कभी पढ़ लिख लिया करो
जेड प्लस सुरक्षा 2012 में काँग्रेस के समय में मिली थी आदरणीय मोहन भागवत जी को
2012 में रिव्यू करने के बाद केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को जरूरी पुलिस लगाने के आदेश दिए CISF के साथ
लेकिन उस समय तो शायद आप शीला जी के चप्पल उठा रहे थे ???
बाबरी मस्जिद के पोस्टर बाय अशोक मोची, नील मानवों की दोगली मानसिकता को उजागर कर रहे हैं-"तुम्हारी समस्या जाति को लेकर है। तुम्हारा उत्पीड़न जाति की वजह से होता है, तो जाति छोड़ो। धर्म छोड़कर भी जाति तो बनी ही रही। बौद्ध होकर भी क्या तुम्हारी जाति खत्म हो गई?"
क्योंकि जाति से तुम्हें फायदे मिलते हैं, आरक्षण मिलता है, इसलिए जाति ककभी नहीं छोड़ोगे..
एक युवक ने *हनुमान चालीसा* गाना शुरू किया — मसूरी की सड़क किनारे।
न कोई स्टेज* था, न कोई बड़ा इंतज़ाम
बस एक माइक्रोफोन और एक गिटार।
उसने इतनी सुंदर और मधुर आवाज़* में गाया कि उसकी आवाज़ सुनकर* लोग रुकने लगे। धीरे-धीरे वहाँ भीड़ इकट्ठी* हो गई और कई लोग उसके साथ मिलकर हनुमान चालीसा गाने लगे।
पूरा वातावरण भक्ति* और आध्यात्मिक ऊर्जा* से भर गया।
8 मिनट का यह वीडियो सच में आपकी आत्मा को छू लेगा
— इसे पूरा ज़रूर देखें।
आवाज़ काँप रही है गालियों से सीधा जी ज़ी पर आ गए और किसी “बंकर” में छुपकर वीडियो बना रहे हो
और कह रहे हो “डरूँगा तो नहीं” 🤣🤣
आप राहुल गाँधी के सिपाही हो इसलिए ही डरपोक हो बाक़ी काँग्रेसी होते ही डरपोक है। 👇
पप्पू यादव:-👇
एक दुर्दांत_अपराधी की कहानी
👉 इल्जाम की काली सूचि!
01. स्वर्गीय अजीत सरकार mla, पूर्णिया
02. रमाकांत सिंह , नप चैयरमैन, कटिहार
03. कॉमरेड असफाक या अफाकूर रहमान cpm नेता,पूर्णिया
04. स्वर्गीय हरेंद्र शर्मा (अजीत दा का गार्ड )
05. किशोर सिंह , भट्ठा बाजार, पूर्णिया
06. रंगू सिंह , गुलाब बाग़, पूर्णिया
07. शेरू सिंह , विष्णुपुर ड्यौढी,धमदाहा
08. परमानंद चौधरी , बनमनखी
09. कलानन्द झा , नवटोल, मधेपुरा
10. अभय सिंह , नवटोल, मधेपुरा
11. मुनमुन सिंह, भटोतर, बड़हरा कोठी
12. संजय सिंह , भटोतर,बड़हरा कोठी
14. अशोक सिंह , कुआंरी, पूर्णिया
15. विनोद सिंह , धमदाहा, पूर्णिया
16. राम सिंह ,बनमनखी , पूर्णिया
17. गोपाल सिंह , सरसी,पूर्णिया
18. कुंदन सिंह , मुरली-चंदवा, उदा किशुनगंज
परीक्षा के दौरान कटिहार में मार दिया
19. mlc अशोक अग्रवाल,कटिहार के पेट्रोल पंप का कर्मचारी
(सिर्फ इसलिए की पेट्रोल का पैसा माँग दिया)
20. भगवान यादव जोगबनी , अररिया
(अपने ही साथी को इसलिए मरवा दिया कि उसका प्रभाव बढ़ रहा था)
यह "काली सूचि" अभी अधूरी है ....
