माननीय प्रधानमंत्री जी,
फर्जी केस और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जांच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध घोषित करने तथा 10 वर्ष की सजा और 10 लाख जुर्माना के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah
4 केस SC-ST एक्ट के लगे, खेत-ट्रैक्टर सब बिका... अब माँग कर पहनते हैं कपड़े
कहा- मेरे बेटों की गलती है तो फाँसी दिलवा दो, वरना न्याय कर दो
अलीगढ़ के परिवार ने क्या सच्चाई बयाँ की, जानिए @Keshavmalan93 की ग्राउंड रिपोर्ट में
“Give us death if you can’t deliver justice,” says Amit Chaudhary, whose family is facing 14 cases under the SC/ST Act.
He had to face jail at the age of 14 because of this. Now, he faces 42 court hearings a month.
Full video: https://t.co/Gfw7MQgPfq
मोदी एक्ट का नया जलवा! एक परिवार ने @narendramodi भीम स्टार्टअप योजना के तहत 21 मोदी एक्ट फाइल कर के मोदी जी के बाबू जी की FD तुड़वा कर ₹46 लाख बनाए। क्या गजब है कि एक परिवार पर ही इनमें से 14 केस डाले गए।
यही तो है वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूशन स्कीम! आप टैक्स दीजिए, मोदी बाँट देगा।
One family filed 21 cases under the SC/ST Act, 14 against a single family, forcing them to face 42 court hearings every month.
Villagers told us that the ‘oppressed’ family received ₹46 lakh in compensation. People now fear speaking about it openly.
But off camera, everyone tells the same story about a ‘business model’ built around SC/ST cases.
How a law meant to prevent atrocities became a tool for profit. Watch @Keshavmalan93’s special investigation to find out.
Hindus should not harbour anger against Muslims even if the latter want to destroy and kill us all. We should face death bravely. If Muslims established their rule after killing all Hindus, we would be ushering in a new India. - Mahatma Gandhi
Wishing you a happy Gandhi Jayanti.
आज गालियाँ दे रहे हो- कल जेल में बैठकर पछताओगे कि
जब SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठी, तब प्रीत सिरोही के साथ क्यों नहीं खड़े हुए।
Stand against SC/ST Act misuse. RETWEET.
IIT Bombay, the institute Prof Doolla gave his life to, knew this. And yet it retracted its original statement now corroborated by the CCTV footage, dismissed Prof Doolla from deanship, sent him on indefinite leave, and never once condemned the FIR on him under the SC/ST act.
राजनीतिक दल तो छोड़िये सुप्रीम कोर्ट तक SC/ST एक्ट को लेकर सुनवाई को तैयार नहीं है।
पिटीशन को ख़ारिज कर दिया गया ये कहकर कि 2020 में आलरेडी इसपर फ़ैसला आ चुका है..
फ़ैसला आ चुका है तो क्या इस बीच कि घटनाओं पर चर्चा करते हुए दुबारा सुनवाई नहीं हो सकती?
क्या कोर्ट पहले आ चुके फैसलों के केस दोबारा कभी नहीं सुनता?
गजबे है
यही वह दृश्य है जहाँ योग्यता, @narendramodi के भीड़तंत्र के समक्ष झुक कर बिछ जाने के सामने, कलम निकाल कर अपनी अंतिम यात्रा का आरंभ कर रही है।
डायरेक्टर केदारे साहब शांत हैं, 18 माँगें हों या 180, वो स्वीकार कर लेंगे क्योंकि @PMOIndia से कारण बताओ नोटिस आ जाएगा कि आपसे एक छोटा सा प्रोटेस्ट नहीं सँभलता, जबकि हमने तिलचट्टों के प्रोटेस्ट में पूरे देश को बताया है कि करना क्या है।
भीड़ ही ‘लोकतंत्र’ का ‘लोक’ है, अतः वह जो भी कहे, वह जाँच से पहले ही कर दीजिए। मुझे थूकने की इच्छा हो रही है किसी के मुँह पर!
यह लाचार आदमी कोई और नहीं IIT Bombay के डायरेक्टर सर हैं, एक वो भी समय था जब IIT Bombay की पूरी दुनियां में धाक होती थी, आज पूरी दुनियां उसी संस्थान पर हँस रही है, मोदी एक्ट ने सब बर्बाद कर देना है
IIT बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा —
“छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते।
30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते। मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे नहीं हैं।
विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं।
केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए। केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहाँ दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए।
अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो। सीट बर्बाद मत करो। सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ईमानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी।”
Education Minister of India Dharmendra Pradhan was forced to resign because he couldn’t stop cheating in exams.
IIT Bombay Director Prof Shireesh Kedare is being forced to resign because he enforced strict policy against cheating in exams.
किसी भी बच्चे की मौत से ज्यादा दुखद क्या हो सकता है लेकिन बच्चा जाकर सुसाइड ना कर ले इसकी आशंका या डर के चक्कर में प्रोफेसर को चीटिंग करते बच्चे को रोकना नहीं चाहिए?
क्या और कैसा सिस्टम बनाना चाह रहे हैं हम?
प्रोफेसर दुल्ला को कई बार उनकी टीचिंग के लिए ही अवॉर्ड मिल चुका है.. इसलिए बिना जांच पूरी हुए ये मान लेना कि अचानक रातों रात वो जातिवादी हो गए होंगे और जातिसूचक गालियां देने लगे होंगे, यकीन से परे लगता है..
SC/ST एक्ट का इस्तेमाल जिस तरह से हो रहा है वो इस देश के लिए महाघातक साबित होता जा रहा है। ऐसे डर के माहौल में टीचर/प्रोफेसर क्या ही पढ़ाएंगें बच्चों को..
IITs में बच्चे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं इसको जरुर देखिए लेकिन उसके साथ ये भी देखिए कि SC/ST एक्ट पर चर्चा क्यों ना हो?
Professor Who Caught the IIT-B Student
Look at His Achievements.
We Are Making a Joke of Our Education System — and the SC/ST Act Is at the Heart of It.