सुदृढे हि शरीरेऽस्मिन्धर्मं साधय तत्परः ।
प्रम्लानेषु प्रसूनेषु वृथा स्रग्ग्रथनश्रमः ॥
धर्म का पालन तब तक कर लेना चाइये जब तक शरीर स्वस्थ और युवा है।
क्योकि मुरझाए हुए फूल देवताओं को अर्पित नही किये जाते..........
बर्बर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध 1857 में क्रांति का बिगुल फूंक अपने बलिदान से राष्ट्र को जागृत करने वाले माँ भारती के अमर सपूत मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।