डॉक्टर @DrAMSinghvi जी, भोजपुरी में एक गीत है: AI है कि, कहीं दे आई है। बहुत कर्णप्रिय गीत है। आपको एक खल्वाट वकील महोदय की याद दिलाएगी।
और हाँ, इतने अच्छे वकील हो कर, जो अनपढ़ों वाली हरकत आपने अपने ट्वीट में की है, वही अब आपके नए अपमान का कारण बनेगा। हालाँकि, आपके जैसे लोगों को सम्मान तो कितना है, वो सब जानते ही हैं।
अधूरा ज्ञान बहुत ख़तरनाक होता है। विशेषकर जब पौराणिक ग्रंथों और परंपराओं के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करनी हो तो। स्मैश द पैट्रियार्की के साथ भी यही हुआ ।
@AmanChopra_@News18India
Ajeet Bharti roasted Chandrashekhar Azad Ravan again 🤣🔥
Chandrashekhar was making extremely shameful and derogatory remarks against Kajal Hindustani, so Ajeet Bharti gave him a fitting reply. 🙌🔥
"हम नगरपालिका में सफाई कर्मचारी का काम करते हैं, अभी टॉयलेट साफ करके आ रहे हैं, नाम में सरनेम भी नहीं लगाते! हम गरीब के बच्चों का कौन सोचेगा?
क्या हम वंचित नहीं, हमको किस बात की सज़ा मिल रही है?"
-ये कहना है एक राजपूत जाति के युवक का
ये हाल हो गया है आज GC का, आखिर उनके इस दुख से किसी को क्या खुशी मिलती है?
ये कैसा सामाजिक न्याय है??
आज देश में सब जातियों में होड़ लगी है कि कौन कितना अपने अपने आप को दलित,पिछड़ा साबित कर सकता है! सिर्फ आरक्षण की मलाई खाने के लिए?
#ReservationReformआंदोलन
Reservation, Reform & Rights
Samajwadi Party opposed women's reservation because they demanded a 'quota within a quota'. They were afraid the creamy layer would get all the reservation... Then why is there no 'quota within a quota' in the SC/ST?: @ARanganathan72
There is a lot of misunderstanding around why reservation was given. It was given just for 10 years for political reservation... But that article was modified and extended to 80 years...: @neha_laldas speaks on 'why reservation was given?'
INDIA UPFRONT | @RoyPranesh
जब दिल्ली मेट्रो का सबसे व्यस्त स्टेशन अचानक जातिगत आरक्षण विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया।
देखिए राजीव चौक का यह वायरल नज़ारा।"
कब तक रोकेगा मोदी, यह सवर्ण समाज का आक्रोश है, तानाशाही शासन को उखाङ फैकेगा
जंतर-मंतर पर बेड़ियां पहनकर मोहित सिंह चौहान का प्रदर्शन
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर मोहित सिंह चौहान ने बेड़ियां पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, “मुझे फांसी दे दो, मुझे यहीं गोली मार दो।”
सोशल मीडिया पर साझा जानकारी के मुताबिक, चौहान का आरोप है कि मोदी सरकार ने हिंदुत्व के नाम पर सवर्ण समाज के साथ धोखा किया है। बेड़ियां पहनकर उन्होंने खुद को व्यवस्था का “गुलाम” बताया।
समर्थकों का कहना है कि देश और धर्म की जिम्मेदारी किसी एक समाज की नहीं है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि फिलहाल मोहित सिंह चौहान पुलिस हिरासत में हैं। हालांकि इस घटनाक्रम और हिरासत संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
This brother came to the Jantar Mantar protest after finishing his housekeeping job. After cleaning the toilets, he came to ask the government:
‘Where are our rights?’ He also belongs to the General Category.
See the pain in this man’s eyes. 💔🇮🇳
Nothing hits quite like watching a Congressi get a taste of the medicine they’ve been prescribing to others.
And this time, the so-called “big lawyer” got his dose from @ajeetbharti bhai himself. 🔥