फजुल्लागंज से नैमिष तक बनने वाला बांध गोमती नदी के दोनों तरफ बनाया जाय एक तरफ बनने मे एक तरफ के तटवर्ती गांव बर्बाद हो जाएगे माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है की सर्वे कराकर दोनों तरफ बांध बनवाने की कृपा करे 🙏
@myogiadityanath@myogioffice@rang_dubey
भरावन ब्लॉक मे दर्जनों गांवो के आवागमन के सभी सम्पर्क मार्ग बंद हो गए है गांवो के अंदर पानी भर गया है लोग सड़को पर तिरपाल लगाकर अपना जीवन यापन करने को मजबूर है लेकिन जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि अभी सो रहे है।
@dmhardoi@myogiadityanath@myogioffice
एक सवाल पूछा था कि सवर्ण होना अपराध है क्या ? बहुत सारे मुसलमान भाई कूद पड़े , अनुसूचित जाति के कुछ भाई कोसने लगे ...?
-अब नये सवाल का जवाब दीजिये ??
आजादी के बाद हिंदी पट्टी में जितने साम्प्रदायिक दंगे , खून-खराबा , हत्या , दंगों में रेप हुए ....उसमें क्या कभी सवर्ण समाज (ब्राह्मण , राजपूत , वैश्य , कायस्थ ) सीधे शामिल हुआ है / था ??? अपवाद मत गिनाइयेगा ?? यह सब कौन सोचेगा ???
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
जिस देश में कोई 4 बार सीएम और 3 बार PM बनने के बाद भी पिछड़ा ही रहता है, वो देश 2047 तो क्या 200047 तक भी विश्वगुरु नहीं बन सकता
शर्म करो @narendramodi#UGC_काला_कानून_वापस_लो
अगर आपको भी लगता है कि इस क़ानून का दुरुपयोग बंद होना चाहिए तो,
अगले एक घंटे में इस हैशटैग पर कम से कम 10, 000 ट्वीट, अधिक से अधिक कमेंट और RT करें:-
#StopMisuseOfSCSTAct
सवर्ण होना क्या कोई अपराध है ? पुलिस लाठी मार रही...नेता मुंह मोड़ रहे या फिर गले न उतरने वाले तर्क दे रहे ? मेरा सवाल श्रीमन अखिलेश यादव जी, बहन कुमारी मायावती जी , श्रीमन चन्द्रशेखर जी, आदरणीय आनंदी बेन जी पटेल, आईएएस , आइपीएस, प्रमुख़ अभियंता के परिवारों को आरक्षण क्यों चाहिए ? आरक्षण तो उनको मिलना चाहिए जिनका जीवन 5 किलो अन्न से चल रहा ? आरक्षण समर्थक मेरे मित्र बताये कि क्या हम गलत कह रहे हैं ???
आरक्षण था,
आरक्षण है,
लेकिन आगे आरक्षण नहीं रहेगा या रिफार्म होगा,
इस देश में कोई माई का लाल अब आरक्षण को बढ़ा नहीं सकता है.
जातीय जनगणना नहीं होगा बल्कि गरीबों का गणना होगा.
पिछड़े/दलितों का आरक्षण बढ़ाने के बजाय गरीबों और जरूरतमंदों को आरक्षण मिलना चाहिए चाहे को वो किसी भी जाति का हो
मुस्लिम और ईसाइयों को आरक्षण से हटाना चाहिए
और निजी क्षेत्रों में हम आरक्षण लागू नहीं होने देंगे ।
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन में जो भी लोग बढ़-चढ़कर पोस्ट कर रहे हैं, वीडियो बना रहे हैं, उन युवाओं और Genz को इस बात का विशेषतः ध्यान रखना चाहिए:-
- जो लोग पिछले 76 सालों से समाज को लड़ाकर वैमनस्यता फैलाकर गरीब, शोषित, पीड़ित का हक खाते रहे हैं वो अब आपके ख़िलाफ़ फिर से नफरत फैलाएँगे
- ये नैरेटिव सेट किया जाएगा कि सामान्य वर्ग के लोग ग़रीब दलितों को शोषितों को मिलने वाले आरक्षण का विरोध कर रहे हैं
- जबकि मुझे लगता है कि ये क्लियर मैसेज जाना चाहिए कि बात आरक्षण के समीक्षा की होनी चाहिए। इस पर चर्चा होनी चाहिए
- ये क्लियर होना चाहिए कि जो असली गरीब, दलित, शोषित, वंचित हैं उनका कभी विरोध नहीं रहा।
- पूरा मामला ये है कि जो शोषक हैं वही शोषित बनकर हर वर्ग के गरीबों के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं
- बात सीधी सी है कि जो जमींदार लोग, जिनकी रियासते रही हैं, जमींदारी रही हैं, जो आज पूर्णतः सामाजिक/राजनीतिक/आर्थिक रूप से संपन्न हैं वो गरीब दलित/OBC के आरक्षण में क्या कर रहे हैं?
