प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
“एक राजा था। उसके चाटुकारों ने उसको कह दिया था कि वह महान है। एक दिन किसी ने उसको आईना दिखा दिया। इसके बाद राजा ने ऐलान कर दिया, “जो आईना दिखाए वह दुश्मन है। जो सवाल पूछे है वो ग़द्दार है।
ऐसा ही एक राजा हमारे देश में भी है”
सपनों का सौदागर हूं और जुमलों से बहलाऊंगा
आज की रोटी छोड़ दो, कल चांद दिखलाऊंगा
ये है 2047 विकसित भारत की हकीकत।
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही कहा, मुझे 60 दिन दे दो, फिर 60 हफ्ते मांगे, फिर 60 महीने।
जब कुछ नहीं हुआ तो कहा- 2022 तक सबके सिर पर छत होगी, किसानों की आय दोगुनी होगी, 2 करोड़ रोजगार हर साल दूंगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
अब नरेंद्र मोदी 2047 की बात कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी 2047 की बात कर अपने 2-3 साल शांति से गुजारना चाहते हैं, लेकिन ये हो नहीं पाएगा।
क्योंकि ये परीक्षा ठीक से करा नहीं पा रहे, तेल दे नहीं पा रहे। अब देश को इनके 2047 वाले लॉलीपॉप में कोई इंट्रेस्ट नहीं है।
नरेंद्र मोदी की विदेश नीति देखें तो विदेशों में कोई आपका दोस्त ही नहीं बचा। ईरान से दुश्मनी ले ली और गैस का संकट खड़ा हो गया।
हमारा निवेदन है कि एक अच्छा सलाहकार लाइए, जो आपको अगले 2-3 साल तक मार्गदर्शन दे सके या फिर खुद मार्गदर्शन मंडल में शामिल हो जाइए।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
क्या आपको नहीं लगता Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए?
बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं।
पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI double century लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL debut करने वाले खिलाड़ी बने। और गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।
लेकिन एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही जिसके हम हकदार हैं।
मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी world class infrastructure और support बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।
और मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूँ। बिहार की क्रिकेट टीम और यहाँ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से unconditional support दूंगा।
बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक emotion है।
और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का talent मैदान पर दिखे।
आप जब मुँह खोलते हैं, देश से कुछ माँगते हैं। चुनाव से पहले वोट, और चुनाव के बाद त्याग।
अगर सारा त्याग देश ही करेगा, तो आप क्या करेंगे प्रधानमंत्री जी ?
“आर्थिक संकट इसलिए पैदा हुआ है, क्योंकि लोग सोना खरीदते हैं
बताइए - आपके गले उतरती है यह बात?”
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कलई खोल रहे हैं!
ग़ज़ब फेकू है!
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
पिता ने आजीवन परिवारवाद पर लेक्चर देने के बाद अपने बेटे को राजनीति में सेटल करने की शर्त पर ही कुर्सी छोड़ी!
परिवारवादी बेटे ने भी 2 ही दिन में लग्ज़री यात्रा छोड़, कार्यकर्ताओं को मुँह चिढ़ाते हुए, पलटी मारते हुए पिछले दरवाजे से मंत्री बनने का कार्यकर्ता-विरोधी विकल्प ही चुना!
जिसमें पलटी मारना ही हो नीति
वही रही सदैव कुर्सी कुमार की राजनीति!
#RJD #bihar #TejashwiYadav
ED, CBI, चुनाव आयोग, ढाई लाख केंद्रीय सुरक्षा बल, चुनाव में हज़ारों करोड़ खर्च करना, DGP CS DM SP को हटाना, SIR के जरिये 27 लाख मतदाताओं को मताधिकार से वंचित रखना।
फिर TMC को हराकर मोदी और गोदी मीडिया द्वारा ढोल पीटना।
अगर ये लोकशाही है तो फिर तानाशाही क्या है?
यह वीडियो देख कर शून्य हूँ
ओडिशा के जीतू मुंडा के कंधे पर उनकी बहन का कंकाल है. बहन की मृत्यु हो गई
बैंक से 19,300 रुपए निकालने थे
बैंक वालों ने इतने चक्कर लगवाए, इतने काग़ज़ मांगे कि थक हार कर यह कदम उठाया
इन्हीं बैंकों से धन्ना सेठों के 16 लाख करोड़ माफ होते हैं, लेकिन यही बैंक एक गरीब को इस तरह मजबूर कर देते हैं
घटना स्तब्ध करने वाली ज़रूर है, लेकिन इस देश के गरीब की असहाय होने की और इंसानियत के मार जाने का प्रमाण है
चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार!
29th April के बाद देखिए - पेट्रोल, डीज़ल, सब महंगे होंगे।
जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ने अपना मुनाफ़ा रखा। अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी।
सस्ते की लूट मचाती सरकार - जनता को बस महंगाई की मार।