परीक्षा के बाद 19 सितंबर, 2024 से 3 मार्च, 2025 के बीच लाखों रुपये के ट्रांजैक्शन हुए।
JPSC परीक्षा में धांधली को लेकर टीचर ने लाइव दिखाया सबूत...
इस वीडियो को देखिए और उन छात्रों का दर्द समझिए, जो दिन-रात रांची में कांग्रेस के समर्थन वाली हेमंत सोरेन सरकार से अपने भविष्य के लिए न्याय और निष्पक्ष परीक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन हेमंत सोरेन और राहुल गांधी ने इन युवाओं की आवाज को पूरी तरह अनसुना कर दिया है।
बगैर कुछ किए .. सब कुछ तो मिल रहा है आपको
ऐशो आराम की ज़िंदगी
पैसा, कहीं भी आने जाने की Free Air Ticket,
Social media, Media Houses पर, टुकड़े-2 गैंग की समर्थक व भारत को टुकड़ों में बांटने वालो की हितैषी, छाई हुई तो है
करना क्या है- बस मोदी को गाली
फौज को गाली
तोड-फोड व हिंसा
Scan the QR to join AISA
Join the movement and to continue this struggle for education and democracy that brought a government of dictators to its knees
जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा!
इसका मतलब झारखंड वालो का सिंहासन हिलने वाला है?
एक बार तो झारखंड के नौजवानों की बात कर लो, आपके सहयोगी पैसों में नौकरियां बांट रहे हैं, और आप फर्जी की डायलॉग बाजी कर रहे हो।
300 में से 299 लाने पर भी नौकरी नहीं मिल रही है।
क्या फूँक कर बैठते हैं ये लोग,
ऐसे गधों को जब बगैर कुछ करे, जीवन में सब कुछ Free का मिल जाता है ना तो Same ऐसे ही Behave करने लग जाते हैं ये लोग..
जितना फड़फड़ा रहा है उतना ही जल्दी बुझते हुए देखा है हमने, इतना Confidence आता कहाँ से हैं?🤔
वाह रे! मेरे देश के भविष्य
मैं अपने लोन और शिक्षा के डॉक्युमेंट्स दिखाने को तैयार हूँ।
नरेंद्र मोदी भी अपने कागज़ दिखाए- अभिजीत दीपके
कुछ तो अपने मालिक केजरीवाल से अलग बोल लिया कर ।
झारखंड से देर रात की तस्वीरों में सैकड़ों छात्र अभी भी सड़कों पर नज़र आ रहे हैं।
वे परीक्षा में बार-बार हो रही गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस-JMM सरकार ने अभी तक उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
This is Ranchi, Jharkhand. Students are protesting against irregularities in exams in the state.
The crowd is large too, but since it's not against the BJP, peaceful and non-abusive, it's not getting the due attention.
>ब्रो का नाम योगेन्द्र यादव है
>ब्रो का काम आंदोलन के तवे पर रोटी सेकना है
>ब्रो आंदोलन खाता है, आंदोलन पीता है, आंदोलन से नहाता है, आंदोलन से साँस लेता है
>ब्रो केवल दिल्ली वाले आंदोलन पर फोकस करता है
>जैसे ही कोई आंदोलन का ऐलान करता ब्रो फेयर एंड लवली लगाकर तैयार हो जाता है
>जैसे ही लोग दिल्ली की तरह आंदोलन करने बढ़ते हैं ब्रो उनकी बस में कन्डक्टर की तरह लटक लेता है
>ब्रो पूरा आंदोलन कैपचर करके फुल मीठी आवाज में मीडिया बाइट देता है
>आज झारखंड में बच्चे आंदोलन कर रहे लेकिन आंदोलन जीवी चैन की नींद सो रहा
>ब्रो सिलेक्टिव है, ब्रो सोंच समझ के आंदोलन करता है,
>छात्रों को ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए, जब मदद मांगे कभी मत खड़े होना
•सोनाक्षी सिन्हा कहाँ हैं?
•हृतिक रोशन कहाँ हैं?
•बड़े बड़े स्टैंड अप कॉमेडियन कहाँ हैं?
•रवीश कुमार जी कहाँ है?
•संजय सिंह जी कहाँ हैं?
•अरविंद केजरीवाल जी कहाँ हैं?
•मनीष सिसोदिया जी कहाँ हैं?
•बड़े बड़े विपक्ष के नेता कहाँ हैं?
अब कोई इस्तीफा क्यूँ नहीं मांग रहा?
Reporter: Will CJP do something about massive numbers of student protesting in Jharkhand on paper leak?
Abhijeet dipke: We don't want to do anything in hurry or about every issue, we don't have solution of everything!
What a hypocrite Cockroach!!
Students were protesting in Jharkhand.
Guess what the INDI Alliance govt did?
They demolished the students' temporary shelter, leaving them with no protection from the scorching sun or the rain.
Now compare that to Jantar Mantar in Delhi, where a protest stage remained in place for months without any such action.
CJP leaders Sourav Das, Dipke and Dhruv Rathee along with other cockroaches were making fun of PM Narendra Modi's Indian accent of saying 'Friends'
Today Arnab returned the insult with full interest. Enjoy the roast 🔥
Rahul Gandhi is yet to issue a statement forgiving the Gen-Z booked for abusing him, even as he mocks Narendra Modi for issuing a statement forgiving the Gen-Z booked for abusing him.
Because for Rahul, freedom of speech is sacred right until the moment it is directed at him.
झारखंड में छात्र आन्दोल के दौरान गूंजा 'वन्दे मातरम' का नारा।
हजारों छात्र हाथ में मशाल लेकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन में न कहीं हिंसा है, न पत्थरबाजी है, न ही गाली गलौज है।