@mediacellsp अखिलेश जी, आपके पाले हुए भू-माफिया और अवैध सिंडिकेट के गुर्गे आज योगी जी के डर से कांप रहे हैं। अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख आप हर जायज प्रशासनिक सुधार को उत्पीड़न का रंग दे रहे हैं। यह आपकी राजनीतिक कंगाली और भारी कुंठा का जीता-जागता प्रमाण है।
@mediacellsp योगी सरकार में नियम, कानून और सुरक्षा सर्वोपरि हैं। पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़ाई से धरपकड़ अभियान चला रही है और इस वारदात में संलिप्त हर एक बदमाश का बहुत जल्द कड़ा इलाज होना तय है। अपराधियों के पुराने संरक्षकों को प्रशासन की यही त्वरित कड़ाई पच नहीं रही है।
@mediacellsp तस्वीर के नीचे कमेंट में प्रबुद्ध जनता खुद लिख रही है कि सपा का यह आरोप पूरी तरह अतिरंजित और राजनीतिक है। जिन लोगों ने जीवनभर राम मंदिर का विरोध किया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज चुनावी लाभ के लिए हमारे पावन तीर्थों और राष्ट्रभक्त संगठनों पर कीचड़ उछाल रहे हैं।
@mediacellsp अखिलेश जी, भाजपा में हर नेता और सहयोगी पूरी मजबूती और गरिमा के साथ प्रदेश की २५ करोड़ जनता की सेवा में जुटा है। अपनी पारिवारिक कलह और कुर्सियों के लिए भाई-भतीजावाद का गंदा खेल खेलने वाले लोग आज भाजपा के सुशासित संगठन पर उंगली उठाने की फ्लॉप कोशिश कर रहे हैं।
@mediacellsp कानपुर हो या उत्तर प्रदेश का कोई अन्य जिला, नियमों के दायरे में आने वाले वैध प्रतिष्ठानों को सुरक्षा देना और अवैध निर्माणों पर कड़ा प्रहार करना ही सरकार की प्राथमिकता है। कानून सम्मत नोटिस और प्रशासनिक जांच के तकनीकी पहलुओं पर भ्रामक अफवाह फैलाना बेहद शर्मनाक है।
@yadavakhilesh एक तपस्वी, निष्काम कर्मयोगी और पूजनीय संन्यासी मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसी कुंठित और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना सपा के नैतिक पतन का प्रमाण है। सुबह ३ बजे उठकर जनसेवा और लोक-कल्याण में लीन रहने वाले सन्यासी के खिलाफ फैलाई गई झूठ की फैक्टरी कभी सफल नहीं होगी।
@mediacellsp सपा का आधिकारिक हैंडल अब सिर्फ एक "अफवाह और नकारात्मकता की फैक्टरी" बनकर रह गया है। स्थानीय खबरों और न्यूज कटिंग्स का राजनीतिकरण करके प्रदेश की छवि को धूमिल करने की आपकी यह कुत्सित कोशिश पूरी तरह फ्लॉप साबित होगी। यूपी की जागरूक जनता आपका असली चेहरा जानती है।
@mediacellsp "गौ-तस्करी" और "अवैध बूचड़खानों" का सिंडिकेट किसके राज में सरकारी संरक्षण में चलता था, यह पूरा प्रदेश जानता है। योगी जी के आते ही कड़े कानून के डर से जिन कसाइयों और माफियाओं के आकाओं की दुकानें बंद हो गईं, उनकी छटपटाहट आज सपा के इस भड़काऊ पोस्ट में साफ दिख रही है।
@mediacellsp सपा राज का वो खौफनाक दौर पूरा प्रदेश याद रखता है जब बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, सरेआम जमीनों पर अवैध कब्जे होते थे और अपराधी पुलिस पर हावी थे। आज भाजपा के कड़े प्रशासनिक सुशासन में बड़े से बड़े माफिया जेल की कालकोठरी में हैं या प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं।
@mediacellsp सपा का आधिकारिक हैंडल अब सिर्फ एक "अफवाह और प्रोपेगैंडा फैक्टरी" बनकर रह गया है। चुनिंदा पुरानी या तकनीकी विसंगतियों की न्यूज कटिंग्स दिखाकर पूरे प्रदेश के ऐतिहासिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्ल्ड क्लास डेवलपमेंट को झुठलाने का आपका यह प्रयास पूरी तरह फ्लॉप है।
