिर्फ एक स्वास्थ्य योजना नहीं, एक नई सोच है कि किसी भी व्यक्ति को बीमारी के कारण आर्थिक रूप से बर्बाद नहीं होना चाहिए।
अब सवाल ये है:
क्या हम इस बदलाव को स्वीकार करेंगे और इसका फायदा उठाएंगे? या फिर पुरानी राजनीति को दोहराएंगे?
स्वास्थ्य का वरदान,
आयुष्मान!
जय हिंद! जय बंगाल! 🇮🇳💪
#AyushmanBharat #AyushmanWestBengal #ModiForBengal #HealthForAll #BengalRising
हेलो हेलो सुनो विपक्षी अलायन्स वाले नेता जी,
मोदी जी को वोट दिया
• तो मोदी ने 500 साल के बाद राम मंदिर दिया
• तो मोदी ने 70 साल से लगे अनुच्छेद 370 को टाटा👋 किया
• तो मोदी ने भारत को नक्सल फ्री किया
• तो मोदी ने 58 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुलवाए
• तो मोदी ने 12 करोड़ पक्के टॉयलेट बनवाये
• तो मोदी ने 10करोड़ + को उज्ज्वला ने चूल्हा और गैस दिलाया
• तो मोदी ने 12 लाख तक इनकम टैक्स फ्री किया
• तो मोदी ने 4 करोड़ को पक्के घर दिलवाए
• तो मोदी ने रोड, हाईवे, एयरपोर्ट, aiims, iit, मेट्रो और RRTS का ग़ज़ब विस्तार किया
• तो मोदी ने 58 करोड़ लोगों को फ्री 5 लाख सालाना का आयुष्मान इलाज दिया
हर योजना में लाभ हर धर्म के लोगों को मिला बिना भेद भाव के ,, भाजपा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई बोध सब की बात करती है और एक आप है जो एक समुदाय को खुश करने के लिए दूसरे को भड़काने का प्रयास करते हैं ..
जनता दिल्ली, बंगाल, असाम में आपको नकार चुकी है और बस कुछ महीनों में पंजाब, हिमाचल में भी नकारेगी.
● Nitish Kumar ji was, is and will remain our leader and we shall contest 2029 and 2030 elections under him.
● Samrat Choudhary Ji has a long and substantive political career marked by grassroots engagement and administrative experience. He is well-equipped to take on the mantle of leadership as CM of Bihar.
I said these, and much more including who destroyed the India bloc alliance, during the Idea Exchange with bright & enlightened editorial minds at the @IndianExpress.
The full interview, you may like to read 👇
https://t.co/h5HyCVH30C
@NitishKumar@samrat4bjp@rajkamaljha@DeeptimanTY@vikaspathak76@shalinilanger@manojcg4u
🌟 कांग्रेस का काला अध्याय – 1971 का आर्थिक संकट 🌟
दोस्तों, भारतीय इतिहास के एक बेहद दर्दनाक और महत्वपूर्ण दौर के बारे में विस्तार से जानिए। 1971 के आसपास कांग्रेस शासन की आर्थिक नीतियों ने देश को गहरे संकट में धकेल दिया था। यह सिर्फ राजनीतिक गलतियाँ नहीं, बल्कि आम जनता पर पड़े भयंकर असर की कहानी है।
8 जून 1971 – एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन
इंदिरा गांधी सरकार ने Gold Control Act में संशोधन किया। दुनिया भर में सोने के दाम तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन भारत में आम लोगों की Gold Deposit Scheme में जमा सोना लौटाने के बजाय कानून बदल दिया गया। इससे आम आदमी के लिए सोना रखना भी बेहद मुश्किल और जोखिम भरा हो गया।
उसी दिन अमेरिका में रिचर्ड निक्सन की सरकार ने Bretton Woods Agreement को समाप्त करने का फैसला लिया (15 अगस्त 1971 को लागू हुआ)। इस समझौते के तहत अमेरिकी डॉलर सोने से जुड़ा हुआ था। जब यह टूटा, तो पूरी दुनिया में Nixon Shock आया। भारत इस झटके से बुरी तरह प्रभावित हुआ। हमारी अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ी, विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने लगा और देश कर्जदार की स्थिति में पहुँच गया
इसके बाद का सिलसिला
- 15 अगस्त 1971 को रिजर्व बैंक ने डॉलर के साथ पाउंड में भी व्यापार शुरू किया, लेकिन 1973 में यह भी असफल हो गया।
- 1973 का Oil Shock: अरब देशों ने तेल के दाम बहुत बढ़ा दिए। भारत में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई। गाड़ियाँ, बसें, ट्रेनें प्रभावित हुईं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए, लाठीचार्ज हुए और सैकड़ों लोग मारे गए।
- ध्यान भटकाने के लिए 1975 में आपातकाल लगा दिया गया।
- 1976 में अमेरिकी कंपनी Caltex का अधिग्रहण कर लिया गया।
इस पूरे दौर में विदेशी दबाव और गलत घरेलू नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को तोड़ दिया। रुपया कमजोर हुआ, महंगाई बढ़ी, विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो गए और आम आदमी कर्ज व संकट के चंगुल में फंस गया।
आज क्यों याद करना जरूरी है?
