जीवन की सबसे बड़ी उलझन शायद यही है कि हम राहु और केतु दोनों को एक साथ जीना चाहते हैं।
राहु कहता है-
“और चाहिए… थोड़ा और।”
नाम, पैसा, सफलता, अनुभव, पहचान, भोग…
उसकी भूख कभी पूरी नहीं होती।
केतु कहता है-
“अब कुछ नहीं चाहिए।”
वह उसी चीज़ से वैराग्य सिखाता है जिसके पीछे हम कल तक भाग रहे थे।
यही कारण है कि मनुष्य कभी सब कुछ पा लेने के बाद भी खाली महसूस करता है और कभी बहुत कुछ छोड़ देने के बाद भी भीतर से अधूरा रहता है।
राहु संसार में अनुभव लेने भेजता है…
केतु उन्हीं अनुभवों से मुक्त होना सिखाता है..
ज्योतिष में राहु-केतु को केवल “पाप ग्रह” कहकर समझ लेना बहुत सतही दृष्टि है। ये दोनों हमारी इच्छा और वैराग्य, आसक्ति और मुक्ति, भोग और योग इन दोनों ध्रुवों के बीच की यात्रा को दर्शाते हैं।
शायद जीवन का उद्देश्य राहु को दबाना या केतु को पकड़ लेना नहीं है बल्कि राहु से सीखना और केतु को समझना है। जिस दिन आपको पता चल गया कि कहाँ चाहना है और कहाँ छोड़ देना है उस दिन से जीवन में संघर्ष कम और शांति अधिक होने लगती है। क्योंकि अंततः राहु आपको संसार दिखाता है
केतु आपको स्वयं से मिलाता है।
हर-हर महादेव 🖤✨
#Astrology #Rahu #Ketu #VedicAstrology
उस मित्र को बधाई जिसने जानकारी एकत्र की और अपने समृद्ध भारत देश की 1000 साल की शासन व्यवस्था का परिचय हम तक पहूचाया
1 = 1193 मुहम्मद गोरी
2 = 1206 कुतुबुद्दीन ऐबक
3 = 1210 आराम शाह
4 = 1211 इल्तुतमिश
5 = 1236 रुकनुद्दीन फ़िरोज़ शाह
6 = 1236 रज़िया सुल्तान
7 = 1240 मुइज़ुद्दीन बहराम शाह
8 = 1242 अलाउद्दीन मसूद शाह
9 = 1246 नसीरुद्दीन महमूद
10 = 1266 गियासुद्दीन बलबन
11 = 1286 काई खुसरो
12 = 1287 मुइज़ुद्दीन कैकुबाद
13 = 1290 शमुद्दीन व्यापार
1290 गुलाम वंश का अंत
खिलजी वंश
1 = 1290 जलालुद्दीन ख़िलजी
2 = 1296 अलादीन खिलजी
4 = 1316 सहाबुद्दीन उमर शाह
5 = 1316 कुतुबुद्दीन मुबारक शाह
6 = 1320 नसीरुद्दीन खुसरो शाह
7 = 1320 खिलजी वंश का अंत
(शासनकाल - लगभग 30 वर्ष)
*तुगलक वंश*
1 = 1320 गयासुद्दीन तुगलक प्रथम
2 =1325 मुहम्मद बिन तुगलक द्वितीय
3 1351 फ़िरोज़ शाह तुगलक
4 1388 गियासुद्दीन तुगलक द्वितीय
5 =1389 अबू बकर शाह
6 = 1389 मुहम्मद तुगलक तृतीय
7 1394 सिकन्दर शाह प्रथम
8 1394 नसीरुद्दीन शाह द्वितीय
9 =1395 नुसरत शाह
10 = 1399 नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह
11 = 1413 दौलत शाह
1414 *तुगलक वंश का अंत*
शासनकाल - लगभग 94 वर्ष
*सैय्यद वंश
1 = 1414 ख़िज़र खान
2 = 1421 मुइज़ुद्दीन मुबारक शाह
3 = 1434 मुहम्मद शाह चतुर्थ
4 = 1445 अलाउद्दीन आलम शाह
1451 *सैय्यद वंश का अंत*
शासनकाल - लगभग 37 वर्
1 = 1451 बहलोल लोदी
2 = 1489 सिकन्दर लोदी द्वितीय
3 = 1517 इब्राहिम लोदी1526 *लोदी वंश का अं
मुग़ल वंश*
1 = 1526 ज़हरुद्दीन बाबर
2 = 1530 हुमायूँ1539 *मुग़ल वंश का असूरी राजवंश
1 = 1539 शेरशाह सूरी
2 = 1545 इस्लाम शाह सूरी
3 = 1552 महमूद शाह सूरी
4 = 1553 इब्राहिम सूरी
5 = 1554 फ़िरोज़ शाह सूरी
6 = 1554 मुबारक खान सूरी
7 = 1555 सिकंदर सूरीसूरी का अंत
मुगल वंश फिर से शुरू हुआ*
1 = 1555 हुमायूँ पुनः गद्दी पर बैठा
2 = 1556 जलालुद्दीन अकबर
3 = 1605 जहाँगीर सलीम
4 = 1628 शाहजहाँ
5 = 1659 औरंगजेब
6 = 1707 शाह आलम प्रथम
7 = 1712 जहादार शाह
8 = 1713 फरुखसियर
9 = 1719 रायफुडु सिल्वर
10 = 1719 रायफुद दौला
11 = 1719 नेकुशियार
12 = 1719 महमूद शाह
13 = 1748 अहमद शाह
14 = 1754 आलमगीर
15 = 1759 शाह आलम
16 = 1806 अकबर शाह
17 = 1837 बहादुर शाह जफर1857 *मुगल वंश का अंत
शासनकाल - लगभग 315 वर्ष।
ब्रिटिश राज (वायसराय)*
1 =1858 लॉर्ड कैनिंग
2 =1862 लॉर्ड जेम्स ब्रूस एल्गिन
3 1864 लॉर्ड जॉन लॉरेंस
4 =1869 लॉर्ड रिचर्ड मेयो
5 =1872 लॉर्ड नॉर्थबुक
6 1876 लॉर्ड एडवर्ड लेटिनलॉर्ड
7 =1880 लॉर्ड जॉर्ज रिपन
8 1884 लॉर्ड डफरिन
9 = 1888 लॉर्ड हनी लैंसडाउन
10 =1894 लॉर्ड विक्टर ब्रूस एल्गिन
11 =1899 लॉर्ड जॉर्ज कर्जन
12 =1905 लॉर्ड टीवी गिल्बर्ट मिंटो
13 1910 लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंग
