दिल्ली BJP मुख्यालय पर,
युवा कांग्रेस के बब्बर शेरों का हल्ला बोल✊🏻🔥
पेपर लीक और छात्रों के भविष्य के साथ विश्वासघात के जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो...
नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी के #ChhatronKiGoonj अभियान के तहत आज IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC समेत युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 📍दिल्ली में भाजपा की लीक शिक्षा व्यवस्था और धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की माँग को लेकर BJP मुख्यालय का घेराव किया।
"The Congress Party is a resistance movement protecting the idea that all Indians are equal."
Listen to LoP Shri @RahulGandhi's podcast, 'Resistance Works: My Speech at the INDIA Alliance Meeting' 👇
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता हैं - उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के SC-ST समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।
लेकिन यह कोई नई बात नहीं है - यह BJP-RSS की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है।
बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या SC-ST समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों - भाजपा और RSS का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं।
यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है।
और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा सवाल है - क्या आप हिमंता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है।
प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुँह न खोलें - वो न सिर्फ अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
When CEC is questioning CP Kolkata, CS West Bengal about their entry into AIS at the same time the entire country is surprised how a Person like Gaynesh Kumar present CEC got this constitutional post in spite of not clean career in state cadre. How will he respond to 193 MPs moving a resolution to impeach him.