महाराष्ट्र TET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई। 6 लाख अभ्यर्थी अधर में। दो हफ्ते हो गए, नई तारीख़ का कोई अता-पता नहीं।
लीक करने वाले आज़ाद, सिस्टम बेदाग़ और सज़ा भुगत रहा है वो जिसने ईमानदारी से मेहनत की।
ये देश के कार्यरत और होने वाले शिक्षक हैं जिनके हाथ में भारत का भविष्य है - ये वही लोग हैं जिन्होंने साल दर साल तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी, दूर-दराज के सेंटर तक गए। और अब बस इंतज़ार कर रहे हैं, बिना तारीख़, बिना जवाब।
मुख्यमंत्री जी - तीन चीज़ें, आज ही:
1. समय-सीमा : TET की नई तारीख़ अभी घोषित कीजिए।
2. जवाबदेही : लीक के ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई हो, अभ्यर्थी पर नहीं।
3. भविष्य की रक्षा : जिनका साल इस लीक के कारण बर्बाद हुआ, उन्हें उम्र सीमा में छूट दी जाए।
गलती संस्था की, सज़ा अभ्यर्थी को - यह इंसाफ़ नहीं है।
17 जुलाई को देहरादून में मैं पेपर लीक के बढ़ते संकट पर आपसे विस्तार से बात करूंगा। अब समय आ गया है शिक्षा क्रांति का - ऐसी व्यवस्था बनाने का, जहां युवाओं को सिस्टम की नाकामी नहीं, अपनी मेहनत का फल मिले।
#ChhatronKiGoonj
Wasn’t the Cockroach party aimed at forcing the Modi govt to remove the the incompetent Dharmendra Pradhan as Education minister? Why the change of goal posts & outcry for @RahulGandhi? Sure Wangchuk should be given an off ramp to end his hunger strike because the Modi govt as anyone could have predicted will not budge. But, from targeting the Modi govt to targeting Gandhi & the opposition is bizarre
कमाल है!
सब लगे हुए हैं कि सोनम वांगचुक के पास राहुल गांधी को जाना चाहिए लेकिन कोई ये नहीं कह रहा कि नरेंद्र मोदी को सोनम के पास जाना चाहिए।
उनकी मांग राहुल पूरी कर सकते हैं या फिर मोदी?
See how these AAPiYas have shifted the narrative from NEET scam and Dharmendra Pradhan to blaming Rahul Gandhi.
This is what BJP wants. Don’t fall for these scammers - CJP and AAP.
Rahul Gandhi and INC must extend full support to CJP and Wangchuk the moment all of them extend full support to Rahul and INC from today onwards, and openly declare their opposition to Modi, BJP, RSS and Kejriwal.
Till then, the fakery masters can keep crying and pontificating, but will remain what they were from Day 1 - planted fake stooges of AAP (= BJP = RSS).
End your fast now Sonam, and go back to Ladakh. Else Dipke will get what he has been groomed for.
Odd Day: विपक्ष काम नहीं कर पाया इसलिए CJP का जन्म हुआ. हमें विपक्ष के नेताओं की जरूरत नहीं है.
Even Day: विपक्ष के नेता हमारा सपोर्ट क्यों नहीं कर रहे हैं? उन्हें CJP का समर्थन करना चाहिए, नहीं तो सब जान जाएंगे कि वो राजनीति कर रहे हैं.
Bizarre! Suddenly the pressure is on Sonam Wangchuk to stop fasting and on Rahul Gandhi to support him..
and NOT on the Education Minister to answer!!!
BJP सरकार का नया जादू 👇
मध्य प्रदेश में 'अदृश्य कॉलेज' पाया गया है।
ये कॉलेज कागजों में तो सारी सुविधाओं से लैस है, लेकिन असलियत में वहां सिर्फ 'खाली जमीन' है।
इस खाली जमीन पर कॉलेज कैम्पस नहीं है, मगर हर साल करीब 150 शिक्षक यहां से ट्रेनिंग लेकर निकलते हैं।
यानी- भ्रष्टाचार चरम पर है और BJP सरकार शिक्षा माफियाओं के साथ मिलकर युवाओं के भविष्य में पलीता लगा रही है।
• देहरादून में राहुल गांधी को कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं मिलती.
• लेकिन दिल्ली में लोगों को प्रदर्शन करने की इजाजत मिल जाती है.
ये फर्क है
पूरा खेल है कि खुद का विपक्ष खड़ा किया जाए, जो सरकार के हिसाब का हो. जो मोदी से ध्यान भटकाकर, प्यादों को निशाना बनाए.
@iArpitSpeaks@RahulGandhi Vibrant democracy in this country people can ask questions to opposition only the moment they will ask question to government they will face problems why don't you ask millions of followers of CJP where the hell are they
3 Idiots me sabse 'loser' character real life mein sabse courageous nikle... aur baaki teen 'heroes' sabse bade losers. Who would've thought? More power to you, bhai. ❤️
@swanandkirkire India has really a vibrating democracy everyone has audacity to ask questions to Congress only no-one has backbone to ask questions to government what an irony
बहुत से लोग सवाल कर रहे हैं. राहुल गांधी CJP के प्रोटेस्ट में क्यों नहीं जा रहे.
मतलब यहां भी सवाल मोदी से नहीं किया जा रहा, चालाकी से निशाना राहुल गांधी को बनाया जा रहा है.
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल कर रहे हैं. उनकी मांग सरकार से है, जवाबदेही भी सरकार की है. मोदी की है.
राहुल गांधी वहां जाएं या न जाएं ये सवाल ही नहीं होना चाहिए.
आपका फोकस ये होना चाहिए कि मोदी सरकार कितनी क्रूर है कि आपकी सुन नहीं रही.
बाकी जो लोग सवाल पूछ रहे हैं - सवाल उनसे भी है. सोनम वांगचुक भारत जोड़ा यात्रा में क्यों नहीं जुड़े.
जब EVM, वोट चोरी, SIR के खिलाफ राहुल गांधी आवाज उठा रहे थे, तब सोनम वांगचुक ने साथ क्यों नहीं दिया.
तब तो किसी ने नहीं पूछा कि सोनम खामोश हैं, इसका मतलब है कि वो राजनीति कर रहे हैं.
सबकी लड़ाई अपनी है, सोनम वांगचुक और CJP की लड़ाई अपनी है.
आपने अपने प्रदर्शन की शुरूआत ही इससे की है कि विपक्ष खराब है.
अब जब भीड़ नहीं जुट रही, लोग साथ नहीं आ रहे तो आप उसी विपक्ष को अपने साथ आने को कह रहे हैं.
उल्टा धमका भी रहे हैं कि आपको लोग जान जाएंगे. जबकि आपको अपनी ये धमकियां मोदी के लिए रखनी चाहिए- जिसका नाम भी आप लोग नहीं लेते.
धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी पर अपने मन से नहीं बैठा, मोदी ने बैठा रखा है, इसलिए सही जगह टारगेट कीजिए.
विपक्ष को खराब बताकर आप मोदी को ही मजबूत करने में लगे हैं. फिलहाल तो ऐसा ही लगता है.
Environmental activist and former IIT professor G. D. Agrawal died after a 111-day hunger strike in 2018, demanding stronger legal protection for the Ganga River.
Neither the media covered his protest nor did the government listen to him.
बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए ‘विश्वगुरु’ का यह बयान सुनिए।👇👇
“आज भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा Beef प्रोड्यूसर है…”
न्यूज़ीलैंड में यह कहते हुए प्रधानमंत्री मोदी गर्व महसूस कर रहे हैं।