उत्तरप्रदेश के अतरौली पेड़ चौराहे पर एक गरीब टेम्पो वाला गलती से कावड़ियों से टकरा गया , कावड़ियों ने गरीब व्यक्ति के टेम्पो को तोड़फोड़ करके चलाने लायक भी नहीं छोड़ा ,
कोई अगर गलती से टकरा जाये तो आप हिंसा पर उतारू हो जायेंगे , ये कौनसा धर्म कहता है ?
AIMIM प्रमुख और सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी साहब कहते हैं, "किसी व्यक्ति की अज्ञानता उसके मुंह से निकले शब्दों से ही पता चल जाती है। न तो वे और न ही उनके पूर्वज कभी आज़ादी की लड़ाई में शामिल हुए। मदरसों ने ही 1857 की आज़ादी की लड़ाई से पहले और उसके दौरान जिहाद के फ़तवे (1/2)
फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और डीपफेक कंटेंट के प्रसार को लेकर खेद जताया है। केंद्र सरकार के साथ जारी विवाद के बीच उन्होंने इस संबंध में माफीनामा भेजा है। यह घटनाक्रम उस हालिया बैठक के बाद सामने आया है, जिसमें केंद्र सरकार और मेटा के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर CSAM और डीपफेक सामग्री को रोकने के उपायों पर चर्चा की थी।
मोहम्मद शमी शानदार गेंदबाज़ है। उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं। अपनी गेंदबाज़ी की बदौलत शमी ने अपना एक अलग मुकाम बनाया है। लेकिन वो पिछले काफी दिनों से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें चयनकर्ताओं से निराशा मिली है। उनका सलेक्शन ना किए जाने पर चयनकर्ताओं की नीयत पर भी सवाल उठे हैं। कुल मिलाकर शमी ‘खिलाड़ी’ हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, आज़ाद भारत का पहला दहशतगर्द गोडसे किसी मदरसे का तालीब-ए-इल्म नहीं था। लेकिन भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद मदरसे में पढ़े थे। मुंशी प्रेमचंद और राजा राम मोहन राय ने भी मदरसे में तालीम हासिल की थी।
Dear Gen Z
आपको बदनाम कर रहे हैं जो एंकर उनका आपने बहिष्कार किया अब बारी है उन एक्टर्स का बहिष्कार करने की जिन्होंने दलाली की और आपके आंदोलन का मज़ाक़ उड़ाया।
No to Godi Anchors
No to Godi Actors
दिल्ली में सौरव दास के घर में घुसे यूट्यूबर, CJP नेताओं ने शेयर किया वीडियो
◆ सीजेपी नेता ने दिल्ली पुलिस से की शिकायत
#SauravDas | Saurav Das | House Youtubers
"Why did he try to jab a baton at my buttocks?"
- ऐसा ऑर्डर देने वाला अधिकारी अगर मुझसे माफी मांग ले तो मुझे भी बहुत खुशी होगी
मुस्कान शर्मा वही प्रोटेस्टर हैं, जिनके साथ एक पुलिसकर्मी ने प्रोटेस्ट के दौरान दुर्व्यवहार किया था और डंडा घुसाने की कोशिश की थी.
15 साल की बच्ची से प्रधानमंत्री लड़ेंगे तो न्याय कैसे मिलेगा?
उस बच्ची को बलात्कार की धमकी मिल रही है।
देश की न्याय पालिका में सामाजिक न्याय कहाँ है?
हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट SC /ST/OBC के कितने जज हैं?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को इतिहास पढ़ने की ज़रूरत है। आज़ादी की लड़ाई में हमारे उलेमा ने अपनी जानें कुर्बान कीं, संघ परिवार के लोगों ने नहीं.
