इतिहास रच गए सूरज कुमार चंद 🇮🇳🥇
भारत के सूरज कुमार चंद ने FISU World University Squash Championship में पुरुष एकल का गोल्ड जीतकर ऐसा करने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल में उन्होंने हंगरी के Benedek Takacs को 3-2 से हराया।
जीत के बाद सामने आई तस्वीरों में उनका जनेऊ भी चर्चा में रहा।
>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आंदो���न ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
ये चल क्या रहा है? कोई कफ सिरप कैसे डाल सकता हैं आँख में? आई ड्रॉप की जगह कान या नाक का ड्रॉप डाल दे तो समझ में आता है ��ि ह्यूमन एरर हो सकता है (जो नहीं होना चाहिए), पर कफ सिरप? इसको तो मृत्युदंड मिलना चाहिए।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘अपराधियों का एनकाउंटर’ और ‘पुलिस क��� पूरी छूट’ जैसी शब्दावली का त्याग कर देना चाहिए। अपनी पहचान के स्थायित्व के पीछे भागते सम्राट चौधरी यह भूल रहे हैं कि योगी, हिमांता या शुवेंदु अधिकारी की पहचान इन सबने परिश्रम से गढ़ी है।
इनकी लीग में खड़े होने के लिए दो दिन का बुल्डोजर और चार रैंडम एनकाउंटर बेकार है। आपको राज्य मिला है, संचालन आपके हाथ में, पर्यटन जैसे अविकसित क्षेत्र हैं जो पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ कर सकता है। आपकी लेगेसी समृद्ध बिहार होना चाहिए।
अपराध मुक्ति उसका पहला चरण है, पर क्या पुलिस इतनी उच्छृंखल हो जाएगी कि सारण में पीड़िता को ही चरित्रहीन कह देगी? पटना की नीट छात्रा की आत्महत्या की गुत्थी आज तक नहीं सुलझी ��ै। भारत भूषण की हत्या एक नया तीर है, जो बिहार पुलिस ने ले लिया है।
पुलिस को पुलिसिंग पर ध्यान देने कहिए, करुणा उसका आभूषण है, शक्ति का प्रयोग उसका विवशता होनी चाहिए। भारत भूषण के हाथ का पिस्तौल उसे भगत सिंह नहीं बनाता, वह एक आपराधिक कृत्य है। पुलिस पर तानना और भी बड़ा अपराध।
उसके पोस्ट में जिसको फ���लॉसफी दिखे, वो मानता रहे, पर मैं यदि इस नैराश्य के भाव में हाथ के बंदूक को उचित कहने लगूँ तो फिर कश्मीर के अल्गाववादी और दिल्ली के अलफला के आतंकी भी अपने आप को फिलॉसफी से समझा लेते हैं।
@samrat4bjp पुलिस निर्दोष नहीं है, वह दंड का पात्र है क्योंकि भारत (अपराधी होने के बाद भी) हत्या से पूर्व पिस्तौल दे चुका था। आप अपनी भाषा पर नियंत्रण रखिए क्योंकि उसे आधार बना कर यदि पुलिस खुन्नस में एनकाउंटर करने लगेगी, तो आपकी ही साख पर बट्टा लगेगा।
तो @dpradhanbjp जी की टीम हमें यह बताएगी कि बुकलेट #3, #5, #9, #10 समेत अन्य को किस डुप्लेक्स स्कैनर से स्कैन किया गया है? स्कैन कॉपी फ्लैट होती है, पंखे के हवा से उड़ती हुई नहीं, साइड से फूली हुई नहीं!
@cbseindia29 ने वस्तुतः जिस कंपनी को कांट्रैक्ट दिया, उसने स्कैन करने की जगह, कुछ लोगों को एक फ़ोन कैमरा दिया और कहा कि हर कॉपी के हर पन्ने की फोटो लो, एक साइज में क्रॉप करो और फलाने फोल्डर में डाल देना।
दूसरी बात, ये सारे बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएँ कोई भी, कहीं से भी डाउनलोड कर सकता है! इतनी वाहियात सिक्योरिटी है इनके OSM पोर्टल की। अब मुझे लगने लगा है कि coempt edu tek वालों के संबंध किसी एक महत्वपूर्ण व्यक्ति से है, जैसा कि कुछ लोगों ने लिखा है!