14 = 1916 लॉर्ड फ्रेडरिक चेम्सफोर्ड
15 =1921 लॉर्ड रूक्स इसाक राइडिंग
16 = 1926 लॉर्ड एडवर्ड इरविन
17 = 1931 लॉर्ड फ्रीमैन वेलिंगटन
18 =1936 लॉर्ड अलेक्जेंडर लिनलिथगो
19 =1943 लॉर्ड आर्चीबाल्ड वेवेल
20 =1947 *लॉर्ड माउंटबेटन*
*लगभग 90 साल का ब्रिटिश शासन समाप्त
स्वतंत्र भारत, प्रधानमंत्री
1 = 1947 *जवाहरलाल नेहरू*
2 = 1964 *गुलजारीलाल नंदा*
3 = 1964 *लाल बहादुर शास्त्री*
4 = 1966 *गुलजारीलाल नंदा*
5 = 1966 *इंदिरा गांधी*
6 = 1977 *मोरारजी देसाई*
7 = 1979 *चरण सिंह*
8 = 1980 *इंदिरा गांधी*
9 = 1984 *राजीव गांधी*
10 = 1989 *विश्वनाथ प्रताप सिंह*
11 = 1990 *चंद्रशेखर*
12 = 1991 *पी. वी. नरसिम्हा राव*
13 =अटल बिहारी वाजपेई*
14 = 1996 *एच. डी. देवगौड़ा*
15 = 1997 *आई. के. गुजराल*
16 =1998 *ए. बी. वाजपेयी*
17 =2004 *डॉ. मनमोहन सिंह*
18 = 2014 से *नरेंद्र मोदी
विदेशियों और अंग्रेजों की गुलामी से 800 साल बाद
अब बताओ अल्पसंख्यक कौन हैं
यह राष्ट्र वर्षों के संघर्ष के परिणामस्वरूप आज भी एक राष्ट्र के रूप में जीवित है
मित्रों... भारत का इतिहास पढ़ें और इसे दस अन्य लोगों के साथ साझा करें, इसे एकत्र करके भेजने वाले व्यक्ति को कितना समय लगा होगा, उनकी मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए, इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक ग्रुप में भेजें
आज एक शानदार ट्वीट हाथ लगा -
बंदी लिखती है कि - मैंने इंडियन जॉब मार्केट को एनालाइज़ किया और अभी सबसे ज़्यादा सैलरी वाले करियर ये हैं:
1. PG ओनर:
इस आदमी ने एक कमरे में 3 लोगों को रखा है, हर एक को ₹10k–15k मिलते हैं।
वह शायद फ्लैट का ₹40k किराया दे रहा है और उससे ₹1–1.5 लाख कमा रहा है।
2. सुट्टा शॉप ओनर:
हज़ारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस आदमी की वजह से ज़िंदा हैं।
कोई पिच डेक नहीं। कोई MBA नहीं। कोई स्टार्टअप फंडिंग नहीं।
एक ₹5 की सिगरेट ₹15 में बिकती है।
कुछ दुकानें टेक पार्क के बाहर सिर्फ़ चाय, सिगरेट और स्नैक्स बेचकर महीने के ₹30k–50k कमाती हैं।
3. बैंगलोर लैंडलॉर्ड:
एक 2BHK ₹90 लाख में खरीदता है, उसे ₹50k/महीने किराए पर देता है और गायब हो जाता है।
कोई गीज़र ठीक नहीं। कोई पेंट नहीं। कोई मेंटेनेंस नहीं।
बस हर साल 10% किराया बढ़ाओ और WhatsApp पर "लास्ट प्राइस" भेज दो।
4. वॉटर टैंकर मालिक:
यह आदमी सच में बैंगलोर का अपना पानी बैंगलोर के लोगों को वापस बेचता है। ₹1200–1500 प्रति टैंकर। रोज़ कई चक्कर। ( हमारे यहाँ वाला 2,000 लेता है)
पानी की कमी के दौरान, टैंकर मालिकों ने हड़ताल भी की।
सोचो किसी शहर में इतनी पावर हो।
5. ब्रोकर:
तुम्हें 3 बहुत खराब फ्लैट दिखाता है।
एक में लीकेज है। एक में चूहे हैं।
तीसरा "मेट्रो से पैदल दूरी पर" है जो किसी तरह 5 km दूर है।
तुम फिर भी उसे ले लो।
फिर तुम और मकान मालिक दोनों उसे एक महीने का किराया देते हो।
इस बीच, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सैलरी बढ़ने की उम्मीद में रात 2 बजे DSA के सवाल हल कर रहे हैं।
हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं, सब रटा रटाया।
क्या हमें चालीसा पढ़ते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं?
बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो।
तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
《अर्थ》→ गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।
《अर्थ》→ हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥
《अर्थ 》→ श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।
राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥
《अर्थ》→ हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।
महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥
《अर्थ》→ हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।
कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥
《अर्थ》→ आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।
हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥
《अर्थ》→ आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।
शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥
《अर्थ 》→ हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।
विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥
《अर्थ 》→ आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥
《अर्थ 》→ आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है।
सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥
《अर्थ》→ आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके लंका को जलाया।
भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥
《अर्थ 》→ आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।
लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥
《अर्थ 》→ आपने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥
《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥13॥
《अर्थ 》→ श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद,सारद सहित अहीसा॥14॥
《अर्थ》→श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥15॥
《अर्थ 》→ यमराज,कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।
तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥
《अर्थ 》→ आपनें सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।
तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥17॥
《अर्थ 》→ आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।
जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥
《अर्थ 》→ जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे। दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझ कर निगल लिया।
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥
《अर्थ 》→ आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह मे रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नही है।
दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥
《अर्थ 》→ संसार मे जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।
राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥
《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप.रखवाले है, जिसमे आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नही मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू.को डरना॥22॥
《अर्थ 》→ जो भी आपकी शरण मे आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक है, तो फिर किसी का डर नही रहता।
आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हाँक ते काँपै॥23॥
《अर्थ 》→ आपके सिवाय आपके वेग को कोई नही रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।
भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥
《अर्थ 》→ जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नही फटक सकते।
नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥
《अर्थ 》→ वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है,और सब पीड़ा मिट जाती है।
संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥
《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! विचार करने मे, कर्म करने मे और बोलने मे, जिनका ध्यान आपमे रहता है, उनको सब संकटो से आप छुड़ाते है।
सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 27॥
《अर्थ 》→ तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यो को आपने सहज मे कर दिया।
और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥
《अर्थ 》→ जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन मे कोई सीमा नही होती।
चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥
《अर्थ 》→ चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग मे आपका यश फैला हुआ है, जगत मे आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।
साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥
《अर्थ 》→ हे श्री राम के दुलारे ! आप.सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥३१॥
