The building collapse in Delhi’s Satya Niketan is a deeply distressing and avoidable tragedy. Reports of DU students being trapped under the debris are extremely worrying.
Every effort must be made to rescue those trapped and ensure the best possible treatment for the injured.
NSUI workers and Congress leaders are already on the ground, helping students, victims and their families in every possible way. We stand firmly with them in this difficult hour.
This tragedy also exposes the unsafe, overcrowded PGs students are forced to live in due to inadequate hostel facilities.
Students come to Delhi to build their future, not risk their lives for a roof over their heads. Every student’s life is precious.
A building where most of the DU students stayed has collapsed. This is so infuriating, disheartening .
Where’s NDRF❓
Where’s the TIMELY, PROFESSIONAL, RESPONSE to this Disaster, that is crucial to save precious lives❓
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं।
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
Imagine the level of brainwashing being attempted in this country that a man born in 1950 ( 3 years after India’s independence) is being shoved into textbooks as a Freedom Fighter along with actual freedom fighters.
This isn’t funny and is extremely alarming, one step towards becoming North Korea.
रविराज ने अकेले ही बीजेपी सरकार के 4400 करोड़ के भ्रष्टाचार की पोल खोल, ठेकेदार की धमकी से भी नहीं डरे
न टेलीप्रॉम्प्टर है न कोई टीम है।
सालों बाद इस तरह की साहसिक पत्रकारिता देखने को मिली @ravirajprayagi
सत्य निकेतन में जो PG ढही वो BJP MLA की बताई जा रही है ,
50 से ज्यादा छात्रों की इसमें दब कर मरने की आशंका है अभी तक सिर्फ 3 छात्र घायल अवस्था में जिंदा निकाले गए।
खबर मिलते ही सबसे पहले NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए ,घंटों बाद ABVP के गुंडे पहुंच कर बचाव कार्य न करके NSUI के कार्यकर्ताओं से ही भिड़ गए।
Placing a minimised, camouflaged image of our national emblem at the feet of a compromised and increasingly unpopular PM is an insult to our national symbol.
No individual is above the emblem. This act by BJP Goa deserves to be widely condemned - including by those within the BJP.
The national emblem represents the Republic of India, not the political or personal fortunes of any party.
Strict legal action must be taken against those responsible.
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिलने तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।