@PMOIndia माननीय प्रधानमंत्री जी ने हिंदुओं का विकास (tax)छीनकर मूल्यों को दे दिया हिंदुओं का जीना मुश्किल हो गया यह सब के सब और मजबूत होकर हम पर भारी पड़ गए यह क्या उल्टा काम किया, रोहिंग्या घुसपैठ भगा दिए जाते तो आधा विकास तो यूं ही हो जाता
CAA तो लागु हो गया बहुत अच्छी बात है प्रताड़ित हिंदू सब जगह से वापस आएंगे परंतु अब प्रश्न उठता है इनको प्रताड़ित करने का दंड क्या हो। राम मंदिर, ज्ञानवापी शिवालाय,मथुरा जैसे पवित्र तीर्थ को इन सत्य के दुश्मन आक्रांताओं की औलादेा ने अपवित्र किया।
अगर तुम्हारे भीतर राष्ट्र संस्कृति और धर्म के प्रति कोई प्रेम लगाव नहीं है, तब तुम्हारे रास्ते मैं बाधाएं तो कम आएगी पर सुपरस्टार नहीं बन सकते। तमाम विरोध के बाद भी अगर तुम्हारी किस्मत चमकने लगे तो तुम्हारी मृत्यु भी होनी तय है।सुशांत सिंह राजपूत की तरह तुम्हें भी टपका दिया जाएगा
भारत की संस्कृति का सर्वनाश करने का मुगलिया फार्मूला तो मुग़ल-इ-आज़म से चल रहा है । जो भी सुपरस्टार बना है वह मुगलिया सल्तनत के चरण वंदन करके उनके दिशा निर्देश से ही बना है। बॉलीवुड नाम के कोठे की वैश्या, दलाल, नशेड़ी बनना मंजूर है तो लगे रहो।
बड़े-बड़े प्रोड्यूसर फाइनेंसर डायरेक्टर के दल्ले बना देंगे, तुम्हें पता भी नहीं चलेगा तुम अंधकार की गर्त में डूबते फ़िसलते चले जाओगे, अगर तुम्हें हार ना मानने की फितरत और जज्बा है और अगर किस्मत बुलंद हो और साथ दे भी दे, तो इन बॉलीवुड माफियाओं का सिस्टम तुम्हें मार डालेगा,
*बॉलीवुड में ट्राई करने वाले न्यू कमर्स को एक चेतावनी...*
इन फिल्मी सुपरस्टारों से दोस्ती करने की कोशिश भी मत करना यह लोग वैसे भी तुम्हारी सफलता होने नहीं देंगे, तुम्हें ऊंचे ऊंचे सपने दिखाएंगे ड्रग्स के खेल में डाल देंगे, लड़कियों के झांसो में डालेंगे,
"यह दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है, और ना मिले तो क्या " इसका अर्थ इस भौतिक दुनिया में कुछ भी मिले या ना मिले कुछ फर्क नहीं पड़ता, सब यहीं रह जाएगा। यह संसार से विरक्ति के भाव हैं।आत्महत्या पर किसी हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए यह एक अच्छी साजिश का एक नाम है
गुरुदत्त
@MANJULtoons 2024 के समय में विकास के साथ में इस तरह की मानसिकता रखने वाला पाकिस्तान या गद्दार या कोई षड्यंत्रकारी ही माना जाता है.. इस तरह के लोग जो विकसित भारत और श्रेष्ठ व्यक्तित्व के प्रति ऐसी मानसिक रखते हैं वह देशद्रोही विदेशी आक्रांता के चमचे अव्वल दर्जी का घटिया व्यक्ति माना जाता है
@ayushimirzapur अब नेहरू का जमाना नहीं रहा नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस को रास्ते से हटाया, प्रधान मंत्री पटेल थे परंतु गांधी जी को ब्लैकमेल करके उन्हें भी हटाया। इंदिरा ने शास्त्री जी को मरवाया, सोनिया के इंदिरा गांधी के घर आते ही संजय, इंदिरा फिर राजीव गांधी का सफाया हुआ, वाड्रा परिवार ख़त्म
@ranvijaylive कितना घटिया दिमाग है तुम्हारा राजा का शौक है पूरे विश्व को एक करना और उसने कर दिया तुम्हारा शौक है इस तरह से हिजड़ों की तरह ताली पीटना और तुमने बजा दी ताली.. तुम जैसे लोगों की मरम्मत के लिए कानून आना चाहिए... फ्रस्ट्रेशन निकालने का कोई और तरीका नहीं मिला... भारत के दुश्मन
तुच्छ संस्कृति की दासता और भी तुच्छता की ओर ले जाती है। हमें किसी से प्रभावित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। संपूर्ण विश्व हमारे ज्ञान संस्कृति और धर्म से प्रभावित है। अतः इस मूर्खता से बचने का प्रयास करें और पुनः श्रेष्ठता की ओर प्रयाण करें।
जय भारत
मेरा भारत महान
भारत माता की जय
भारत के प्रत्येक नागरिक से अनुरोध है और भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है कि वे अपने देश का नाम *भारत* ही प्रयोग में लाएं। भारतीय संबोधन हमें श्रेष्ठता की ओर ले जाता है और विदेशीयों का दिया हुआ संबोधन हमें दासत्व की ओर ले जाता है।
धर्म, ज्ञान और संस्कृति के आधार पर हम मुगलों और अंग्रेजों से अनंत गुना ज्ञानी,विकसित और सुसंस्कृत है। पिंजरे में रहने के बाद भी शेर अपना अस्तित्व और अपनी पहचान नहीं खोता।
अंग्रेजी भाषा रहन-सहन खान और वैचारिक शैली हमारी संस्कृति और ज्ञान के सामने वे अत्यंत निम्न और तुच्छ हैं और
श्री कृष्ण ने भी कहा था जब धरती पर धर्म समाप्ति के कगार पर पहुंचेगा और पाप अपनी पराकाष्ठा (भार से! मियाद से नहीं,उसके भोग,उपयोग की मात्रा से) पर पहुंचेगा तो "मैं" यानि ईश्वर अधर्म का नाश करने के लिए मानव रूप मे जन्म लेंगे। कृष्ण ने कभी भी नहीं कहा कि मैं 432000 वर्ष पश्चात आऊंगा
बची कुची कमी को हमारी शिक्षा पद्धति फिल्म एडवरटाइजमेंट खानपान रहन सहन ने पूरा खत्म कर दिया।
कहां 95 % सनातनी मानव शाकाहारी,चरित्रवान, ज्ञानी और धार्मिक मनुष्य हुआ करता था।
आज 95% भारतीय मांसाहारी चरित्रहीन अज्ञानी और और अधर्मि हो चूका है।
प्रकृति,जगत जननी, महामाया,सर्वगर्भा से एक सवाल है। क्या पाप का भार प्रलय के विनाश को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है? या ईश्वर अवतार लेकर प्रकृति को इस पीड़ा से मुक्त करेगा।
पाप का भार निश्चित होता है समय या काल नहीं।