- साथ ही बात ये भी कि हर वर्ग के गरीब के लिए फ़ीस समान हो, प्रतियोगी परीक्षा में उम्र और फीस समान हो
- यहाँ किसी समाज का विरोध नहीं बल्कि आपसी सहमति से एक विकसित भारत के रोडमैप की बात हो रही है।
"खैर गर्दिशों में चल रहे हैं तारे अभी ,
फिर भी मांग नहीं रहे हैं सहारे अभी ,
घुटनों के बाल रंगने वाले मुझ पर हंस रहे हैं ,
मेरी सोच से वाकिफ नहीं है बेचारे अभी...!!"
अब दो टके की रैमडी पत्रकार सोशल मीडिया पर जज बनी हुई है। उन्हें लगता है कि वो टांग उठाकर किसी को भी अपराधी सिद्ध कर देंगी।
गलतफहमी में हो हम लोग तुम्हारे जैसे बहुतै को दौड़ा कर लें चुके हैं, आगे भी लेते रहेंगे।
कोर्ट तय करेगा अपराधी कौन है, न की ये सुपारी रैमडी पत्रकार।
ये 2Bhk वाले पत्रकार जो नेताजी को बेवजह घसीटने चले है ..बाबू फिर हमारे लोग जब लिखने पर आयेंगे तब तुम कहोगे कि ये देखिए कैसे संस्कार है इनके
कुछ है तो प्रशासन जाँच करेगा,
बेवजह उंगली करियेगा तो जवाब करारा आयेगा
ठाकुरो के कुए में आज भी बहुत पानी है क्योंकि आज भी ठाकुर 2BHK वाले पत्रकारो और पत्तलचाट मीडिया को TRP दे रहे है
बुद्धिजीवी लॉबी मीडिया कभी
बृजभूषण सिंह से टीआरपी लेती है
कभी पवन सिंह से टीआरपी लेती है
कभी धनंजय सिंह पे पहुंच जाती हैं
और योगी तो इनके TRP डिस्ट्रीब्यूटर हैं!
नमस्ते प्रिय साथियों।
मुझे पता है कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामक्ता फैलाने का कृत्य किया है।
इस सम्बन्ध में मैं आपको अवगत कराना चाहता हूँ कि प्रकरण काशी/वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के द्वारा झूठे आरोप लगाकर माननीय प्रधानमंत्री जी के छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रकरण की जाँच राज्य सरकार द्वारा गहनता से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कराई जा रही है जिससे प्रकरण की सत्यता सबके सामने आ जायेगी।
चूँकि यह मामला अंतर्राजीय है अतः माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस मामले की व्यापक जाँच सीबीआई से कराई जाये जिससे दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी ख़बरों पर विराम लग सके।
आप सभी को मैं यह भी बताना चाहता हूँ कि इस सम्बन्ध में मैं मा.प्रधानमंत्री जी और मा. मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख रहा हूँ जिससे भ्रामक खबर चलवाने तथा राज्य सरकार की छवि धूमिल करने वालों का चेहरा उजागर हो सके।
सादर।
धनंजय सिंह
पूर्व सांसद
जौनपुर
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