Governments favourite lawyer Salve tried very hard to stop the exposé of bribery and extortion details of Electoral Bonds. His accounts in tax havens were exposed by the Panama and Pandora papers. He now leads a pack of 600 nondescript lawyers trying to influence the CJI to back off from tough orders. How many of these bond donors are Salve’s clients? Amazing that Modi tweets in support of this letter!
कल ही मैंने पूछा था कि ‘क्या नरेंद्र मोदी के पास रोज़गार के लिए कोई योजना थी भी?’
आज ही सरकार का जवाब आया - नहीं
इंडिया एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट 2024 न सिर्फ रोज़गार पर मोदी सरकार की भीषण नाकामी का दस्तावेज है बल्कि कांग्रेस की रोज़गार नीति पर मुहर भी है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के कुल बेरोज़गारों में 83% युवा हैं, या तो उनके पास नौकरी है ही नहीं या वह बहुत ही कम मेहनताने पर बुरी दशा में काम करने को मजबूर हैं।
रिपोर्ट कहती है 65% पढ़े लिखे युवा बेरोज़गार हैं - हमारी गारंटी है हम 30 लाख सरकारी पदों को भरेंगे।
रिपोर्ट कहती है स्किल गैप है - हम ‘पहली नौकरी पक्की’ से फ्रेशर्स को स्किल्ड वर्क फोर्स बनाएंगे।
रिपोर्ट कहती है नए रोज़गारों का सृजन करना होगा - हमारी 'युवा रोशनी' की गारंटी स्टार्ट-अप्स के लिए ₹5000 करोड़ की मदद लेकर आ रही है।
रिपोर्ट कहती है श्रमिकों के पास सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित रोज़गार नहीं है - हम श्रमिक न्याय के तहत उनका जीवन बदलने जा रहे हैं।
कांग्रेस की नीतियां ही ‘रोज़गार की गारंटी’ हैं यह सरकार की रिपोर्ट से भी साबित हो गया है।
भाजपा का मतलब - बेरोज़गारी और बेबसी, कांग्रेस का मतलब - रोज़गार क्रांति।
फर्क साफ है!
#YuvaNYAY
मोदी जी को मेरी बातें अच्छी नहीं लगतीं, किसी न किसी तरह उन्हें घुमाकर वह उनका अर्थ हमेशा बदलने की कोशिश करते हैं क्योंकि वह जानते हैं कि मैंने एक गहरी सच्चाई बोली है।
जिस शक्ति का मैंने उल्लेख किया, जिस शक्ति से हम लड़ रहे हैं, उस शक्ति का मुखौटा मोदी जी हैं।
वह एक ऐसी शक्ति है जिसने आज, भारत की आवाज़ को, भारत की संस्थाओं को, CBI, IT, ED को, चुनाव आयोग को, मीडिया को, भारत के उद्योग जगत को, और भारत के समूचे संवैधानिक ढाँचे को ही अपने चंगुल में दबोच लिया है।
उसी शक्ति के लिए नरेंद्र मोदी जी भारत के बैंकों से हज़ारों करोड़ के क़र्ज़ माफ़ कराते हैं जबकि भारत का किसान कुछ हज़ार रुपयों का क़र्ज़ न चुका पाने पर आत्महत्या करता है।
उसी शक्ति को भारत के बंदरगाह, भारत के हवाई अड्डे दिये जाते हैं जबकि भारत के युवा को अग्निवीर का तोहफ़ा दिया जाता है जिससे उसकी हिम्मत टूट जाती है।
उसी शक्ति को दिन रात सलामी ठोकते हुए देश की मीडिया सच्चाई को दबा देती है।
उसी शक्ति के ग़ुलाम नरेंद्र मोदी जी देश के गरीब पर GST थोपते हैं, महंगाई पर लगाम न लगाते हुए, उस शक्ति को बढ़ाने के लिए देश की संपत्ति को नीलाम करते हैं।
उस शक्ति को मैं पहचानता हूँ,
उस शक्ति को नरेंद्र मोदी जी भी पहचानते हैं,
वह किसी प्रकार की कोई धार्मिक शक्ति नहीं है,
वह अधर्म, भ्रष्टाचार और असत्य की शक्ति है।
इसलिए जब जब मैं उसके ख़िलाफ़ आवाज उठाता हूँ, मोदी जी और उनकी झूठों की मशीन बौखलाती है, भड़क जाती है।
क्या आपको प्रधानमंत्री की ‘चंदा दो, बेल और बिजनेस लो’ योजना के बारे में पता है?
देश में प्रधानमंत्री ‘वसूली भाई’ की तरह ED, IT और CBI का दुरुपयोग कर ‘चंदे का धंधा’ कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स में सामने आया है कि वसूली एजेंट बन चुकी एजेंसियों की जांच में फंसी 30 कंपनियों ने भाजपा को जांच के दौरान 335 करोड़ का चंदा दिया।
चंदे का धंधा इतनी बेशर्मी से चल रहा है कि MP की एक डिस्टिलरी के मालिकों ने बेल मिलते ही भाजपा को चंदा दिया।
मित्र की कंपनी को बेईमानी से फायदा और बाकियों के लिए अलग कायदा?
मोदी राज में भाजपा को दिया ‘अवैध चंदा’ और ‘Electoral Bond’ ही ‘Ease Of Doing Business’ की गारंटी है।
#HaftaVasooliSarkar