जब तक देश में बाहुबलियो को चुनाव का टिकट बेचा जायेगा इस देश में किसी को भी न्याय नही मिलेगा एक बाहुबली नेता ने पूरे भाजपा को दबा के रखा है बृजभूषण पहले इस्तीफा दे इसके बाद उनके ऊपर लगे हुए आरोपों की जांच हो
कांग्रेसी मीडिया ने कैसे इस्लाम की ज़हिलियत और क्रूरता भारत के लोगों से छिपाई और लोगों को धार्मिक सहिष्णुता के अफीम में डुबाए रखा।
कुरान पर चला था केस क्या आप जानते हैं ??
सन 1986 में दिल्ली में कुरान पर केस चला था... और कुरान की 26 आयतों को दिल्ली कोर्ट ने विवादित, अमानवीय एवम शर्मनाक घोषित किया था... उस समय जो जज थे उनका नाम जस्टिस जेड एस लोहाट था...
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देश में एसटी एससी ओबीसी समाज के लोग अपना हक अधिकार न मांगने लग जाए इसलिए भाजपा ने हिंदू मुस्लिम का मुद्दा छेड़ दिया है भाजपा आरएसएस हिंदू मुस्लिम करके हिंदू एवं मुस्लिम गरीब वर्ग के ऊपर राज करना चाहता है
संभल के बाद अजमेर शरीफ की दरगाह की बात. मस्जिद के नीचे मंदिर खोजने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. क्या ये देश के हित में है? अगर मस्जिद के नीचे मंदिर ढूँढा जाएगा. फिर कल को बौद्ध भी न्यायालय जाने लगेंगें. ये धर्म नहीं सियासत है.
आज प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चौरासी आकर कुआ ग्राम पंचायत में जो बीजेपी की जबरदस्ती वाली चुनावी सभा की, वो काफी निंदनीय है।
आचार संहिता होने के बावजूद आम जनता को पुलिस द्वारा जबरदस्ती लाकर बिठाया गया, बिला वजह परेशान किया और मंच से भरी सभा में जान से मार देने की धमकी देना, ऐसी गंदी राजनीति की जितनी निंदा की जाये कम है।
आज़मगढ़ के बिंदवल की इस दलित बस्ती में नहीं है पक्की सड़क, दलितों ने की ऐसी अपील सुनकर आप भी शेयर करेंगे वीडियो...।
📽️ @sushmatomarDT
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कल चौरासी विधानसभा में राजस्थान के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp की सभा में एक असामाजिक तत्व द्वारा मंच से मेरे खिलाफ झूठी बातें कहते हुए मुझे जान से मार देने की धमकी दी, लेकिन प्रशासन @PoliceRajasthan ने अब तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही क्यों नहीं की ? @ECISVEEP क्या यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन नहीं है ? पूरी डूंगरपुर की सरकारी मशीनरी भाजपा के दबाव में काम कर रही है।
चौरासी और सलुम्बर विधानसभा की स्वाभिमानी जनता लोकतंत्र को जीवित रखते हुए अनिल कुमार कटारा और जितेश कुमार कटारा को भारी मतों से विजयी बनायेगी।
प्रयागराज में माघ मेला प्राधिकरण कार्यालय परिसर में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के सामने साधु -सन्तों के बीच में हुई गाली गलौज व मारपीट की घटना ने साधु- सन्तों के असली चेहरे को उजागर कर दिया, यह गेरुआ वस्त्र धारी साधु- सन्त है या साधु वेष में गुण्डे, अपराधी व मवाली?
जिन लोगों ने जातियां बनाया है उन्हें अब जाति के नाम पर डर लग रहा है लक्ष्मण यादव हमेशा ही सत्य बोलते हैं और सत्य हमेशा कड़वा होता है इसीलिए मनुवादियों को लक्ष्मण यादव से डर लगता है
आदिवासियों पर सबसे अधिक अत्याचार करने वाली @CMMadhyaPradesh सरकार के कर्मचारी भी आदिवासियों पर अत्याचार करने में कमी नहीं रख रहे है,हत्या के मामले को गुमा फिराकर आदिवासी महापुरुषों पर अपत्तीजनक टिप्पणी करना आदिवासी महापुरुषों का घोर अपमान है!
