माँ के गहने तक उतर गए, बच्चों की क़िस्मत बनाने मे..!
और क़िस्मत वाले बच्चे माँ का चश्मा न बना पाये,सिर्फ पैसे बचाने मे..!💔🥀
Use it-#i_सग्यान🙆🏻♂️
Fᴏʟʟᴏᴡ ᴀᴄᴄᴏᴜɴᴛ👉-@enoughnikku_26
Lɪᴋᴇ-❤️
Cᴏᴍᴍᴇɴᴛ-💬
Sʜᴀʀᴇ-📤
Rᴛ-🔃
कुलदीप सिंह सेंगर और महेश सिंह तथाकथित झूठी बलात्कार पीड़िता के चाचा के बीच घनिष्ठ दोस्ती था लेकिन प्रधानी का चुनाव कुलदीप सिंह सेंगर के लिए काल बन गया।
कुलदीप सेंगर चुनाव क्या जीत गए विरोधियों को बाडी फाड़ना और खरोंचना पड़ गया 🤣
#UnnaoKaSach#ISupportKuldeepSengar
पूरे आठ वर्ष व्यतीत होने को हैं तथाकथित दुष्कर्म प्रकरण दिन ब दिन नया रूप लेता जा रहा है सजाएं मौत की मांग करने वाली तथाकथित पीड़िता व उसके पारिवारिक सदस्य,नित नए बनने वाले सहयोगी फर्जी वाहवाही और आत्ममुग्धता भरी लोकप्रियता का शिखर चूमने की आतुरता में मशगूल हैं किसी को यह नहीं सूझता कि प्रत्येक घटनाक्रम हमेशा दो पहलुओं से जुड़ा होता है एक सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक यह भी जगविदित है कि तथाकथित पीड़िता के पिता और चाचाओ का लंबी फेहरिस्त में अपराधिक इतिहास है ऐसे में पीड़िता उसके परिजन और साथ हुए सुविधावादी सहयोगियों की पड़ताल की भी आवश्यकता प्रतीत है वर्षों से सुरक्षा में लगे सी आर पी एफ के जवान भी मिलने जुलने वालों और इन सबके निजी जीवन में व्याप्त चारित्रिक चिंतन की संपूर्ण जानकारी दे सकते हैं क्योंकि पूरे देश में कलम और तलवार की धनी धरती उन्नाव इस गंभीर घटनाक्रम से अभिशप्त है
राजनैतिक क्षितिज में प्रधान पद के निर्विरोध निर्वाचन से लेकर लगातार चार मर्तबा विधायक पद को सुशोभित करते हुए अपनी धर्मपत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित करा पाना हर किसी के वश की बात भी नहीं है वैसे भी किन्हीं दो लोगों में मारपीट और निरंतर रार बनते जाना इसमें भी प्रायः दोनों पक्षों की छोटी छोटी गलतियां अक्सर बड़ा रूप ले लेती हैं और इस समूचे घटनाक्रम में भी ऐसा ही हुआ है लेकिन जनप्रिय लोकप्रिय जातिवाद से परे होकर जिस तरह से हम सबने जनमानस के बीच श्री कुलदीप सिंह सेंगर को पाया है
तो उस सबसे माखी गांव ही नहीं पूरे जिले की आवाज कानून विदो ,रक्षकों , न्याय के मंदिर स्वरूप स्थापित माननीय अदालतों को सुनना ही चाहिए मेरी समझ के मुताबिक माननीय सर्वोच्च न्यायालय को किसी भी असाधारण मामले में आरोप तय हो जाने के बाद भी पहले की जांच प्रक्रिया के विस्तार के रूप में पुनर्जांच के लिए आदेश करने का सम्पूर्ण अधिकार है ऐसा करने से नई नई जानकारियां सुबूत के रूप में सामने आ सकती है क्योंकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का काम ही सच्चाई तक पहुंचना और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना रहा है, है, और सदैव रहेगा भी यहां यह भी गौर करना होगा कि किसी भी आरोपी को "जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार"के तहत निष्पक्ष सुनवाई पाने का अधिकार है
इधर करीब दस वर्षों के अंतराल में सोशल मीडिया की फूहड़ और गैर जिम्मेदाराना सक्रियता के बाद से प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अचंभित और हलाकान है लिहाजा वह भी उसी राह पर चल पड़ी है जिसमें चाहे सारा का सारा रोम भले जल जाए लेकिन न्यूरो की बांसुरी का बेसुरा राग सतत् गूंजता ही रहे टी आर पी की क्षुधा अशांत अवस्था में जा पहुंची है और यही इस पूरे प्रकरण की असल इन्वेस्टिगेशन बनकर उभरी है