कांग्रेस अक्सर दावा करती है कि उन्होंने देश को आर्थिक रूप से मजबूत किया। लेकिन हकीकत यह है कि 1970 के दशक की उनकी नीतियों ने:
- रुपए को कमजोर किया
- विदेशी कर्ज बढ़ाया
- आम लोगों को भारी महंगाई और कमी का सामना कराया
1971 का Nixon Shock, Gold Control Act की सख्ती और बाद के संकट लाखों भारतीयों की जिंदगी प्रभावित करने वाले थे। लोगों को सोना रखने के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ी।
आज जब हम आत्मनिर्भर भारत, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और आर्थिक सुधारों की बात करते हैं, तो यह कांग्रेस के उस काले दौर से सीधा विरोधाभास दिखाता है।
इतिहास को सच्चाई के साथ याद करना चाहिए। नई पीढ़ी को पता होना चाहिए कि देश को आर्थिक संकट में कौन ले गया और किसने उसे संभाला। सच्चाई छिपाने का समय अब खत्म हो चुका है।
जय भारत! जय हिंद! 🇮🇳
#CongressDarkHistory #IndianEconomicHistory #1971Crisis #Emergency1975
कांग्रेस का काला अध्याय
84. 8 जून 1971 को इंदिरा गांधी जी की कैबिनेट ने भारत में गोल्ड कंट्रोल एक्ट में संशोधन करने का फ़ैसला किया,सोने के दाम दुनिया में बढ़ रहे थे,गोल्ड डिपोजिट स्कीम में भारत के आम लोगों को पैसे लौटाने के बजाय क़ानून ही बदल गया,उधर 8 जून 1971 अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन के नेतृत्व वाली कमिटि ने Bretton Woods को समाप्त कर सोना को डॉलर से अलग करने का फ़ैसला किया जिसे 15 अगस्त 1971 को लागू किया,भारत इस झटके से तबाह हो गया,हम भिखमंगे और क़र्ज़दार बन गए ।15 अगस्त 1971 को ही रिजर्व बैंक ने डॉलर के साथ पौंड में भी व्यापार करने का निर्णय लिया जिसे Smithsonian समझौता कहा गया लेकिन 1973 में यह भी समाप्त हो गया,1971 के Nixon shock के बाद 1973 में Oil shock आ गया,पूरे देश में मोटरसाइकिल,कार,बस का चलना बंद हो गया,100 जगह पर लाठी चार्ज हुआ,पेट्रोल डीज़ल के चक्कर में 200 लोग मारे गए ,ध्यान भटकाने के लिए 1975 का आपातकाल फिर अमेरिकी कम्पनी Caltex का 1976 में अधिग्रहण ।अमेरिका हमारी नीति बनाता रहा हमारा संसद गुलामी का प्रतीक रहा यही नेहरु गांधी परिवार है ।
#CongressDarkHistory
उन्हें क्या डराओगे पानी की बौछारों से, जिनकी पीढ़ियाँ लड़ी हैं जुल्मी सरकारों से।
युवाओं की आवाज़ को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी। संघर्ष की यह लड़ाई अधिकार, न्याय और भविष्य की लड़ाई है।
The Aam Aadmi Party hereby announces the appointment of Sah-Prabharis for the State of Odisha.
Congratulations and best wishes to all the appointees on their new responsibilities.