चिंता नहीं उदाहरण बनाकर युवा पीढ़ी के सामने आए
युवा पीढ़ी की चिंता छोड़िए, खुद की चिंता कीजिए! आज के युवा अधिक ईमानदार, ऊर्जावान और देशभक्त हैं।
ज़रूरत है तो बस उन्हें सही उद्देश्य, संस्कार और मूल्य देने की।
हमारी पुरानी पीढ़ी को खुद उदाहरण बनकर उनके सामने आना होगा।
यदि उन्हें सही माहौल मिलेगा, तो वे देश को समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। 🇮🇳
@epanchjanya रहने के लिए सुरक्षा ,शांति,सहयोग और समरसता और समृद्धि चाहिए पर पाकिस्तान के पास एक ही चीज है आतंकवाद मारो और मरो ऐसे देश में कोई नहीं रहना चाहता है ।
पाकिस्तान न पड़ासियो के अच्छा है न pojk निवासी के लिए तो ऐसे आंदोलन तो होंगे ही
शुरुआती दिनों में मुझे बिजनेस खड़ा करने का सबसे बड़ा सबक एक बड़ी deal के हाथ से निकल जाने पर मिला, और वो था – delegation (काम सौंपने) का महत्व, और ऐसा न करने का नुकसान।
सरल शब्दों में कहें तो - "खुद सब कुछ करने के बजाय, किसी काम के लिए सही व्यक्ति को चुनकर उसे जिम्मेदारी देना और उसपर भरोसा करना ही डेलिगेशन है।"
मैं शुरुआती दिनों में अपने सारे काम खुद ही संभालता था - एक 'one man army' की तरह।
मेरी सुबह buyers को फोन करने में बीतती थी, दोपहर suppliers के साथ, और शामें बैंक में। मुझे लगता था कि हर काम खुद से करना ही सफलता का एकमात्र रास्ता है, भले ही उसमें दिन का हर एक मिनट लग जाए।
लेकिन फिर एक दिन, सिर्फ एक form समय पर न भर पाने की वजह से एक बहुत बड़ी deal मेरे हाथ से निकल गई। मैं अंदर से टूट गया। तब समझ आया कि भले ही मैं दिन-रात एक कर रहा था, पर मेरा तरीका गलत था।
और फिर मैंने पहली बार एक 'मुंशी' को hire किया।
मुझे लगता है कि हर leader को खुद से एक सवाल जरूर पूछना चाहिए - मेरे एक घंटे की कीमत क्या है? अगर उस एक घंटे का काम कोई और कर सकता है, तो उसे hire कीजिए। और अपना समय वहां लगाइए जहां उसकी असली कीमत है - बड़े सपनों को पूरा करने में।
@AnilAgarwal_Ved अनुभव होना से ज्यादा महत्व की बात है उसको शेयर करना
आदरणीय अनिल जी महानता है
वो बहुत आसान शब्दों में अपना अभाव जग से शेयर करते है वो बड़े बिजनेस ही नहीं चलते मन भी बड़ा रखते है
@SupriyaShrinate अभी कांग्रेस के पास बहुत बड़ा अवसर है वो मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर बनवा दे और बीजेपी को दिखा दे कि वो हिंदुओं की चिंता करने वाली पार्टी है अगर नहीं कर सकती तो प्रशासन को अपना काम करने दे ।
@scribe9104 ये है मानसिकता इसका आधार न देश है न प्रोफेशन है इसका आधार है जिहादी मानसिकता है इससे बचना भी है और लड़ना भी है
इसके लिए अपना सदाचार मजबूत करना होगा और विचार गहरा करना होगा ।
इतना ही नहीं ऐसे आचार और विचार का प्रचार भी करना होगा
@jpsin1 सपा जीती तो पक्का है हिन्दुओं को चैन से जीने का अधिकार छीन लेगी और
शांति दूतों के हवाले कर देगी
हर सड़क पर नामज होगी और
जिहाद के नारे और फिर
झूठे शांतिदूत कहलाएंगे बेचारे और हर और फैलेंगे जिहाद के नारे
@Baliyan_x अगर अपने बच्चों को इन विधर्मियों से बचाना है तो
घर में गीता रखनी भी होगी और पढ़नी भी होगी और पढ़कर अर्जुन की तरह विधर्मियों का संहार भी करना भी होगा ।
आज हिंदू का बेटा घर बापिस आ गया है पर
ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे कोई हिंदू बेटा ऐसी गलती न करे
@scribe9104 इसको कहते है सबका साथ सबका विकास
अभी तक संजय जी हंसने के लिए दूसरों की जरूरत पड़ती थी
अब उनको मजाक बनाने के लिए दूसरों की जरूरत नहीं है
अब वो अपना और अपनो का खूब मजाक बना सकते है ।इसको कहते सबका साथ सबका विकास
ताली नहीं लाठी
ये भाषा जिहाद है जो व्हाइट कलर मुस्लिम द्वारा चलाया जा रहा है। पूरा विश्व जनता है है कि संस्कृत देव भाषा है और सभी भारतीय भाषाओं की जननी है।
फिर भी ये उर्दू और फारसी की वकालत कर रहा है ।ये जहा भी जिहाद फैलेंगे फिर वो लव जिहाद हो या भाषा जिहाद हो
अगर इनकी बातों पर हमें ताली नहीं लाठी बजानी चाहिए तभी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रह सकती है
@SupriyaShrinate रस्सी जल गई पर बल नहीं गए
बीजेपी जिसके 2 MP थे आज 12 साल से सरकार में है और
कांग्रेस जो शिखर पर थी वो अपने निम्नतर स्तर पर है पर ज्ञान देखिए जो खत्म हो नहीं हो रहा है
किसी ने सही कहा है अधजल गागरी छलकत जात
दंड देना और दंडित करना वास्तव में देखा जाए
तो बड़ी हानि से हमे बचाता है अगर गाड़ी बैक
करने के ऊपर जुर्माना होता तो शायद ये दुर्घटना
टल जाती
दूसरा
हर नई उपकरण का उपयोग करने का एक
मैनुअल होता है जो भी उस नई बस्तु या सड़क
का उपयोग करना चाहते उनको वो अवश्य देना
चाहिए और प्रशासन को ये सुनिश्चित करना
चाहिए कि वो मैनुअल पूरी तरह लागू हो क्योंकि
एक व्यक्ति भी अगर एक्सीडेंट से मारता है तो समझ लो एक संसार उजड़ जाता है
RSS -----means Reday for Selfless Service
संघ का उद्देश्य है भारत को समृद्ध बनाना और
अगर कोई ऐसे संगठन का विरोध करता है तो 3
बाते हो सकती है
1.अज्ञानता ,
2.मूर्खता या
3 देश द्रोही
*अज्ञानता* है तो ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे
*मूर्ख* है तो इलाज करना चाहिए
*देश द्रोही* है तो सजा का मजा मिलना चाहिए