सारे सितारे शिक्षक आए,लेकिन आए भी तो ज़मीन पर छात्रों के साथ नहीं बल्कि चैनलों पर आए। आए भी नहीं,हंगामा देख आना पड़ा। लेकिन उनके लिजलिजे तर्कों और भाषा से संवेदना गायब है। वे किसी कारखाने के मालिक की भांति बोल रहे हैं। छात्र जैसे उनके कामगार हों जिनका वो आगे से खयाल रखेंगे।
भारत सरकार जितना शिक्षा बजट है उससे ज्यादा इनका सलाना टर्न ओवर है ।।
झूठी मोटिवेशन फिलोस्फी और मनगढ़ंत कहानी सुनाकर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को अपने जाल में फंसाते हैं।
एक एक को ढुंढ कर निकालों।
आज दिल्ली की कोचिंग मंडी मुखर्जीनगर में 3 UPSC Aspirants की जान चली गई।
यह दोनों लोग मुखर्जीनगर में ही रहते हैं, इन्हें अब तक जो भी मिला है वह चाहे पैसा हो या ख्याति सब इन्हीं UPSC छात्रों की वजह से मिला है।
आज विकास दिव्यकीर्ति कहां हैं?
आज अवध ओझा कहां हैं?
क्या अपने छात्रों के साथ खड़ा होना अवध ओझा की राजा बनने की क्वॉलिटी में नहीं आता?
अगर कहीं और नहीं बोल सकते हैं तो क्यों न विकास दिव्यकीर्ति The Lallantop को ही एक इंटरव्यू दे दें?
आज स्पष्ट हो गया है कि यह शिक्षक हैं या व्यापारी!
अब कहें तो कहें क्या करें तो करें क्या! दिव्य ज्ञान देने वालों से तो ऐसी उम्मीद नहीं थी! 👇
दिल्ली : विकास दिव्यकीर्ति भी बेसमेंट में 300 स्टूडेंट्स का कोचिंग चला रहे थे। MCD ने आज ये कोचिंग सेंटर सील कर दिया है।
@sachingupta
शिक्षक का दायित्व होता है समाज को सही दिशा देना,सत्य का साथ, नैतिक मूल्यों को जीवित रखना
लेकिन हमारे देश का दुर्भाग्य देखिए जिनकों बोलना था उन्होंने मौन धारण कर लिया
#RaoIAS#RajenderNagar#UPSCaspirants#DelhiCoachingCenterAccident https://t.co/rgKslbeSvY https://t.co/rgKslbeSvY
राजेंद्र नगर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि #AAP सरकार और उनके मंत्रियों की #criminalnegligence का परिणाम है, जिसने यूपी, तेलंगाना और केरल से दिल्ली आए हुए 03 #UPSCAspirants की जान ले ली।
दुर्भाग्यवश, दिल्ली वासियों को ऐसे असंवेदनशील मंत्रियों द्वारा शासित किया जा रहा है जिन्होंने इतनी गंभीर परिस्थिति में न तो घटना स्थल पर जाकर स्थिति का अवलोकन किया और न ही छात्रों की समस्याओं की परवाह की।
माननीय मुख्यमंत्री केजरीवाल जी बार-बार यह दावा करते हैं कि उन्होंने राजधानी में नाले और डि-सिल्टिंग के मुद्दों को सुलझाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई ठोस परिवर्तन नहीं हुआ और यह घटना उनके झूठे प्रयासों का सबूत है।
कोई भी छात्र इस स्थिति का हकदार नहीं था।
मेरी संवेदनाएँ और समर्थन उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण अपने प्रियजनों को खोया है। वे जीवित नहीं लौट सकते, लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषी अपनी जिम्मेदारी से भागे नहीं और छात्रों को इंसाफ़ मिले।
@BJP4Delhi@BJP4India
नेहरू विहार से लेकर मुखर्जी नगर तक ,छात्रों में दिखा कोचिंग माफियाओं के खिलाफ आक्रोश।
सबसे ज्यादा गुस्सा उनके खिलाफ है जो शिक्षक सिर्फ छात्राओं के रिजल्ट के समय सामने आकर "मेरा पुत्र मेरा पुत्र" कहते है।#UPSCaspirants#RaoIAS#IASStudentDied