मैं वही लड़की हूं- जिसने मुंबई में पुलिस की वैन को रोका था और अब मेरे बारे में कई नैरेटिव चलाए जा रहे हैं।
मैंने 20 बच्चों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने से रोका था। अब मुझे हैरेस किया जा रहा है, जो कि क्राइम है।
मैंने 27 जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन आज 5 अगस्त है और अब तक FIR नहीं हुई है। हालांकि, मुझे खुशी है कि मैं जिन युवाओं के लिए खड़ी हुई, आज वे मेरे साथ खड़े हैं।
: रिया अहीर जी
मौलाना मदनी ने कहा:
• उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों पर दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना, असंवैधानिक और सामाजिक सौहार्द के लिए घातक बताया।
• दारुल उलूम देवबंद और देश के मदरसों के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उलेमाओं ने देश की आज़ादी के लिए जेलें काटीं, कुर्बानियाँ दीं और कभी अंग्रेज़ी हुकूमत के सामने घुटने नहीं टेके।
• इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि जब उलेमा आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे थे, तब कुछ लोग अंग्रेज़ी हुकूमत से दया याचिकाएँ भेज रहे थे।
• मदरसों और मुसलमानों को लगातार निशाना बनाए जाने को चुनावी और सांप्रदायिक राजनीति का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य समाज में नफरत और विभाजन पैदा करना है।
• उपमुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संविधान की मर्यादा, सामाजिक सौहार्द और सभी नागरिकों के सम्मान की रक्षा करने की अपेक्षा व्यक्त की।
• स्पष्ट किया कि नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि तथ्यों, तर्क, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर दिया जाएगा।
#ArshadMadani
#Unity #Democracy #HatePolitics #FactBasedHistory #Justice #IndianConstitution #Peace
इसे मजाक समझकर हल्का न लें।
अटपटी बात, पहले फ्रिंज एलिमेंट ही बोलना शुरू करते हैं। ऐसी बातें हंसी और हिकारत के साथ, डिस्कोर्स का हिस्सा बनती हैं। धीरे धीरे ये बहस आपके गले उतारकर नॉर्मल बना दिया जाता है।
पक्ष विपक्ष में बात होने लगती है। विचार खड़ा हो जाता है। यति नरसिंहानंद ने शुरुआत कर दी है।
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सामाजिक विभाजन की राजनीति, भौतिक विभाजन के लिए दरारे शुरू करती हैं। पहले इन दरारों पर, नरसिंहानंद जैसी घास घुसकर सीटें पैदा करती है।
और फिर दरारों को चौड़ा कर जिन्ना सावरकर जैसे जहरीले फलों के पेड़ उगने लगते हैं। आखिर में जमीन के दो टुकड़े पैदा हो जाते है।
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इस इस पूरी प्रक्रिया का, हमारा इतिहास गवाह है। पाकिस्तान हिंदुस्तान का विचार फ्रिंज एलिमेंट्स ने ही शुरू किया था। और फिर जब उसके पक्ष विपक्ष में बाते होने लगी, तो नेताओ ने लपक लिया।
धर्म के नाम पर इस देश के तीन टुकड़े 1947 में हो गए थे।
पिछली बार, विचार से विभाजन की यात्रा में 15 साल लगे थे। आज इक्कीसवीं सदी में, बीसवीं सदी की कुंठाओ वाली राजनीति होते 12 साल हो चुके हैं।
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सवाल यह कि ये कहाँ तक जाएगा।
क्योकि मामला केवल हिन्दू मुसलमान तक नही रुकता। वह जाट वर्सेज गैर जाट, यादव वर्सेज गैर यादव, सिख वर्सेज हिन्दू, द्रविड़ वर्सेज हिन्दू, वामपन्थी वर्सेज रामपंथी समेत तमाम तरह की इन्नोवेटिव दरारें बनाई जा चुकी हैं। उनमें वोटो की फसल निकल रही है।
यह टुकड़े टुकड़े गैंग, फिर से 630 रियासतों का दौर लायेगा। और जो अंधभक्त, अखण्ड भारत का जाप करते करते इस विखंडन की पालकी ढोते रहे,
वे इतिहास में अपराधी गिने जाएंगे।