@nitin_gadkari ji, we support the E20 green fuel initiative, but millions of cars made before Apr 2023 are only E10 compatible. Forcing E20 risks engine damage & costs for recent buyers. Please allow E5/E10/E20 options for a smooth, fair transition. 🙏 #FuelChoice#E20
Many of us bought our cars less than 4 years ago, paying full taxes — GST, cess, RTO, etc. A sudden change in fuel standards, without considering existing vehicles, feels unfair. We simply ask for options, not opposition. #EthanolBlending#ConsumerRights
@anandmahindra Sir, if possible I request you to make Mahindra cars available through Kendriya Police Kalyan Bhandar (Central Armed Police Canteens) too.
What about below:
1. Rent you would pay for 10 years and of course inconvenience that would come with a rented apartment. Sudden increase in rent by 10%/20% by the landlord.
2. The place you were looking to buy might increase by more than 50% ( value of my parent’s house increased by 4X in 10 years)
3. Your salary would increase too so it won’t necessarily be 20 years of loan. You can always repay faster.
4. Maybe find a breakeven point (depending on your salary and savings) where you can invest some amount ( to repay loan faster) and pay EMIs simultaneously.
5. Most importantly, what about mental peace you get when you have your own home??
स्थानीय कॉलेज में अर्थशास्त्र के एक प्रोफेसर ने अपने एक बयान में कहा कि – “उसने पहले कभी किसी छात्र को फेल नहीं किया था, पर हाल ही में उसने एक पूरी की पूरी क्लास को फेल कर दिया है l
........ क्योंकि उस क्लास ने दृढ़तापूर्वक यह कहा था कि समाजवाद सफल होगा और न कोई गरीब होगा और न कोई धनी होगा”*, *क्योंकि उन सब का दृढ़ विश्वास है कि यह सबको समान करने वाला एक महान सिद्धांत है.....
तब प्रोफेसर ने कहा–* *अच्छा ठीक है !
आओ हम क्लास में समाजवाद के अनुरूप एक प्रयोग करते हैं।
सफलता पाने वाले सभी छात्रों के विभिन्न ग्रेड (अंकों) का औसत निकाला जाएगा और सबको वही एक काॅमन ग्रेड दिया जायेगा।*
*पहली परीक्षा के बाद.....
*सभी ग्रेडों का औसत निकाला गया और प्रत्येक छात्र को B ग्रेड प्राप्त हुआl*
*जिन छात्रों ने कठिन परिश्रम किया था वे परेशान हो गए और जिन्होंने कम पढ़ाई की थी वे खुश हुए l*
*दूसरी परीक्षा के लिए कम पढ़ने वाले छात्रों ने पहले से भी और कम पढ़ाई की और जिहोंने कठिन परिश्रम किया था, उन्होंने यह तय किया कि वे भी मुफ़्त का ग्रेड प्राप्त करेंगे और उन्होंने भी कम पढ़ाई की l*
*दूसरी परीक्षा में ......*
*सभी का काॅमन ग्रेड D आया l*
*इससे कोई खुश नहीं था और सब एक-दूसरे को कोसने लगे।*
*जब तीसरी परीक्षा हुई.......*
*तो काॅमन ग्रेड F हो गया l*
*जैसे-जैसे परीक्षाएँ आगे बढ़ने लगीं, स्कोर कभी ऊपर नहीं उठा, बल्कि और भी नीचे गिरता रहा।* *आपसी कलह, आरोप-प्रत्यारोप, गाली-गलौज और एक-दूसरे से नाराजगी के परिणाम स्वरूप कोई भी नहीं पढ़ता था, क्योंकि कोई भी छात्र अपने परिश्रम से दूसरे को लाभ नहीं पहुंचाना चाहता था l*