समाज के कुछ बिकाऊ पत्रकार और नौसिखिए फेसबुकिए नौजवान एक बगुला भगत , नौटंकीबाज नेता को उसके काले करतूतों और खून से रंगे स्याह इतिहास को भूलकर महिमा मंडन में रात -दिन एक किए हुए हैं । ऐसे नासमझों के लिए आज यह 'ब्लैक लिस्ट' जारी करना मैंने मुनासिब समझा, जिन्हें दर्जनों माँओं की उजड़ी कोख , बहनों की सूनी मांगों, अपनी इज्जत -अस्मत , लाज -शर्म, जिल्लत -अपमान से कोई वास्ता नहीं । जो सब उठाकर बेशर्मी से पी गया है ।
वे 90 दशक के उन खौफनाक दिनों को भूल गए, जब कोशी-पूर्णिया प्रमंडल में पुरुलिया हथियार कांड आरोपी इस दुर्दांत के बेलगाम गुंडागर्दी के कारण माँ -बहनो की इज्जत- अस्मत , घर, खेत-खलिहान और फ़सलें लूटी गईं। बसों -ट्रेनों से निर्दोषों को खींच कर जाति पूछकर पीटा गया । पंडों -पुरोहितों के थूक से टीके मिटाए गए । जनेऊ काटे गए ? सरे बाजार औरतों को नंगी कर सामूहिक प्रदर्शन किया गया । मधेपुरा sp भवेश ठाकुर के गाड़ी चढ़ाकर दोनों पैर तोड़े गए । pp विदुर झा जी का सपरिवार सार्वजनिक तौर घोर अपमान किया गया । गरीब रैली के दौरान रास्ते में बेगूसराय में शौच के लिए निकली महिलाओं पर गोलियां बरसाई ।
यूँ तो इस कथित मसीहा के अन्याय भोगने वाले सभी जाति -धर्म के लोग थे, पर इनके कत्ल और अपमान के ज्यादातर शिकार सवर्ण हुए, जो आज बेहयाई से इसके सभी काले कारनामों को भूल गए हैं ?
'नुक्लियर डील' पर जो दो-दो बार नरसिंहा रॉव औऱ मनमोहन सरकार के मत विभाजन पर पत्नी सहित ख़ुद को करोड़ों के भाव बेचा हो , जिसका आर्थिक सम्राज्य आज भी बाहर से आई निर्माण कंपनियों , प्राइवेट अस्पतालों , स्कूलों , बड़े व्यापारियों , ठेकेदारों , ngo, शराब औऱ जमीन माफियाओं के हफ्ता वसूली पर टिका हो, वो आज दानवीर कर्ण बनते घूम रहा है ।
किसी ने सच ही कहा -
"क्या मिलिए ऐसे लोगों से जिसकी फितरत छुपी रहे ,
नकली चेहरा सामने आए असली सूरत छिपी रहे ।
दान की चर्चा घर -घर पहुँचे,लूट की दौलत छिपी रहे" ...
अनाज की चंद बोरियां , दूध औऱ पानी की चंद बोतलें या दवा की कुछ पेटियाँ , दर्जनों बेगुनाहों के ख़ून का हिसाब नहीं हो सकता ...!!!
नासमझो !
माँ के दूध को मत लजाओ । बंद करो ये महिमा मंडन, वरना आने वाली पीढ़ियाँ तुम्हें कभी माफ़ नहीं करेंगी ...!
बताओ क्या इज्ज़त रह गई कांग्रेस के युवराज राहुल गाँधी की ??
अब तो पुराने कांग्रेसी भी राहुल से हाथ नही मिलाते ,, 😜
"राहुल गांधी" ने केंद्रीय मंत्री "रवनीत सिंह बिट्टू" को “गद्दार” कहकर संबोधित किया और हाथ मिलाने की पेशकश भी की।
इसके जवाब में बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार किया और “देश के दुश्मन” कहते हुए आगे बढ़ गए। 🤣🤣