यह सब इंस्पेक्टर शमीम खान
बिहार के सारण में सरयू नदी में एक 8 साल का बच्चा डूब रहा था । शमीम खान वहां से गुजर रहे थे बिना एक पल गंवाए वर्दी में ही नदी में कूद गए
एक तरफ वह पु���िसकर्मी होते हैं जो अपने प्रमोशन के लिए बेगुनाहों का एनकाउंटर करते हैं और एक तरफ शमीम खान है जो एक बच्चे की जान बचाने के लिए खुद सरयू में कूद गए
आख़िरकार हौसले की जीत हुई! सलाम है बहन कुलसुम बानो को। 🫡
जब सिर्फ़ बुर्क़े और दुपट्टे की वजह से NEET परीक्षा केंद्र पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तब उन्होंने चुपचाप लौटने के बजाय अपने अधिकार और सम्मान के लिए आवाज़ उठाई। न डरीं, न झुकीं, न पीछे हटीं।
पूरी जांच और नियमों के पालन के बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति मिली। यह उन लोगों के लिए भी जवाब है जो हर ��ार मुस्लिम पहचान को शक की नज़र से देखते हैं।
��ुलसुम बानो की जीत सिर्फ़ एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अपने हक़, अपनी पहचान और अपने आत्मसम्मान के लिए डटकर खड़े होने की जीत है।
सलाम है इस हौसले को। 🫡🔥
RT रुकने नहीं चहिये इससे दूसरी बेटी को himmat milegi
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सऊदी अरब के मनोरंजन प्राधिकरण के प्रमुख Turki Al-Sheikh ने दावा किया है कि अभिनेता Giancarlo Esposito ने सऊदी अरब में फिल्म की शूटिंग के दौरान इस्लाम धर्म अपना लिया है।
जियानकार्लो एस्पोसिटो 'ब्रेकिंग बैड' और 'बेटर कॉल सॉल' में गस फ्रिंग तथा 'द बॉयज़' में स्टेन एडगर की भूमिका के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं।
शाहदरा रेलवे स्टेशन पर एक सीट के लिए हुए झगड़े में एक व्यक्ति को इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई।
8 पकड़े गए हैं- सब नौजवान हैं।
सोचिए क्या हाल है, किस सनक में लोग घूम रहे हैं?
I request the police to not stop people from coming at Jantar Mantar.
We are not doing anything wrong, we are just seeking justice for the students who committed suicide.
उत्तर प्रदेश ��
जिला बिजनौर में 4 दिन पहले खेत में गोकशी हुई। हिंदू संगठन पहुंचे, हंगामा किया। हसन, शमीम, शफीक पर गोकशी का आरोप लगाया।
पुलिस जांच में पता चला है कि मौजूदा प्रधान जगपाल ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी हसन को फंसाने के लिए ऐसा करवाया था। ब्रह्मपाल उर्फ संता गाय का बच्चा (बछड़ा) लेकर आया था, जिसे काटा गया।
इस मामले में प्रधान जगपाल, उसका भाई किरणपाल लाला, खेत मालिक रामअवतार, ब्रह्मपाल उर्फ संता और फैजान गिरफ्तार हैं। जुबैर, सलमान, फारुख फरार हैं।
18 साल की कुलसुम बानो को अजमेर में NEET एग्जाम सेंटर के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा क्योंकि उसने बुर्क़ा और दुपट्टा पहना हुआ है
कुलसुम का कहना है कि NTA ने हमें ऐसे पहनावे की इजाज़त दी है तो ये लोग मुझे क्यों रोक रहें हैं जबकि 3 मई को भी इसी पहनावे में मैंने पेपर दिया था
कुलसुम ने कहा अगर मेरे पहनावे की वजह से मुझे सेंटर के अंदर जाने नहीं दिया जाएगा तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी
रिपोर्टर — CBSE का फुल फॉर्म क्या है?
छात्र — Central Board of Secondary Education.
मुझे पता है कि आप ऐसा सवाल क्यों पूछ रहे हैं और इसके पीछे आपकी क्या मंशा है, लेकिन यह ऐसी बात पूछने का मंच नहीं है। कृपया इस विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने की कोशिश मत कीजिए।
रिपोर्टर की बोलती बंद हो गई।
Rainbow स्क्वॉड ने करारा जवाब देकर पूरा खेल पलट दिया!