#ASI_बर्खास्त_करो@DGP_MP
सनातन धर्म में चार वेद और 108 उपनिषद हैं। वेदों को प्राचीनतम धार्मिक ग्रंथ माना जाता है। चार वेद इस प्रकार हैं:
1. ऋग्वेद
2. यजुर्वेद
3. सामवेद
4. अथर्ववेद
इन वेदों के साथ-साथ उपनिषदों को भी वैदिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उपनिषदों में गहन दार्शनिक और आध्यात्मिक विषयों की चर्चा की गई है।
वेद और उपनिषद सनातन धर्म के गहन और प्राचीन ग्रंथ हैं, जिनमें जीवन, ब्रह्मांड, और परम सत्य से जुड़े दार्शनिक और धार्मिक सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
1. वेद:
वेदों को सनातन धर्म के सबसे प्राचीन और मुख्य ग्रंथों के रूप में माना जाता है। वेदों को ऋषियों द्वारा "श्रुति" (सुनकर प्राप्त ज्ञान) माना जाता है। इनका संकलन महर्षि वेदव्यास द्वारा किया गया। वेदों का उद्देश्य मानव जीवन के चार प्रमुख लक्ष्यों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) का मार्गदर्शन करना है।
चार वेद इस प्रकार हैं:
ऋग्वेद : यह सबसे प्राचीन वेद है और इसमें मुख्य रूप से देवताओं की स्तुतियों के रूप में ऋचाओं (मंत्रों) का संकलन है। इसमें लगभग 10,552 मंत्र हैं, जो विभिन्न देवताओं की पूजा, प्रार्थना, और यज्ञों में प्रयोग किए जाते हैं।
यजुर्वेद : इसमें यज्ञ और अनुष्ठानों के लिए मंत्र और विधियों का वर्णन है। इसे दो भागों में बांटा गया है: कृष्ण यजुर्वेद और शुक्ल यजुर्वेद। यह मुख्य रूप से कर्मकांड और अनुष्ठानिक गतिविधियों से संबंधित है।
सामवेद : इस वेद में ऋग्वेद के कुछ मंत्रों को संगीतात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसे भक्ति और संगीत से जोड़कर देखा जाता है। सामवेद के मंत्रों का उपयोग यज्ञ और अनुष्ठान में संगीत के साथ किया जाता है।
अथर्ववेद : यह वेद अन्य तीनों से थोड़ा अलग है। इसमें जादू-टोना, चिकित्सा, रोग-निवारण, और सामाजिक जीवन से संबंधित मंत्र और विधियों का वर्णन है। इसमें कई ऐसे मंत्र हैं जो व्यक्ति के जीवन के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं।
2. उपनिषद:
उपनिषदों को वेदों का अंतिम भाग या "वेदांत" कहा जाता है। इनका उद्देश्य आत्मज्ञान, ब्रह्म, आत्मा, और परम सत्य की खोज को स्पष्ट करना है। उपनिषदों में मुख्य रूप से अध्यात्मिक, दार्शनिक और ध्यान से जुड़े विषयों का वर्णन है। वेदांत के सिद्धांत उपनिषदों पर आधारित हैं।
प्रमुख उपनिषद :
हालाँकि उपनिषदों की संख्या 108 मानी जाती है, लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख और प्राचीन उपनिषद इस प्रकार हैं:
1. ईशोपनिषद : इसमें ब्रह्मांड और आत्मा की एकता का उल्लेख है और कर्मफल तथा जीवन की अनित्यता पर विचार किया गया है।
2. कठोपनिषद : यह यम और नचिकेता के संवाद पर आधारित है, जिसमें आत्मा, मृत्यु और मोक्ष के रहस्यों को समझाया गया है।
3. माण्डूक्य उपनिषद : इसमें ओम और उसके तीनों ध्वनियों के रूपों का विश्लेषण किया गया है। यह उपनिषद अद्वैत वेदांत का एक प्रमुख स्रोत है।
4. छांदोग्य उपनिषद : यह उपनिषद सामवेद से संबंधित है और इसमें आत्मा, ब्रह्म और ध्यान की विधियों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
5. बृहदारण्यक उपनिषद : यह सबसे बड़ा उपनिषद है और इसमें आत्मा, पुनर्जन्म, ब्रह्म और ज्ञान के महत्व पर विचार किया गया है।