《अर्थ 》→ आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।
1.) अणिमा → जिससे साधक किसी को दिखाई नही पड़ता और कठिन से कठिन पदार्थ मे प्रवेश कर.जाता है।
2.) महिमा → जिसमे योगी अपने को बहुत बड़ा बना देता है।
3.) गरिमा → जिससे साधक अपने को चाहे जितना भारी बना लेता है।
4.) लघिमा → जिससे जितना चाहे उतना हल्का बन जाता है।
5.) प्राप्ति → जिससे इच्छित पदार्थ की प्राप्ति होती है।
6.) प्राकाम्य → जिससे इच्छा करने पर वह पृथ्वी मे समा सकता है, आकाश मे उड़ सकता है।
7.) ईशित्व → जिससे सब पर शासन का सामर्थय हो जाता है।
8.)वशित्व → जिससे दूसरो को वश मे किया जाता है।
राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥
《अर्थ 》→ आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण मे रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।
तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥
《अर्थ 》→ आपका भजन करने से श्री राम.जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है।
अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥34।।
《अर्थ 》→ अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे।
और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥
《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नही रहती।
संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥
《अर्थ 》→ हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।
जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥37॥
《अर्थ 》→ हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो! आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।
जो सत बार पाठ कर कोई, छुटहि बँदि महा सुख होई॥38॥
《अर्थ 》→ जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥
《अर्थ 》→ भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।
तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥40॥
《अर्थ 》→ हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है। इसलिए आप उसके हृदय मे निवास कीजिए।
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
《अर्थ 》→ हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरुप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय मे निवास कीजिए
BREAKING: These 12 careers will quietly dominate the next 10 years.
Most people won’t notice until it’s too late.
The people learning these skills today will be impossible to ignore by 2030
CEO of Google 🇮🇳
CEO of Microsoft 🇮🇳
CEO of YouTube 🇮🇳
CEO of Adobe 🇮🇳
CEO of IBM 🇮🇳
CEO of NetApp 🇮🇳
CEO of Palo Alto Networks 🇮🇳
CEO of Arista Networks 🇮🇳
CEO of Novartis 🇮🇳
CEO of Micron Technology 🇮🇳
CEO of Honeywell 🇮🇳
CEO of Flex 🇮🇳
CEO of Wayfair 🇮🇳
CEO of Chanel 🇮🇳
CEO of FedEx 🇮🇳
CEO of Zscaler 🇮🇳
CEO of Cadence Design Systems 🇮🇳
CEO of Vertex Pharmaceuticals 🇮🇳
CEO of Penguin Random House 🇮🇳
CEO of HubSpot 🇮🇳
CEO of GoDaddy 🇮🇳
CEO of Procter & Gamble 🇮🇳
CEO of Micron Technology 🇮🇳
Global Head of WhatsApp 🇮🇳
President of the World Bank Group 🇮🇳
Khatam Tata Bye Bye
दरअसल, अब पता चलेगा आम आदमी को, लत तो लग ही चुकी है वो तो छूटेगी नहीं😃
Airtel ने अपने Users को तगड़ा झटका दिया है। Airtel ने अपने काफ़ी Plans बंद कर दिए हैं।
299 रुपए वाला Recharge Plan बंद
319 रुपए वाला Recharge Plan बंद
579 रुपए वाला Recharge Plan बंद
619 रुपए वाला Recharge Plan बंद
649 रुपए वाला Recharge Plan बंद
799 रुपए वाला Recharge Plan बंद
इसमें सबसे सस्ता प्लान 299 वाला था जो अधिकतर लोग करवाते थे जो कि 28 दिन की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और 1GB इंटरनेट प्रति दिन देता था मगर अब यह भी बंद हो चुका है।
अब यदि इंटरनेट चलाना है तो जेब ढीली करनी ही पड़ेगी।
TRAI आखिर कर क्या रही है?
कभी Connecting People जैसे campaigns थेआज सवाल यह है कि consumer के पास switch करने के लिए कितने मजबूत विकल्प बचे हैं?