@mediacellsp भ्रष्टाचार और लूट की बात वो कर रहे हैं जिनके शासनकाल में गोमती रिवरफ्रंट से लेकर खनन तक सिर्फ और सिर्फ घोटालों का सिंडिकेट सक्रिय था। आज भाजपा की शून्य भ्रष्टाचार नीति ने बिचौलियों और दलालों की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी हैं, जिससे विपक्ष में भारी बौखलाहट है।
@mediacellsp भ्रष्टाचार के हिसाब-किताब की बात करने वाली सपा असल में खुद घोटालों की जननी है। एनआरएचएम घोटाले से लेकर खनन घोटालों के दाग जिनके दामन पर लगे हैं, वो आज उस योगी सरकार पर उंगली उठा रहे हैं जिसकी जीरो टॉलरेंस नीति ने दलालों और बिचौलियों की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी हैं।
@samajwadiparty भ्रष्टाचार और अवैध सिंडिकेट की जननी समाजवादी पार्टी आज न्याय की रक्षक बनने का नाटक कर रही है! एनआरएचएम घोटाले से लेकर खनन घोटालों के दाग जिनके दामन पर लगे हैं, वो आज भाजपा की त्वरित और पारदर्शी सुधारात्मक नीतियों पर उंगली उठाने की फ्लॉप कोशिश कर रहे हैं।
@mediacellsp भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है। सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत नैरेटिव फैलाकर समाज में अविश्वास पैदा करने की समाजवादी पार्टी की यह घिनौनी कोशिश पूरी तरह फ्लॉप साबित होगी। तथ्यहीन आरोपों से आपकी राजनीतिक जमीन वापस नहीं आएगी।
@mediacellsp ट्विटर के बंद कमरों में बैठकर हर संवेदनशील और प्रशासनिक मुद्दे पर भड़काऊ और मनगढ़ंत नैरेटिव सेट करना सपा मीडिया सेल की पुरानी क्रोनोलॉजी है। उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता धरातल पर हो रहे कड़े प्रशासनिक सुशासन, त्वरित जांच और कड़े एक्शन को बखूबी देख रही है।
@mediacellsp "आर्थिक चोट" का विलाप वो लोग कर रहे हैं जिनके शासनकाल में गोमती रिवरफ्रंट से लेकर खनन तक सिर्फ और सिर्फ बड़े घोटालों का सिंडिकेट सक्रिय था। आज जनता का पैसा सीधे देश के विकास और किसानों के खातों में जा रहा है, जो कि भ्रष्टाचारियों को बिल्कुल पच नहीं रहा है।
@mediacellsp चुनाव का इंतजार तो उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता कर रही है, ताकि आपकी इस नकारात्मक, हताश और गाली-गलौज वाली राजनीति को एक बार फिर धूल चटाई जा सके। जनता ने लगातार सुशासन, पारदर्शी विकास और गुंडाराज के खात्मे पर अपना अटूट भरोसा जताया है।
@yadavakhilesh अखिलेश यादव जी, 'जल-जंगल-जमीन' के वास्तविक अधिकार भाजपा सरकार की नीतियों से मजबूत हुए हैं। देश के कोने-कोने में आदिवासी युवाओं के लिए 'एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय' खोलकर उन्हें पहले वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का काम पीएम मोदी जी के सुशासन में हो रहा है।
@mediacellsp "भाग खड़े होने" की बात वो कर रहे हैं जिनके राज में थानों से लेकर सचिवालय तक सिर्फ अपराधियों का बोलबाला था और आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए दर-दर भटकती थी। आज भाजपा राज में कानून का इकबाल इतना बुलंद है कि बड़े से बड़े दोषी और भ्रष्टाचारी जेल की कालकोठरी में दिखाई देते हैं।
@mediacellsp जांच को "ढाँक और बाँट" बताने वाले अखिलेश यादव जी खुद भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े सिंडिकेट के जनक रहे हैं। गोमती रिवरफ्रंट से लेकर एम्बुलेंस तक, आपके राज में हर जगह सिर्फ और सिर्फ लूट मची थी। आज पारदर्शी व्यवस्था देखकर आपकी राजनीतिक दुकान बंद हो चुकी है।