" मैंं लगातार उन लोगो को 𝐅𝐨𝐥𝐥𝐨𝐰 करती जा रही हूं जो मेरी पोस्ट पर 𝐋𝐢𝐤𝐞, 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐞𝐧𝐭 और 𝐑𝐞𝐭𝐰𝐞𝐞𝐭 कर रहे है ,
ताकि मुझे 𝐀𝐜𝐭𝐢𝐯𝐞 𝐔𝐬𝐞𝐫𝐬 मिलते रहे आप फ़ॉलो देते जाओ मुझे बस "..
Train number 20942 Ghazipur to Bandra Terminus के जनरल बोगियों मे किन्नर लोग अवैध रूप से चढ़कर आम यात्रियो को बहुत परेशान करते है। ये किन्नर लोग प्रति यात्री 50 रुपए जबरन वसूली करते है। पैसे न देने पर ये यात्रियो से बदतमीजी और लड़ाई करने लगते है। @RailMinIndia@RailwaySeva
#उत्तरप्रदेश- बुल्डोजर
जलालपुर अम्बेडकरनगर
10 सेकेंड का यह वीडियो आपका दिल झकझोर देगा आपका कलेजा मुँह में आ जायेगा
योगी बाबा के बुलडोजर के सामने कैसे एक 6 साल की बच्ची अपनी कापी किताब बचाती दिख रही है
गरीबों की आह भगवान की लाठी से भी कम आवाज करती है
याद रखना योगी जी गरीबों की आह आपकी सरकार में अंतिम कील साबित होगी
योगी जी आप बच्चों को भविष्य दे नहीं सकते तो
तो आपको बच्चों का भविष्य बर्बाद करने का भी कोई अधिकार नहीं है
योगी जी शिक्षक अभियार्थियों के साथ भेदभाव क्यों ?
उनकी भर्ती कब निकलेगी ?
2018 के बाद अभी तक एक भी बार नही आयी भर्ती ऐसा क्यों ?
क्या शिक्षा मंत्री सो रहे है ?
#RELEASE_UPPRT#RELEASE_UPPRT
आरक्षण की लूट देंखिए
"22 अगस्त 2024" को आरटीआई के माध्यम से प्रश्न पूछने पर लोकसेवा आयोग ने जो जवाब दिया है उसे देखकर और जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।
2019 में खंड शिक्षा अधिकारी के 309 पदों पर विज्ञापन जारी किया गया जिसमें कुल पदों के सापेक्ष "ओबीसी को मात्र 31 पद" दिए गए जबकि "संवैधानिक आरक्षण 27 प्रतिशत" के हिसाब से "ओबीसी को 84 पद" मिलने थे।
जब रिजल्ट आया तो "जनरल की कट ऑफ 137 नम्बर" गई वहीं "OBC की कटऑफ 165" नम्बर गई जबकि ews की कटऑफ 152 नम्बर गई।
खुले आम संवैधानिक आरक्षण का गला घोटा जा रहा है, ओबीसी के हकों को लूटा जा रहा है।
शिक्षक भर्ती का सुनने के बाद
केबल लाइब्रेरी तक ही सीमित न रह जाना।
अपने सपनों को साकार करने के लिए
अपनों से साथ मिलकर, एक जंग अभी जितनी है
एक प्रयास अभी बाकी हैं, हां एक जीत अभी बाकी है
#UPPRT#5सितंबर_प्रयागराज_चलो
दो करोड़ नौकरी का वादा करके सत्ता में आने वाले मोदीजी अब बेरोज़गारों को दलाल बोलने लगे हैं.
चलिए अब इसी बात पर एक ‘जय श्री राम’ हो जाये!
गूँज ऐसी हो कि बेरोज़गारी का सवाल उठाने वाले विपक्ष की बोलती बंद हो जाये.
शोर ऐसा हो कि बेरोज़गारी के गीत गाने वाली नेहा घबराकर गीत गाना छोड़ दे.
आवाज़ ऐसी हो कि सरहद पार का दुश्मन थर्रा जाये.
#LokSabhaElections2024
राजस्थान भाजपा की प्रेसवार्ता में पत्रकारों से सवाल न पूछने का निवेदन किया जा रहा है.
ये कैसी प्रेसवार्ता है?
एक जनप्रतिनिधि का सवालों से भागना अपनी ज़िम्मेदारियों से भागना है.
इनसे अच्छे तो अपने मोदीजी हैं!
प्रेसवार्ता जैसी फालतू चीजों में पड़ते ही नहीं हैं!
#LokSabhaElections2024
#NehaSinghRathore
16 तारीख़ का इंतज़ार करो , सब पता चल जाएगा 400 पार होगा या नहीं 😂👇🏻
चुनाव से पहले एक बार फिर EVM के सभी वोटों की गिनती VVPAT की पर्चियों से कराने की मांग उठी है. मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल तय की गई है
मार्च 2023 में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने 100% EVM वोटों और VVPAT की पर्चियों का मिलान करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है.
इससे पहले एक्टिविस्ट अरुण कुमार अग्रवाल ने भी ऐसी ही मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनकी याचिका पर जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने चुनाव आयोग को नोटिस भी जारी किया था. लेकिन अब 16 अप्रैल को इन दोनों ही याचिकाओं पर जस्टिस खन्ना और जस्टिस दत्ता की बेंच सुनवाई करेगी
एडीआर ने अपनी याचिका में कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए EVM के वोटों और VVPAT की पर्चियों को क्रॉस-वेरिफाई किया जाना चाहिए.
ख़ैर अगर आप VVPAT की पर्चियों को क्रॉस वेरीफाई किया जाने के पक्ष में है तो इस ट्वीट को रीट्वीट करे 🙏🏼
पहले रेलवे और सेना में सबसे ज़्यादा स्थायी नौकरियाँ आती थीं.