*अंत में सभी आश्चर्यजनक रूप से फेल हो गए और प्रोफेसर ने उन्हें बताया कि -*
*इसी तरह* *समाजवाद* *की नियति भी अंततोगत्वा फेल होने की ही है, क्योंकि इनाम जब बहुत बड़ा होता है तो सफल होने के लिए किया जाने वाला उद्यम भी बहुत बड़ा करना होता है l*
*परन्तु जब सरकारें मेहनत के सारे लाभ मेहनत करने वालों से छीन कर वंचितों और निकम्मों में बाँट देगी, तो कोई भी न तो मेहनत करना चाहेगा और न ही सफल होने की कोशिश करेगा l*
*उन्होंने यह भी समझाया कि -*
*" इससे निम्नलिखित पाँच सिद्धांत भी निष्कर्षित व प्रतिपादित होते हैं -*
*1.*यदि आप राष्ट्र को समृद्ध और समाज को को सक्षम बनाना चाहते हैं, तो किसी भी व्यक्ति को उसकी समृद्धि से बेदखल करके गरीब को समृद्ध बनाने का क़ानून नहीं बना सकते।*
*2.*जो व्यक्ति बिना कार्य किए कुछ प्राप्त करता है, तो वह अवश्य ही अधिक परिश्रम करने वाले किसी अन्य व्यक्ति के इनाम को छीन कर उसे दिया जाता है।*
*3.*सरकार तब तक किसी को कोई वस्तु नहीं दे सकती जब तक वह उस वस्तु को किसी अन्य से छीन न ले।*
*4.*आप सम्पदा को बाँट कर उसकी वृद्धि नहीं कर सकते।*
*5.*जब किसी राष्ट्र की आधी आबादी यह समझ लेती है कि उसे कोई काम नहीं करना है, क्योंकि बाकी आधी आबादी उसकी देख-भाल जो कर रही है और बाकी आधी आबादी यह सोच कर ज्यादा अच्छा कार्य नहीं कर रही कि उसके कर्म का फल किसी दूसरे को मिलना है, तो वहीं से उस राष्ट्र के पतन और अंततोगत्वा अंत की शुरुआत हो जाती है।*
*जरूर पढ़ें और यदि समझ में आये तो देश हित में शेयर करें...*
🙏🏻यदि ये tweet आपके पास पहुँच रहा है तो कुछ मिनट इस पर भी विचार करिये। भले ही आप Retweet, like, comment न करें लेकिन पढ़ लें बस...
साथियों, मन कभी कभी मेरे कंट्रोल से बाहर हो जाता है। जब जब इन तमाम मीडिया वालों को किसी तरह से साफ़-साफ़ एजेंडा चलाते देखता हूँ तो ऐसा लगता है कि ये लोग कर क्या रहे हैं।
आने वाली नस्लों को हम क्या देने वाले हैं.. क्या हमारे बच्चे भविष्य में केवल नफ़रत की दीवार को और पुख़्ता करने का काम करेंगें। यानी आज हम जिसे सींच रहे हैं न, आगे के बच्चे इस ज़हरीले पौधे के बीज ख़ाकर आगे की दुनिया को सम्हलाने वाले हैं।
शायद इसलिए ही मैं बीते सात-आठ साल से पेपर नहीं पढ़ता हूँ । कई सालों से न्यूज़ चैनल न के बराबर देखता था, अब तो ग़लती से भी नहीं देखता हूँ। अब ट्विटर पर भी ढेर सारे न्यूज़ एंकर्स को mute कर दिया हूँ। क्योंकि जितनी बार ये ग़लत बोलेंगें उतनी बार मन में ग़लत विचार आते हैं इनके ख़िलाफ़, कई बार इनके ट्वीट के नीचे कमेंट भी घटिया स्तर के करना पड़ जाता है, सो बुरा बनने से अच्छा है दूर रहिये।
आपको नहीं लगता है कि ये मीडिया वाले हम लोगों को चलता फिरता जॉम्बी बना रहे हैं। मैं श्रीराधे जी की भक्ति और शायरी में लीन रहने का प्रयास करता हूँ, दरअस्ल मैं इसमें ख़ुद भी हूँ.... कभी कभी कोई अच्छे विचार वाले दोस्त भी बातचीत कर लेते हैं तो मन और प्रसन्न हो जाता है कि दुनिया अभी ख़ूबसूरत और प्यारी है, तमाम लड़के बड़ों का और लड़कियों का सम्मान करना जानते हैं.. तमाम लड़कियाँ अभी भी लड़कों की भावनाओं को समझती हैं।
