छत्तीसगढ़ एसआई भर्ती परीक्षा परिणाम में देरी को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे परीक्षार्थियों को जबरन उठा लेना कई सवाल खड़े करता है। सबसे पहला सवाल यह है कि परीक्षार्थियों की मांग क्या वाजिब नहीं थी? जब सरकार परीक्षा करवाने में सक्षम थी, तो परिणाम जारी करने मे��� इतनी देरी क्यों हो रही है? अगर परीक्षार्थी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें दबाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है?
क्या यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है कि जब भी युवा अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उनका दमन किया जाए? यह घटनाक्रम यह भी सवाल उठाता है कि क्या प्रशासनिक तंत्र इतने असंवेदनशील हो गए हैं कि वे युवाओं की चिंताओं को समझने के बजाय, उन्हें चुप कराने पर जोर दे रहे हैं? आखिरकार, परीक्षा परिणाम जारी करना एक सरल प्रक्रिया है, तो इसमें इतनी देरी और विवाद क्यों?
#Chhattisgarh
@vishnudsai सरकार पर भरोसा था, गृहमं��्री @vijaysharmacg जी के आश्वासन पर भरोसा था आज हमारा रिजल्ट आ ही जायेगा,
लेकिन सुशासन हमे कही नजर नहीं आ रहा, पूरे दिनभर में अभी रात के अंधेरे में बिना एंबुलेंस के पुलिस का ये व्यवहार सरकार पर सवाल कर रहा है???
@IBC24News @IBC24News
आज हमारा आमरण अनशन का 5वा दिन है और आज हमारी बहन सुश्री श्रद्धा कर्ष ने भी अनशन में हमारा साथ देने का निश्चय किया है।
सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा परिणाम और नियुक्ति की निश्चित तारीख को घोषणा तक अनशन जारी रहेगा।
जय हिंद 🇮🇳
@SeemaBodelkar@kewal_karsh@vijaysharmacg@Vishnu_Jain1
@vijaysharmacg@vishnudsai जो पहले भर्ती हुई थी उसका क्या आदरणीय बेचारे अभ्यर्थी उनकी तो कोई सुन ही नहीं रहा है हम भी पार्टी के समर्थक है समर्पित कार्यकर्ता है बिना किसी स्वार्थ के,जब कोई हमारे सामने ऐसे मुद्दों पर कुछ कहता है हमारी तो जुबान ही बंद हो जाती है कुछ कीजिए माननीय गृहमंत्री जी उम्मीदें कायम है।