वेद और उपनिषदों का महत्व :
वेद और उपनिषद भारतीय धार्मिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं की नींव हैं। इन ग्रंथों में मानव जीवन के हर पहलू पर मार्गदर्शन दिया गया है, जैसे:
आध्यात्मिकता : जीवन का अंतिम उद्देश्य आत्मा का ब्रह्म से मिलन (मोक्ष) है, जिसे उपनिषदों में गहराई से समझाया गया है।
धर्म : वेदों में कर्तव्यों और धार्मिक आचरण के बारे में बताया गया है।
योग: ध्यान और योग के माध्यम से आत्मा की शुद्धि और मोक्ष का मार्ग दिखाया गया है।
कर्म : कर्म का सिद्धांत और उसके फल को वेदों और उपनिषदों में विस्तार से समझाया गया है।
वेद और उपनिषद न केवल धार्मिक ग्रंथ हैं, बल्कि मानव जीवन की जटिलताओं को समझने और उसका समाधान पाने का दार्शनिक और आध्यात्मिक मार्ग भी दिखाते हैं।
@pari__hu कुत्ते के साथ PR वीडियो बनाने से अच्छा है गाय के बच्चे के साथ वीडियो बनाना । कम से कम गाय के प्रति लोगो का लगाव और नज़रिया अच्छा होगा। एक मोहतरमा कुत्ते के साथ खेलने से अच्छा अगर अपने बच्चे के साथ खेलतीं तो देश को पप्पू को नहीं झेलना पड़ता।
दिन दहाड़े एक विधायक पर हमला है तो फिर आम जनता पर क्या होगा
अभी किसी आदिवासी भाई ने आकर झगड़ा किया होता तो उसको तुरंत गिरफ्तार कर लेती घर पर भी नहीं जाने देते तो फिर यह बीजेपी के जो लीडर है उनको गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है
@roat_mla@Bhilraj11#लसाडिया_गुडें_गिरफ्तार_करो
राजस्थान धारियावद क्षेत्र के लसाडिया में विधायक थावरचंद जी डामोर के साथ दुर्व्यवहार करने वाले असामाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ राजस्थान सरकार कड़ी कार्रवाई करे।
साथियों गरीबो को मूर्ख बनाने का सीजन चालू हो गया है इंसान के गर्दन पर जानवर का सर जुड़ गया लेकिन एकलव्य का अंगूठा नहीं जुड़ पाया वहां पर भी जाति देखकर सर्जरी किया जाता था भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जहां इंसान के गर्दन पर जानवर का सर जुड़ जाता है
मध्यप्रदेश के उज्जैन में दिनदहाड़े एक असहाय भिक्षुक महिला के साथ हुए दुष्कर्म ने न केवल हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार कर दिया है। इस घटना के बारे में सुनते ही मन में गहरा आक्रोश और दुख पैदा हुआ है। यह घटना सिर्फ एक महिला पर अत्याचार नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में सुरक्षा के उस ढांचे पर सवाल उठाती है, जिसे बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। क्या प्रशासन इतना असंवेदनशील हो गया हैं कि फुटपाथ पर रहने वाली एक महिला तक सुरक्षित नहीं है? यह घटना न केवल प्रशासन की विफलता है, बल्कि शासन के ढांचे में गहरी खामियों को उजागर करती है। सरकार से मेरा यह निवेदन है कि वह अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करे। इस भयावह घटना पर मैं सरकार से अपील करता हूं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि यह घटना दूसरों के लिए सबक बने। सरकार को इस तरह की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी शर्मनाक घटनाएं फिर कभी न हों।
अभी तो संपूर्ण तरीके से आरक्षण लागू हुआ ही नहीं है और आप आरक्षण का वर्गीकरण और क्रीमी लेयर का समर्थन कर रहे हैं मुझे तो ऐसा लगता है कि आप बीजेपी पार्टी की भाषा बोल रहे हैं