@narendramodi जी ईगो का ढकिया माथे पर ले कर चलते रहिए, 10-20 लाख बच्चे ही तो हैं, अगली बा�� फिर दे देंगे! आपके व्यक्तिगत संबंध किसी मंत्री से हो सकते हैं, आपको वह अतिप्रिय भी हो सकते हैं, पर क्या उसके लिए आप लाखों विद्यार्थियों के साथ ये सब होते देख धृतराष्ट्र बन जाएँगे?
मोदी जी डमरू-त्रिशूल ले कर फोटो खिंचा रहे हैं। साल भर पहले हम नाचने लगते, अब वो दिन गए। अभी टाइमलाइन पर इसे ‘एक त्रिशूल वाली फोटो फेंक कर मारेंगे, सब ह���न्दू हृदय सम्राट लिखने लगेंगे’ की याद दोहराएँगे।
अभी होली में भभूत लगा कर नाच भी लेंगे काशी में, तो भी लोग विश्वास नहीं करेंगे। वो दिन बीत चुके हैं। जलवा दिखाने के लिए दस-गुणा प्रयास होगा। नाकाम रहेगा।
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी ने दारू पी कर, सड़क के पार जन्मदिन पर उत्सव कर के, घर जाते बिहार के नवयुवकों से पहले बाता-बाती की, फिर सर्विस रिवॉल्वर निकाला, उन्हें बिहारी होने के कारण गालियाँ दी और छाती से बस ���ुछ इंच दूरी से गोली मारी, जो पहले व्यक्ति को चीरते हुए, दूसरे को लगी।
पहला व्यक्ति मर गया, दूसरा गंभीर स्थिति में है। ��िहारी है, तो बिहारी होने मात्र के कारण पुलिस वाला उन्हें मार सकता है। दिल्ली पुलिस को कोई प्रशिक्षण आदि मिलता भी है या नहीं?
ये लोग चलते-फिरते घृणा से भरे बम हैं जो अपने पूर्वग्रह के कारण लोगों की हत्या कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से एक हेट क्राइम है, जिस पर किसी नेता का वक्तव्य नहीं आया है।
बिहार के सांसद-विधायक मुँह में दही जमाए बैठे हैं कि भाजपा कार्यालय से व्हाट्सएप आए तो इस पर कुछ बोलेंगे। भाई नेता हो, तुम्हारा एक ही कार्य है: अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व। यदि वह भी नहीं हो रहा है तो तौलते रहो।
>स्टीमर डूबने के बाद पता चलता है कि सवारी ने लाइफ़ जैकेट नहीं पहने थे,
>बस जलने के बाद पता चलता है कि उसमें इमर्जेंसी एग्जिट डोर तो था ही नहीं,
>ट्रॉली पलटने के बाद पता चलत��� है कि ट्रॉली में सवारी बैठाना मना है,
>ट्रक पलटने के बाद पता चलता है कि वो ओवरलोडे�� था।
>1000 करोड़ की संपत्ति बना लेके बाद पता चलता है कि ऑफिसर भ्रष्ट था
> मरीजों के मरने के बाद पता चलता है कि हॉस्पिटल के पास लाइसेंस नहीं था
>लोगों के मरने के बाद पता चलता है कि खाना एक्सपायर्ड था
>दस्त लगने के बाद पता चलता है कि दूध में यूरिया मिला था।
"दरअसल इन सबके बारे में सिस्टम को पता होता है, बस भ्रष्टाचार की वजह से चलता रहता है।
जब पकड़े जाते हैं तब सबकुछ सामने आता है।
बिहार के सारण में जो लड़की कुएँ में मरी पाई गई, उसके माता-पिता और बहन ने बयान बदल लिया है। अब बयान वही है जो पुलिस का था।
