वे डरते हैं
किस चीज़ से डरते हैं वे
तमाम धन-दौलत
गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद?
वे डरते हैं
कि एक दिन
निहत्थे और ग़रीब लोग
उनसे डरना बंद कर देंगे।
#jantarmantar#cjp
@kaankit Bjp IT cell ne jo diya hai , ab wahi unko return may mil raha hai;bas plateform alag hai log alag hai , dikkat to honi hi hai vipaksh palatwar kar raha hai ...
@Shubhamshuklamp नेताओं के पीछे चलने वाला हर व्यक्ति मूरख होता हैं। राजनीति में कोई किसी का नहीं होता बस सब समय समय की बात होती हैं अगर नेताओं को लगेगा उनकी राजनीति खतरे में हैं तो ओ खुद मरवा देंगे। बाकी जो जैसा करेगा वही वापस भी आएगा।
बहुत ही गंभीर विषय..
आखिर हमारा देश जा कहा रहा हैं? जिस देश में चुनाव के समय हजारों करोड़ों की रेवड़ियां मुफ़्त बाट दी जा रहीं हैं उस देश में स्कूलों कॉलेजों को चलाने का पैसा नहीं हैं। जिस तरह देश में हालात हैं उस तरह से युवाओं का संघर्ष जायज हैं।
@RahulGandhi
कारगिल की चोटियाँ आज भी साक्षी हैं कि राष्ट्र केवल शब्दों से नहीं, बल्कि बलिदानों से सुरक्षित रहता है। कुछ वीर अपने नाम इतिहास में नहीं, तिरंगे की हर लहर में लिख जाते हैं। उनका त्याग किसी एक युद्ध की विजय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वाभिमान की नींव है। कारगिल विजय दिवस उन अमर वीरों के प्रति राष्ट्र की अनंत कृतज्ञता का दिवस है।
जय हिन्द 🇮🇳
मुगलों ने सदियों तक राज किया,अंग्रेजों ने भी लंबे समय तक शासन किया उनके शासन की आलोचनाएँ इतिहास में दर्ज हैं, लेकिन जितनी नफ़रत और सामाजिक विभाजन पिछले कुछ वर्षों में देखने को मिला है,उतना शायद पहले कभी नहीं दिखा।
@INCIndia लड़ाई शिक्षा की है इसलिए सब मौन हैं क्योंकि यह मुद्दा न वोटों को ध्रुवीकृत करता है, न टीवी बहसों की टीआरपी बढ़ाता है। अगर यही विवाद चुनाव, वोट, जाति या मजहब का होता, तो बयान घंटों में आ जाते टीवी पर बहसें कई दिनों तक चलतीं, पर यहाँ प्रश्न छात्रों का है, उन युवाओं का है
लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होनाचाहिए।आज दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अन्य लोगों पर हुए कथित लाठीचार्ज की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।जब युवा अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरते हैं तो उनकी आवाज़ को सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
#cjp_पार्टी#संसद_मार्च
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारत माता के वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि।
सूबेदार मेजर पवन कुमार
राइफलमैन सुनील कुमार
लांस नायक दिनेश कुमार
एविएटर मूद मुरलिनाइक
हवलदार सुनील कुमार सिंह
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार
राष्ट्र आपकी वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
शत्-शत् नमन
ॐ शांति
भारत का अपना फ्लाइंग एक्सप्रेस!!
गुरिंदरवीर सिंह के नाम अब 100 मीटर रेस में सबसे तेज दौड़ने का कीर्तिमान दर्ज हो गया है। उन्होंने 100 मीटर की दौड़ सिर्फ 10.09 सेकंड में पूरी कर इतिहास रच दिया। यह एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।