रबी फसल से फ्री,वसंत काल से ग्रीष्म काल मे प्रवेश,मांगलिक कार्यो का शुभारंभ,
जीवन मे नई ऊर्जा का संचार का समय, कौम के भविष्य के लिये चिंतन का समय,
जाट कौम के लिये यह दिन बहुत ही पवित्र है इस दिन को अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस घोषित किया गया है।
#InternationalJatDay#13april2022
सबसे पहला किसान आन्दोलन 22 जून, 1880 में जाटो ने राजस्थान के चितोडगढ मात्रकुंडिया में 1000 किसानो ने इकट्ठा होकर किसानो पर लालबाग, लाटा कुटा कर लगा दिये थे उनका विरोध मे जाटो ने आन्दोलन की पहल की हालांकि आन्दोलनकारियो को दबा/ मार दिया गया था। जाट केवल शोषण के खिलाफ आवाज उठाते ।
जहाँ हद खत्म हो तेरी, वहाँ प्रारंभ होती है!
खून में यूँ ही नहीं इतनी अकड और दम्भ होती है!
बात पर सिर कटा दे हम, हम वो बात वाले है!
सूरजमल था जिस जात का हम उस जात वाले है!
#InternationalJatDay
आज के उत्तर भारत में बसने वाले जाटों को देखकर यकीन नहीं होता कि ये सब उन्ही वीरो के वंशज है जिनकी दहाड से एक समय में मध्य एशिया थर्रा उठा था~ कर्नल जेम्स टॉड
#InternationalJatDay