🇮🇳 देश की सुरक्षा में 24×7 तैनात CAPF जवानों की 5 प्रमुख मांगें—
✅ 100 दिन की छुट्टी
✅ पुरानी पेंशन (OPS)
✅ Ex-Servicemen का दर्जा
✅ हर जिले में अर्द्धसैनिक कल्याण बोर्ड
✅ ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वालों को उचित राष्ट्रीय सम्मान
अब इन मांगों पर गंभीरता से विचार का समय है।
@narendramodi@AmitShah
देश कोई भी हो पर एक सैनिक शहीद होता है तो सबसे ज्यादा उसके बच्चे परिवार को पीड़ा होती है, और इसमें सरकार संवेदनशील न हो तो पीड़ा दोगुनी हो जाती है।
इसमें इस असंवेदनशीलता का शिकार CAPF के जवानो का भी यहीं हाल है इनकी व्यथा सुनने वाला कोई भी नहीं।...
महोदय Capfbill2026 जो दमनकारी प्रतीत हो रहा है इस पर पुनः विचार कर इसे रोक दे जिन जवानो अधिकारियो के भरोसे आतंक, नक्सल मुक्त का आपने सपना देखा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न करे 🙏
@Newsofpmc#OPS ops को लागु करे, जवानों के जीवन से किये गये खिलवाड़ को विराम दे।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश सहक्षर पालन करते हुये केडर रिव्यू के तहत IPS डिपुटेशन बंद करे।
"सभी माननीय सांसदों से विनम्र अपील है कि संसद में 'केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बिल, 2026' पर चर्चा के दौरान CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) की आवाज पुरजोर तरीके से उठाएं।
जो जवान अपनी जवानी देश की रक्षा में लगा देता है, उसके बुढ़ापे की सुरक्षा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
इस बिल में OPS का प्रावधान शामिल करवाने में मदद करें।
#पैरमिलिट्री_जवानों_को_पुरानी_पेंशन_दो
#RestoreOPSForCAPF
#JusticeForCAPF
@Newsofpmc जानवर से लेकर इंसानो का या यूँ कहुँ प्रत्येक जीवो का दर्द जो समझें वही सच्चा और अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार है बाकि बीरबल की खिचड़ी के लायक भी नहीं हाँ अपना मुँह मियां मिट्ठू वालों का बोल बाला है।
@Newsofpmc अर्ध सैनिको से अधिक बलिदानी कौन???
नेताजी/मंत्री जी क्या आप हो , अगर आप नहीं हो तो आपको पुरानी पेशन किन्यु...??
संतोष जनक जवाब हो तो बता देते, अगर नहीं है तो पुरानी पेंशन लागु करे। Only #OPS
go back NPS... UPS
एक पोस्ट अर्द्धसैनिक बल के जवानों के सम्मान में।
चाहे माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा लागू हो या सरकार द्वारा लागू की जाए लेकिन अर्द्धसैनिक बल के जवानों को पुरानी पेंशन (OPS) जरूर मिलनी चाहिए क्योंकि अर्धसैनिक बल के जवान संवैधानिक और सेवा कर्तव्य दोनों तरह से ही पुरानी पेंशन के सच्चे हकदार हैं।
#OPSFORCAPF
Justice For ITBP Deputy Commandant Ayush Deepak
CAPF में डिप्टी कमांडेंट रैंक सिविल पुलिस के ASP के बराबर होती है।
पैरामिलिट्री फोर्सेज में डिप्टी कमांडेंट रैंक का अधिकारी पूरी बटालियन को मैनेज करता है , पर जब बात उसके अपने घर परिवार पर पुलिस केस की आती है तो वहां वो हताश हो जाता है।
जब अधिकारियों के साथ ऐसा होगा तो जवानों के मनोबल पर कितना गलत प्रभाव पड़ेगा।
ITBP के डिप्टी कमांडेंट आयुष दीपक ने इस बात से हताश और निराश होकर सुसाइड कर ली के वो CAPF मे अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं फिर भी अपनी बहन की इज्जत और मर्यादा को सुरक्षित नहीं रख पाए।
आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो और ITBP डिप्टी कमांडेंट आयुष दीपक को न्याय मिले इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।
CAPF के जवान और अधिकारी पुलिस से जुड़ी(कानूनी )और जमीन पर कब्जे की समस्याओं का दिन प्रतिदिन सामना करते रहते हैं।
CAPF के पास कोई पुलिस की पावर तो होती नहीं है ये देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा में लगे रहते हैं,पर बात जब इनके परिवार और जमीन पर आती है तो ये अकेले पड़ जाते हैं।
सरकार द्वारा इस समस्या का समाधान ढूंढते हुए CAPF के लिए कोई ऐसा नियम बनाना चाहिए कि जवानों और अधिकारियों को इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।
#justiceforayushdeepak
ये ITBP के डिप्टी कमांडेंट आयुष दीपक का SUCIDE नोट है , जिन्होंने 03 अक्टूबर 2025 को SUCIDE किया था।
एक CAPF ऑफिसर का का पुलिस SHO से तंग आकर SUCIDE करना बहुत ही दुखद है 😥
उन्होंने SUCIDE नोट में अपनी मौत के लिये राजीव रंजन थाना प्रभारी लालमटिया थाना पोस्ट नाथनगर, भागलपुर, बिहार (अभी वह विक्रमशीला थाना में पदस्थ है) को जिम्मेदार ठहराया।
*उनके आखिरी शब्द*
"राजीव रंजन मेरी बहन ज्योति को बालों से घसीटने और उसके कपड़े फाड़कर उसे अर्द्धनग्न करने के लिए जिम्मेदार हैं। उसकी मर्यादा भंग हो गई है। उनके द्वारा एक महिला और बिहार सरकार के मुख्य अभियंता की पत्नी के साथ किए गए घिनौने अपमान ने न केवल छवि को धूमिल किया, बल्कि उसकी मर्यादा को भी भंग किया। उसने पुलिस से सिर्फ इतना कहा था कि वह पास टोला, कबीरपुर रोड, नाथनगर, भागलपुर की बस्ती में महिलाओं और बच्चों को न पीटे। राजीव रंजन ने न केवल मेरी बहन के कपड़े फाड़कर उसकी मर्यादा को भंग किया, बल्कि मेरी बहन ज्योति के खिलाफ draconian मामले भी दर्ज किए।"
" मैं, एक सशस्त्र सेवा का सदस्य होने के नाते, अपनी बहन ज्योति की इज्जत और मर्यादा को सुरक्षित नहीं रख पाया।
उस दिन के बाद से मैं खुद को असहाय और निराश महसूस कर रहा हूँ। यहाँ तक कि SSP को की गई कॉल भी बेकार साबित हुई।
इसलिए मैं सम्माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अनुरोध करता हूँ कि केंद्रीय/राज्य विभागों/एजेंसियों में कम से कम 05 वर्षों के लिए अपने गृह राज्य में CAPF कर्मियों को डेप्युटेशन पर नियुक्त किया जाए, ताकि सशस्त्र सेवा जैसे CAPF/सेना को यह महसूस न हो कि उन्हें निराश किया गया।*
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भारत सरकार स्वयं 'भारत संघ के सशस्त्र बल' बताती है ये लेटर गवाह है कि- सरकार ने CAPF को 'संघ के सशस्त्र बल' माना है।
जब OPS देने की बात आती है तो सरकार अपनी बात से मुकर जाती है।
#OPSFORCAPF#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS
केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों को पेंशन क्यों नहीं?
OPS नहीं तो बुढ़ापे में क्या सहारा होगा,
जिन्होंने देश को संवारा वही बेसहारा होगा।
OPS लौटाओ, यही जन की पुकार है।
#OPSFORCAPF#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS