“Lawrence Bishnoi Sahab”
The respect Delhi Police has for gangsters…
Wish they showed even 10% of this courtesy to students and activists who are doing nothing but protest.
🚨SOS🚨
WHERE IS AISA PRESIDENT NEHA BORA?
Why Neha was detained alone by plain clothed men in a bus?
Their last location shows that they were taken to Anti-Narcotics Cell, Mangalapuri.
Then why is the PS saying that they are not there?
"16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराऊंगा"
◆ कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने कहा
@abhijeet_dipke | Abhijet Dipke | #AbhijeetDipke
कॉक्रोच जनता पार्टीचे संस्थापक अभिजीत दीपके यांनी 16 ऑक्टोबर रोजी दिल्लीतील कॅनॉट प्लेस येथील सेंट्रल पार्कमध्ये ‘लहरा दो तिरंगा’ या मोहिमेअंतर्गत मोठ्या संख्येने जमून राष्ट्रध्वज फडकवण्याची घोषणा केली आहे.
#DelhiPolice#AbhijeetDipke#DelhiProtest
आरएसएस ने किये दीक्षाभूमि पर कब्ज़ा; किये ताले बंद. मैं बौद्धों को पूरी छूट देता हूँ आरएसएस को इस अपमान का जवाब देने का!
कल रात नागपुर में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस की पूर्वसंध्या पर जब हज़ारों बौद्ध अनुयायी दीक्षाभूमि पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि दीक्षाभूमि के गेट पर ताले लगे हुए थे!
यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि RSS ने दीक्षाभूमि स्मारक समिति पर कब्ज़ा कर लिया है और उनका पिट्ठू उनके इशारों पर काम कर रहा है।
14 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने दीक्षाभूमि पर अपने लाखों अनुयायियों के साथ धम्म अपनाया था। कल रात जो हुआ, वह RSS की एक सोची-समझी साज़िश थी, जिसका मकसद धम्म चक्र परिवर्तन दिवस की पूर्व संध्या पर न सिर्फ़ बाबासाहेब बल्कि बौद्ध धर्म का भी अपमान करना था।
इससे पहले भी RSS के कब्ज़े वाली समिति ने पार्किंग की व्यवस्था के बहाने दीक्षाभूमि की ज़मीन पर अतिक्रमण करने की कोशिश की थी। तब वंचित बहुजन आघाड़ी ने नागपुर को झकझोर कर रख दिया था।
कल हमारे नागपुर शहर अध्यक्ष मंगेश वानखेड़े ने भंतेगण के साथ दीक्षाभूमि पर ताला होने की वजह से वहाँ बाहर से ही बाबासाहेब को अभिवादन किया और वंदना की।
कल की घटनाएँ केवल महाराष्ट्र के बौद्धों का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के बौद्ध समाज का अपमान था।
मैं देशभर के सभी बौद्धों से कहता हूँ कि वे बाबासाहेब और बौद्ध धर्म का अपमान करने के लिए RSS को सबक सिखाएँ। आपको पूरी छूट है।।
जय भीम। नमो बुद्धाय।
#Dikshabhoomi #Nagpur
This should make us all ashamed!
Ankita Bhandari’s parents don’t deserve such inhuman treatment. Why is the govt treating its own citizens with such cruelty?
#JusticeForAnkitaBhandari