Smart Phone अब सुविधा नहीं, हर महीने का अनिवार्य खर्च बनता जा रहा है। घर में 6 लोग हैं तो 6 अलग recharge… Wi-Fi होने के बावजूद।
#TRAI के पास tariff और consumer protection की जिम्मेदारी है, तो फिर आम आदमी की जेब और विकल्पों पर इतना दबाव क्यों?
क्या consumers को सिर्फ recharge करते रहना है और regulator को सिर्फ देखते रहना है?
आखिर आम आदमी के हित में TRAI की जवाबदेही कब दिखाई देगी? @TRAI
🚨 @airtelindia & @reliancejio please launch a truly affordable/low cost Voice + SMS only Monthly recharge plan with ZERO internet data.
Not everyone needs daily data. Many poor, low income, senior citizens and basic keypad phone users mainly need calling and SMS.
Example - Start With 100Rs Plan
💬Comment & Repost if You are agreee with this proposal 🇮🇳👍
#Airtel #Jio #Recharge #Telecom #India
विचारणीय : मनोहर पर्रिकर ने एक बार अपनी आपबीती बयान की थी।
"मैं गोआ के एक गाँव "पर्रा" से हूँ, इसलिये हम "पर्रिकर" कहे जाते हैं। मेरा गाँव अपने तरबूजों के लिये प्रसिद्ध है। जब मैं बच्चा था, वहाँ फसल कटाई के बाद मई में किसान एक 'तरबूज खाओ प्रतियोगिता' आयोजित करते थे। सभी बच्चों को बुलाया जाता था और उन्हें जितने चाहो उतने तरबूज खाने को कहा जाता था।
कई साल बाद, मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिये IIT मुम्बई चला गया। फिर 6.5 साल बाद अपने गाँव वापस आया। मैं तरबूज ढूंढने बाजार गया। पर वो गायब थे। जो वहाँ मिले भी वे बहुत छोटे-छोटे थे।
मैं उस किसान से मिलने गया जो 'तरबूज खाओ प्रतियोगिता' आयोजित करता था। अब उसकी जगह उसके बेटे ने ले ली थी। वह प्रतियोगिता आयोजित करता था पर एक अंतर था। जब वो बूढ़ा किसान हमें तरबूज खाने को देता था, वह हमें एक कटोरे में बीज थूक देने को कहता। हमें बीज चबाने की मनाही थी। वह अगली फसल के लिये बीज इकट्ठा कर रहा था।
हम अवैतनिक बाल मजदूर थे, असल में ।
वह प्रतियोगिता के लिये अपने बेहतरीन तरबूजे रखता था जिनसे वह सबसे अच्छे बीज प्राप्त करता था जिनसे अगले साल और भी बड़े तरबूज पैदा होते थे। जब उसका बेटा आ गया, तो उसने सोचा कि बड़े वाले तरबूजों के बाजार में ज्यादा दाम मिलेंगे सो उसने बड़े वाले तो बेचने शुरू किये और प्रतियोगिता के लिये छोटे तरबूज रखने लगा। अगले साल, तरबूज छोटे हुए, और अगले साल उनसे भी छोटे। तरबूजों की पीढ़ी एक साल की होती है।
सात सालों में, पर्रा के बेहतरीन तरबूजों का सफाया हो गया। मनुष्यों में, 25 साल पर पीढ़ी बदल जाती है। हमें 200 सालों में यह पता चलेगा कि हम अपने बच्चों को पढ़ाने में क्या त्रुटियाँ कर रहे थे।
अच्छे बीज याने प्रतिभाओं का चयन अपने आप में एक बड़ा कार्य है। विसंगत विचार, रिजर्वेशन जैसी बेकार चीजो के चलते हमारे अच्छे तरबूज बाज़ार में चले जाएंगे और हमारे पास फिर बेमतलब के निकृष्ट बीज ही रह जाएंगे।
सोचना पड़ेगा, आज ही....
आज अल्मोड़ा के रवि टम्टा चर्चा में हैं
उन्होंने अपने पर्सनल इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण किया है। हमारे देश में प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का वैसे तो ज्यादा चलन नहीं है लेकिन हम लोग इस युवा का हौसला तो बढ़ा ही सकते हैं।
बहुत बहुत बधाई
भारत के GI-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाज़ार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
@APEDADOC के सहयोग से बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन GI-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया। दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदी गई इस खेप से उन्हें बाज़ार मूल्य की तुलना में लगभग 18% अधिक लाभ मिला है।