लड़की की आत्महत्या हुई। NHRC ने केस लिया। पुलिस ने बच्ची से वर्दी में कैसे बात की, जबकि कानून इस पर स्पष्ट है कि वो ऐसा नहीं कर सकते।
चाहे नीट वाली छात्रा हो या सारण की, बिह���र पुलिस ने अपना कर्तव्य निभाया है। ये पता नहीं कि कर्तव्य किसके प्रति निभाया। न्याय के प्रति तो नहीं दिखता।
देश में अभी भी 2023 के पहले चलने वाले करोड़ों बाइक-कार आदि हैं (26 करोड़ बाइक, पाँच करोड़ कार) जो E20 कम्प्लायंट भी नहीं है। लेकिन हर पेट्रोल पम्प पर वही मिल रहा है। अब यही लॉबी जिसके फैक्ट्रियों में माँग से अधिक इथेनॉल रखा हुआ है, मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए, सरकार पर दवाब बना रही है कि मिलावट 30% कर दीजिए।
सरकार कर भी देगी। उसे न तो रिसर्च करनी है, न इंजन में ऐसे मिलावटी इंधन की स्वीकार्यता देखनी है, उसे बस लॉबी और पार्टी फंड देखना है।
E20 के कारण पहले भी केवल तीन वर्ष पुरानी गाड़ियों के मालिक इंजन खराब होने की शिकायतें कर रहे हैं, पर परिवहन मंत्रालय से ले कर पेट्रोलियम तक, किसी को कोई अंतर नहीं पड़ता।
ये लोग सप्त��ह-महीने भर में E30 यह बता कर डलवा देंगे कि क्राइसिस है, सह लीजिए, मोदी जी दाम नहीं बढ़ने दे रहे हैं। ऑल पार्टी मीटिंग का एक उद्देश्य यह भी होगा कि पेट्रोलियम क्राइसिस होगी, आप लोग साथ दीजिए वरना अलग-अलग राज्यों में दाम बढ़ेंगे।
कॉन्ग्रेस वहाँ हाँ बोल कर आएगी, और चूँकि वह कहीं भी सत्ता में है नहीं जहाँ चुनाव जीत भी सके, बाहर आ कर हल्ला करेगी। जबकि हिमाचल में पाँच रुपया बढ़ाने का समाचार आ चुका है।
सारांश यह है कि इथेनॉल लॉबी इस आपदा को, ‘राष्ट्र के लिए थोड़ा सह लीजिए’ वाला अवसर बना कर न केवल हमारी गाड़ियों की बैंड बजाएगी बल्कि हमसे ऐसा करवाते समय राष्ट्रवाद का गिल्ट भी माथे पर फेंकेगी।
What a film … #Dhurandhar2 !!! Aditya Dhar 🫡 box office -ka baap !!! Many congratulations to Ranveer and the entire cast and crew. A must watch film for every indian. Jai hind 🇮🇳
@AdityaDharFilms@RanveerOfficial
वाह रे पुलिस! एक मायनर बच्ची को होली खेलने पर खींच कर ले जा रहे हैं जैसे आतंकी हो। और जो आतंकी हैं, वो होली में किसी की हत्या कर के ईद मना रहे हैं और यही नपुसंक पुलिस उन्हें सुरक्षा दे रही है।
मीडिया की गाड़ियां गायब
पुलिस की गाड़ियां गायब
नेताओं का तांता गायब
समाज सेवक/संगठन गायब
अगर कुछ है, तो वह है ज़मीन पर पड़ा अन्याय, अत्याचार और निर्दयता का वह उदाहरण, जिसे स्वर्ण समाज देश की स्वतंत्रता के समय से ही झेलता आ रहा है।
- सारण, बिहार की वो मासूम जिसे 'शोषित वंचित' ली�� गए।
'शोषित वंचितों' ने बलात्कार और हत्या के बाद WhatsApp स्टैटस भी डाला, और राजपूत बच्ची की जान लेने का हर्ष भी मनाया।
ये है 'रोटी-बेटी'!