सत्ता आते जाते रहती है। लोकतंत्र में कोई दल स्थाई नहीं रहता। कुछ हारने के बाद पुनः जीत जाते है तो कुछ नए को मौका मिल जाता है। सत्ता परिवर्तन लोकमत पर निर्भर रहता है।
कुछ प्रतिशत मत इधर उधर होने से पार्टियां हार और जीत जाती है।
लेकिन इन सब के बीच दिक्कत में उदंड कार्यकर्ता पड़ते है। सत्ता में आते हीं पार्टियां कानून व्यवस्था के नाम पर इन्हीं लोगों को टार्गेट करतीं है। कानूनी शिकंजा और कुछ FIR इनलोगों के जिंदगी को बर्बाद करके रख देती है।
ताजा उदाहरण बंगाल वाले पुष्पा जहांगीर खान का है। टीएमसी के सत्ता को अजय मानकर वह पुष्पा बनकर घूमता रहा। पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
सत्ता जाते हीं वही पुलिस उसको निकर में उसके क्षेत्र में परेड करा रही है। वहीं TMC के बड़े नेता पल्ला बदलकर सुरक्षित हो गए।
इसलिए आम जीवन हो या सोशल मीडिया अपने आप को मर्यादित रखकर हीं किसी पर टिप्पणी करें।
@SachinPilot कांग्रेस को राजस्थान जीता पाएगा सचिन जी? आपमें काबिलियत तो है लेकिन परिस्थिति बहुत विषम है।
युवा होने के कारण आप अनुभव की कमी से जुझ सकते है। फिर भी जनता आपके साथ है।
@INCIndia पहले अपने नेताओं को बोलिए कि वे जनता के बीच राहुल गांधी जी को भावी प्रधानमंत्री के नाम से प्रचारित करें।
जब अपने बोलना चालू करेंगे तब पूरी दुनिया मानने लगेगी।
@zoo_bear@Iran_in_India@anjanaomkashyap@aajtak पूरा दुनिया ईमानदार पत्रकार अंजना जी के पीछे परी हुई है।ईरान में ईएमआई पर रोटी मिल रही है यह इनको सूत्रों ने बताया होगा।
इनका सूत्र बहुत तगड़ा होता है।
@askrajeshsahu सीजेपी से विपक्ष को नुकसान है। फिर भी यूपी पुलिस ने अनुमति नहीं दी?
जभी दिल्ली वालों ने तुरंत अनुमति दे दी थी। दिल्ली के उल्टा यूपी चल रहा है।
यूपी वाले दिल्ली वालों से कमजोर नहीं है।
अमेरिका में भारतीय दूतावास के अधिकारी ने इन्हें ऐसे ही नहीं बाहर किया था।
ये उसी के लायक थीं। वाट्सअप पर आने वाले मैसेज को सूत्र बोलकर भारत में पड़ोसा जा सकता है। विश्व बिरादरी युद्ध के दौरान इनकी रिपोर्टिंग देख चुकी है
वे ऐसे लोगों के मुंह पर फेक न्यूज का तमगा लगाकर इनको भेज दे रहे है। विश्वगुरु मीडिया