फिर मोदीजी आ गये.
अब रेलवे में ठेके पर नियुक्ति हो रही है और सेना में चार साल के लिए अग्निवीर भर्ती हो रहे हैं.
ये देश में रोज़गार की ज़मीनी हक़ीक़त है.
यही उनकी गारंटी है.
(अब आप चाहें तो अपने संस्कारों का परिचय दे सकते हैं)
#ModiKaParivar
#ModiKiGuarantee #LokSabhaElections2024
#Employment
#nehasinghrathore
Step-1
विपक्ष को सबसे पहले बैलेट पेपर से वोटिंग सुनिश्चित करवानी होगी वरना सारी मेहनत का EVM हो जाएगा.
Step-2
चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफ़े की गहन जाँच भी इतनी ही ज़रूरी है.
जब इनका कार्यकाल 2027 तक था तो चुनाव से ठीक पहले इन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए किसने मजबूर किया?
Step-3
तीसरी सबसे बड़ी ज़रूरत इलेक्टोरल बॉण्ड की डिटेल्स सर्व-सुलभ किए जाने की है.
जनता को जरुर पता होना चाहिए कि सरकार दरअसल कौन लोग चला रहे हैं.
ये तीन स्टेप चले बिना लोकतंत्र की यात्रा पूरी नहीं होगी.
#BanEVM_Save_India
#ElectionCommission
#ElectionCommissioner
#ElectoralBondScam
#nehasinghrathore
तस्वीर में घुटनों पर बैठा व्यक्ति पत्रकार @journalistAshu है.
वो पत्रकार जो 18 महीने पहले मारी गई #JusticeForAnkitaBhandari की लड़ाई लड़ रहा है.
@pushkardhami की उत्तराखण्ड पुलिस ने जानबूझकर ये तस्वीर जारी की है.
संदेश स्पष्ट है-आवाज़ उठाओगे तो ये हाल किया जाएगा.
अंकिता भंडारी की हत्या में भाजपा के एक नेता के बेटे का नाम आ रहा था.
पेपर लीक उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश भर के युवाओं के लिए अभिशाप बन गया है।
पिछले 7 वर्षों में ही 70 से अधिक पेपर लीक के मामलों ने 2 करोड़ से अधिक छात्रों का सपना तोड़ा है।
इससे न सिर्फ भविष्य निर्माण के कीमती वर्ष बर्बाद हो रहे हैं बल्कि उनके परिवारों पर भी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है।
लापरवाह सरकार, भ्रष्ट अधिकारी, नकल माफिया और निजी प्रिंटिंग प्रेसों के आपराधिक गठजोड़ को खत्म कर हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की ज़रूरत है।
जब मैंने छात्रों से बातचीत की तो उन्होंने मुझे बताया कि पेपर लीक की तीन मुख्य वजह हैं। बिका हुआ सरकारी तंत्र, निजी प्रिंटिंग प्रेस और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके अधीनस्थ सेवा चयन आयोग।
सभी से मिले सुझावों को मिला कर कांग्रेस युवाओं की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक ठोस और फूलप्रूफ प्लान तैयार कर रही है, और बहुत जल्द हम आपके सामने अपना विज़न रखेंगे।
हम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे!
युवाओं का भविष्य INDIA की प्राथमिकता है।
@suryapsingh_IAS देश के लिए नेहरू 9 साल जेल में रहे
अपनी पूरी संपत्ति देश को दान दे दी
545 स्वतन्त्र रियासतों को भारत में जोडा़,
1961 में गोवा, दमन-दीव पर कब्जा किया
सिक्किम को भारत में जोडा़
एमपी की पटवारी परीक्षा शुरू से ही विवादों में रही। जिन्हें 90% नंबर मिले उन्हें प्रदेश की राजधानी नहीं पता थी। जिले नहीं पता थे। कुछ टॉपर्स तो सवालों से बचने के लिए घर छोड़कर दर्शन करने भाग गए थे।
चूंकि उस वक्त चुनाव था तो जांच के आदेश दिए गए। जिन विधायक पर घोटाले के आरोप लगे उनके टिकट काटे गए। अब चुनाव हो गया इसलिए भर्ती को क्लीन चिट मिल गई। जिन युवाओं का भविष्य दांव पर था उन्हें सिर्फ धोखा मिला।
भर्तियों की जांच के नाम पर अक्सर वही फैसले आते हैं जो सरकार के हित में होते हैं। नहीं भरोसा होता तो यूपी-एमपी समेत तमाम राज्यों का बैक रिकॉर्ड देख लीजिए।
#MP_PATWARI_SCAM
यूपी का 69,000 शिक्षक भर्ती घोटाला भाजपा की आरक्षण विरोधी मानसिकता का सबूत है।
बेसिक शिक्षा नियमावली, 1981 और आरक्षण नियमावली, 1994 को ताक पर रख कर भाजपा सरकार ने दलितों और पिछड़ों का हक़ उनसे छीन लिया।
पीड़ित छात्र मुझसे मिले और बताया कि इस भर्ती में OBC वर्ग को 27% की जगह मात्र 3.86% आरक्षण मिला और SC वर्ग को 21% की जगह मात्र 16.6% आरक्षण मिला।
यह अनियमितता लगभग 19 हज़ार पदों से जुड़ी है और मूल सूची न बनाना इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाता है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के बाद जिन 6,800 अभ्यर्थियों की लिस्ट निकाली गई, वह भी दो वर्षों से नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
आरक्षण प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ एक गंभीर विषय है।
अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे इन युवाओं को मेरा समर्थन है, इस पूरे मामले की जांच हो और इन्हें न्याय मिले।