Thank you, uncle, for this wisdom.
अमीर बनो। अमीर नहीं बन सकते हो तो Attractive बनो।
अगर Attractive नहीं बन सकते, तो Intelligent बनो।
Intelligent नहीं बन सकते, तो Confident बनो।
Confident नहीं बन सकते, तो Disciplined बनो।
क्योंकि अमीर पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है।
खूबसूरत दिखना भी हमारे हाथ में नहीं है।
हर किसी का IQ भी एक जैसा नहीं होता।
लेकिन...
सुबह समय पर उठना,
अपना वादा निभाना,
हर दिन मेहनत करना,
और बिना बहाने के लगातार आगे बढ़ना — ये सब हमारे हाथ में है।
Discipline वो आखिरी हथियार है जो हर इंसान को मिला है.
और अगर इंसान आखिरी हथियार भी इस्तेमाल न करे, तो फिर जिंदगी को बदलने का कोई option नहीं रहता.
अब ये आपके ऊपर है कि आप Discipline चुनते हैं या Excuses.
Most people don't know there's a right order to file health insurance claims when you have multiple policies.
Getting it wrong = leaving money on the table.
Here's how to do it:
1. Start with the policy that covers your hospital (best network, fewest exclusions). Employer group cover usually goes first.
2. Collect Form-64 (Claim Settlement Summary) from insurer #1. This is your proof for the next claim.
3. Use Form-64 + remaining docs to claim the unpaid balance from insurer #2.
For multiple individual policies, the order matters too: — Claim first from the policy where NCB is low — Keep the unlimited restoration policy for last — Keep the zero co-pay policy for last
One ₹70L claim, ₹0 out of pocket — entirely possible if you stack a group cover + individual plan + super top-up correctly.
Full breakdown in the infographic and story by @PuranikIra https://t.co/2IMTziBi4P
The Bhagavad Gita is one sacred part of a much larger scriptural tradition within Sanatana Dharma. This reel offers a simple map of the scriptures of Sanatana Dharma - the vast knowledge system.
🔹सामान्य उपयोग की दवाइयाँ , इसके नाम और उपयोग हम सभी को पता होना चाहिए इसे सेव कर लें और दूसरों तक शेयर करे
@thebrainyogi
1.पैरासिटामोल → बुखार, हल्का-मध्यम दर्द
2.इबुप्रोफेन → दांत दर्द, बदन दर्द, सूजन
3.सेटिरिज़िन → एलर्जी, छींक, नाक बहना
4.लोराटाडिन → एलर्जी (कम नींद लाने वाली)
5.ओमेप्राज़ोल / पैंटोप्राज़ोल → एसिडिटी, सीने में जलन
6.फेमोटिडीन → हल्की एसिडिटी
7.डोमपेरिडोन → उल्टी, जी मिचलाना
8.ओआरएस (ORS घोल) → दस्त, डिहाइड्रेशन
9.एमोक्सिसिलिन → बैक्टीरियल संक्रमण (डॉक्टर की सलाह से)
10.एज़िथ्रोमाइसिन → गला/फेफड़े का संक्रमण (डॉक्टर की सलाह से)
11.मेट्रोनिडाज़ोल → पेट के संक्रमण, अमीबायसिस
12.साल्बुटामोल इनहेलर → अस्थमा में सांस फूलना
13.मोंटेलुकास्ट → एलर्जी, अस्थमा
14.मेटफॉर्मिन → टाइप-2 डायबिटीज
15.एम्लोडिपिन → हाई BP
16.लोसार्टन → हाई BP, किडनी सुरक्षा
17.एटोरवास्टेटिन → कोलेस्ट्रॉल
18.एस्पिरिन (लो डोज) → हार्ट अटैक से बचाव (डॉक्टर की सलाह से)
19.लेवोथायरॉक्सिन → थायरॉइड हार्मोन की कमी
20.गैबापेंटिन → नसों का दर्द (Neuropathic pain)
21.प्रेडनिसोलोन → सूजन, एलर्जी, ऑटोइम्यून रोग
22.फ्यूरोसेमाइड → शरीर में सूजन (एडिमा), हार्ट/किडनी समस्या
23.क्लोपिडोग्रेल → रक्त के थक्के से बचाव (ब्लड थिनर)
24.एनालाप्रिल / रामिप्रिल → हाई BP, हार्ट प्रोटेक्शन
25.इंसुलिन → डायबिटीज (विशेषकर टाइप-1 या अनियंत्रित शुगर)
⚠️ जरूरी सावधानियाँ
•एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड हमेशा डॉक्टर की सलाह से लें
•BP, शुगर, थायरॉइड की दवाएँ नियमित जांच के साथ लें
•दर्द की दवा खाली पेट न लें
•गर्भावस्था, बच्चों और बुजुर्गों में स्वयं दवा न लें