@PrinceV93789344@Suryakant_Waghm IITs में दाखिला गधे नही पाते है बहुत होनहार छात्र पाते है कुछ वैशाखी के सहारे चले जाते है तो वहाँ के माहौल में ढल नही पाते इसलिए मर जाते।
खिलाड़ियों को सिखाने वाले कोच तो आरक्षण से ही आते हैं ना??
वैसे चीन, जापान और साउथ कोरिया में खेल के कोच आरक्षण से नहीं आते!
ना ही खेल का 75 गुना बजट SC/ST welfare पर खर्च होता है!
ओडीशा के किसी सामान्य वर्ग के NEET परीक्षार्थी को आप जानते हों जिन्हें नई आरक्षण नीति के कारण इस बार सीट न मिली हो तो कृपया हमें संपर्क करें। हम आपका केस निःशुल्क लड़ेंगे।
विद्यार्थी या उनके माता-पिता हमसे संपर्क करें।
@ashokshera94 इसमें घर वालो कि गलती है पूरी पूरी रोड पर तुम्हारा घर से बच्चो का ध्यान रखो।
घटना दुःखद है लेकिन अब क्या ही होगा कुछ नही बस पूरी जिंदगी दुःख रहेगा।
सार्वजनिक हुए CCTV फुटेज से संस्थान में घटित घटना के तथ्य स्पष्ट होते हैं। यह हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है। SC/ST Act के प्रावधान लागू करने से पूर्व प्रत्येक मामले के तथ्यों का निष्पक्ष एवं समुचित परीक्षण किया जाना आवश्यक है, ताकि जाति-आधारित भेदभाव अथवा अत्याचार के आरोप तथ्यात्मक आधार पर ही लगाए जाएँ।
यूपी के वाराणसी में UGC और SC/ST एक्ट के विरोध में गौतम मिश्रा बल्लू, सनातनी चंदन बाबा, बृजेश मिश्रा समेत कई लोग 7 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे है। भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की तबीयत नाजुक बनी हुई है।
बता दें कि IIT बॉम्बे में फरवरी में नमन अग्रवाल और जुलाई में रोहिल सांगवान नाम के 2 छात्रों ने भी आत्महत्या की थी!
लेकिन इन दोनों बच्चों की मौत पर कोई हंगामा नहीं हुआ, किसी आयोग ने जांच नहीं की!
क्योंकि दोनों बच्चे सामान्य वर्ग से थे!
इसलिए आज NCGC (सवर्ण आयोग) की ज़रूरत है!
ताकि सामान्य वर्ग के बच्चों की मौत की जांच भी हो, और उनके मौत की खबरें नेता और मीडिया दबाकर अपनी राजनीति ना चमकाएं!
पहली बात, OBC के साथ जातिवाद नहीं होता!
उनको आरक्षण पिछड़ेपन की वजह से मिलता है!
ST को भी आरक्षण उनके geographical isolation की वजह से मिलता है, जातिवाद की वजह से नहीं!
तीसरी बात, SC/ST एक्ट सबसे ज़्यादा OBC पर लगते हैं (बिहार/UP में यादवों पर ज़्यादा).
चौथी बात, UGC 2012 नियम पहले से ही हैं, नए नियम क्यों? UGC 2023 नियमों में भी शिकायत सिर्फ SC/ST/OBC कर सकते हैं, ऐसा क्यों?
सबसे अहम बात- किसके साथ कौन सा उत्पीड़न हो रहा है, और कौन कर रहा है, इसका डेटा किधर है? क्योंकि डेटा तो ये दिखाता है कि सामान्य वर्ग के बच्चों को सबसे ज़्यादा प्रोटेक्शन की ज़रूरत है!
तो डेटा लेकर आइए, औऱ बताइये की कौन किसका उत्पीड़न करता है और फिर नियम कानून बनाइये!
बड़े बड़े भाषण देकर, और लोगों को शब्दों में उलझाकर सिर्फ राजनीति मत चमकाईये🙏
#UGC_Rollback