लेकिन फिर अचानक से कोई मुद्दा समाज में उठता है और उसे चुनिंदा मुद्दे को लाश बनाकर ये गिद्ध मीडिया चीथड़े में नोचता है, फिर मन एकदम से खिन्न हो जाता है। व्यथित मन से कुछ भी अच्छा नहीं हो सकता है। हर एक मामले में जाति, धर्म आदि का मसअला बनाकर उसे इतना बड़ा बना देते हैं कि हल करने लायक नहीं बचता है। रोज़ बलात्कार, हत्या, धोखेबाज़ी, महापुरुषों का अपमान, वादाख़िलाफ़ी या फिर एजेंडा आदि देखकर लगता है कि हम कहाँ जी रहे हैं, क्या कर रहे हैं.. डर लगता है।
लड़कों से डर लगता है कि कौन कब आकर धमकी देते हुए गाली न बकने लगे, लड़कियों से डर लगता है कि कौन आकर ठरकी होने का तमगा न दे दे, बड़ों से डर लगता है कि कोई अपनी ओछी सोच न थोप दें, पत्रकारों से डर लगता है कि फिर कोई नफ़रत के कारोबार में हमें न मोहरा बना लें, नेताओं से डर लगता है कि दुश्मन न मान बैठें, पुलिस से डर लगता है कि कहीं बिना बात के ही किसी केस पर अपनी भावना आहत मानकर घर न आ धमके।
कुल मिलाकर हर जगह डर ही डर है प्रेम नहीं है कहीं पर। बस इसलिए ही मैं श्रीश्यामाश्याम की भक्ति में ख़ुश हूँ, शाइरी अपनी ख़ुशी के लिए करता हूँ। अब कुछ और बदलाव करने में प्रयासरत हूँ कि फ़र्ज़ी वाहियात लोगों को रिप्लाई करने से बचा करूँ, आर्गुमेंट से दूर रहूँ और मूर्खों से उलझने में वक़्त न ख़राब करूँ।
पोस्ट ज़रूरी लगी हो तो इसे कॉपी करके ले जाइए, कहीं पर भी पोस्ट कीजिये, व्हाट्सएप पर भेजिए, शेयर करिये लोगों से... सारी छूट है।
जाने-अनजाने में आपका दिल दुखा हो तो मुआफ़ी।
शुक्रिया साथियों।🙏🏻 💕
~ अश्विनी यादव
Please unblock my IMEI nos so that I can use my phone. This website https://t.co/DYsiiD7sdg shows operation failed when I tried to file an found report. I can provide you the LR No and ownership details if needed.
@DCP_CCC_Delhi@DelhiPolice
I had lost my mobile on 06/05/2023 outside new delhi railway station and a complaint regarding this has been filed on https://t.co/l0mg6FbBck. I had found my mobile on the same day it was lost but on 14/05/2023 the IMEI nos of the phone were blocked by the police.
बनारस में एक घाट है उस पर एक मंदिर है और एक मस्जिद। दोनों की एक ही दीवार है। मंदिर 700 साल पहले बनाया गया था और मस्जिद 400 साल पहले। अब आप इस पर बहस कर सकते हैं कि मंदिर पहले से है और मस्जिद बाद में बनाई गई है। लेकिन आप ये नहीं कह सकते कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है क्योंकि
How much Patiance you want from us ?
We are waiting from last 4 years .
RRB is responsible for ruining our life
Declare all level result
#RESIGN_RAILWAY_MINISTER_RRBNTPC
#RESIGN_RAILWAY_MINISTER_RRBNTPC
We can't wait more sir
Declare our result as soon as possible
It has already been more than 3.5 years
Our level of patience is exceeding now