बुलडोज़र और एनकाउंटर नी��ि की परीक्षा
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के खेकड़ा के रहने वाले पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में गार्ड की नौकरी करते थे। बीते रोज़ भी वो अपनी ड्यूटी समाप्त करके अपने घर लौट रहे थे। शाहदरा रेलवे स्टेशन पर योगा एक्सप्रेस आई तो पंकज ने उसमें बैठने की कोशिश ��ी, इसी कोशिश के दौरान उनकी ट्रेन में मौजूद सहयात्रियों से कहा सुनी हो गई। चंद मिनट में ही मारपीट शुरू हो गई। पंकज को सहयात्रियों ने बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद किसी भी यात्री ने पंकज को बचाने या बीच-बचाव करने की कोशिश तक नहीं की, सब तमाशबीन बने रहे। पंकज काफी देर तक वहीं तड़पते रहे। जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, तब तक देर हो चुकी थी, ज़िंदगी ने पंकज का साथ छोड़ दिया था।
अब दिल्���ी पुलिस ने पंकज की हत्या में शामिल रोहित, सागर हर्षित, निशांत, जीवन, प्रिंस, आकाश और रोहित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी तो हो चुकी है, अब सवाल पंकज को न्याय का है। क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में न्याय की बुलडोज़र नीति अमल में लाई गई है। दिल्ली का तरुण हत्याकांड हो, ग़ाज़ियाबाद का सूर्या हत्याकांड हो या फिर देहरादू�� का विनोद कश्यप हत्याकांड। ये वो हत्याकांड हैं जिसमें सरकार ने त्वरित कर्रावाई करते हुए आरोपितों के घरों को बुलडोज़र चलाकर ध्वस्त किया है। और एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि बुलडोज़र की यह ‘न्याय नीति’ सिर्फ उन्हीं मामलों में ‘न्याय’ कर पाई है, जिसमें आरोपी ‘दूसरे’ समुदाय के थे। इसके अलावा जिन ‘सनातनियों’ की हत्या के आरोपी ‘दूसरे’ नहीं थे, उसमें ‘न्याय’ का बुलडोज़र एक इंच भी नहीं खिसक पाया। ग़ाज़ियाबाद में चिराग़ त्यागी के पिता अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार से मांग करते रह गए, कि उनके बेटे के हत्यारों का एनकाउंटर हो, उनके घरों पर बुलडोज़र चले! लेकिन किसी ने भी उनकी इस मांग को नहीं सुना। उत्तराखंड में केतन के घर वाले भी यही मांग करते रह गए, लेकिन सरकार और पुलिस ने बुलडोज़र चलाने या आरोपितों का एनकाउंटर करने की हिम्मत ही नहीं जुटाई।
यहां से सवाल उठता है कि पंकज धामा को इंसा��� मिलेगा या नहीं? इसका सीधा सा जवाब ��ै कि यदि पंकज को मारने वालो में ‘दूसरे’ लोग शामिल होते तो अब तक पुलिस और सरकार पंकज की हत्या का बदला लेकर उसे ‘इंसाफ’ देने की घोषणा कर चुकी होती। लेकिन आरोपी ‘दूसरे’ नहीं हैं, इसलिए खामोशी है, सन्नाटा है। कोई हिन्दुवादी संगठन खेकड़ा स्थित पंकज के घर सांत्वना देने नहीं जाएगा, इसकी भी उम्मीद कम ही है। हाँ! अगर आरोपी ‘दूसरे’ होते तो अब तक बवाल मच चुका होता, हिन्दुवादी संगठनों के अराजक तत्व पंकज ध���मा को न्याय दिलाने के नाम पर ‘दूसरे’ समुदाय के खिलाफ घृणा, कुंठा, सांप्रदायिकता का नंगा नाच कर रहे होते। कोई जनसंहार का आह्वान कर रहा होता, तो कोई बहिष्कार का आह्वान कर रहा होता। लेकिन अब! अब सब खामोश हैं। क्यों? क्या पंकज सनातनी नहीं थे? क्या वो हिंदू नहीं थे? क्या उनकी लिंचिंग नहीं हुई है? क्या वो इंसाफ के हक़दार नहीं हैं? क्या हिन्दुवादी संगठनों के ये लोग ऐसे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए प्रत��बद्ध नहीं हैं, जिन्हें ‘दूसरों’ ने नही मारा?
संभल के कसेरवा गांव की मुस्तफ़ा क़ादरी मस्जिद में I Love Mohammad लिखे पोस्टर और इस्लामिक झंडा मिलने पर पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली सहित 8 मुस्लिम व्यक्तियों के खिलाफ़ FIR दर्ज की थी, एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बरामद सामग्री में हिंदू समुदाय के बीच आक्रोश पैदा करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता थी। BNS की धारा 353(2) जिसका मतलब झूठी अफवाहें, भड़काऊ समाचार या गलत जानकारी फैलाते है, इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के बीच नफरत और दुश्मनी पैदा करने से रोकना होता हैं।
बीबीसी ने जब इस FIR पर संभल के एसपी के०के बिश्नोई से सवाल किया तो साहब ने जवाब ऐसा दिया जिसमें ��ाफ़ साफ़ दिख रहा है कि FIR जबरन की गई हैं बिना वजह की गई है और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला किया गया है। FIR एल आई यू की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज करना बताया गया है, वाह जी वाह।
Welcome to South India खान सर 🇮🇳 ❤️
आप हमारे south India में आये Karnataka में आइए, Tamil Nadu में आइए, kerala में आए पूरे South India में कहीं भी आइए हम आपका दिल से स्वागत करेंगे।
खान सर के शुभचिंतक पूरे देश में है ❤️