मेरा प्रत्येक वर्ग,जाति सम्मानित पुरुष/सम्मानित महिला, युवा जन आदि सभी से विनम्र अनुरोध है कि अत्यंत गंभीर बन चुके इस मामले में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से जनांदोलन का रूप दें ताकि भविष्य के दृष्टिगत सार्वजनिक जीवन जीने वाले जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों को राहत मिल सके क्योंकि अब उपजी इन परिस्थितियों में जो तटस्थ हैं समय उनका भी इतिहास जरूर लिखेगा ||
लेखक 18 वर्ष विभिन्न सम्मानित समाचार पत्रों में पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े रहने के बाद वर्तमान समय नगर पालिका परिषद उन्नाव में लगातार तीसरी मर्तबा सभासद हैं
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#unnaokasach
ऐश्वर्या सिंह सेंगर @SengarAishwarya
उन्नाव की इस बिटिया को आने वाले समय मे उस बेटी के रूप मे याद किया जायेगा
जिसने तब अपने पिता के लिए लड़ाई लड़ी जब पूरा तंत्र,मीडिया का शोर और बनावटी जन भावनाएँ उसके विरुद्ध खड़ी थी
जिस धैर्य, शालीनता और संयम के साथ इस बेटी ने बात रखी,
बिना चीख-चिल्लाहट, बिना आरोपों की भीड़ में बहे,
केवल तथ्यों, तर्क और सच्चाई के सहारे
अपने पिता के सम्मान की रक्षा के लिये संघर्ष कर रही है,
वह अपने-आप में असाधारण है।
जब भावनाएँ हथियार बन चुकी हों,
तब विवेक के साथ खड़ा रहना आसान नहीं होता।
लेकिन इस बेटी ने दिखा दिया कि
सच आज भी शालीन आवाज़ में बोला जा सकता है।
यह केवल एक पिता की लड़ाई नहीं,
यह एक बेटी के संस्कार, साहस और संकल्प की गाथा है।
नमन है ऐसी बिटिया को...
जो कठिन समय में भी अपने पिता की ढाल बनकर खड़ी रही..!!
हम सब आपके साथ हैं बहन
न्याय अवश्य मिलेगा ईश्वर के घर देर हो सकती है लेकिन अंधेर नहीं हो सकती है 🙏
सच कुछ पल के दब सकता है छुप नहीं सकता.
⚠️ Twitter Trend AlerT ⚠️
Hastag -
#UnnaoKaSuch
Date :- 06/01/26
Time :- 7 PM To 10 PM
सभी भाई आज तैयार रहें,अपनी एकजुटता दिखाएं, जिससे आवाज दूर तक जाएं।
कुलदीप सेंगर पर .. बिना तथ्य के कंटेंट चलाने से समय रहते बाज आ जायें ....यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर ... नहीं तो यह अब इस वैचारिक युद्ध में भी जीत नहीं पाएंगे - रनविजय सिंह
https://t.co/j2mIK1wcz3
#UnnaoCase#KuldeepSengar#unnaocasefacts
न्याय भावनाओं से नहीं, सबूतों से होना चाहिए। हर पक्ष सुना जाना ज़रूरी है।
उन्नाव केस ने मीडिया ट्रायल बनाम न्याय पर बड़ा सवाल खड़ा किया।
किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच ही सच तक पहुँचने का रास्ता है।
झूठे आरोप भी उतने ही गंभीर हैं—सच सामने आना चाहिए।
भीड़ की राय नहीं, अदालत का फैसला ही अंतिम होना चाहिए।
हर कहानी के दो पहलू होते हैं—दोनों को सुनना ज़रूरी है।
कानून का दुरुपयोग और कानून की अनदेखी—दोनों गलत हैं।
सबूत, गवाह और प्रक्रिया—यही न्याय की नींव है।
दबाव और राजनीति से ऊपर उठकर फैसला होना चाहिए।
उन्नाव केस सिस्टम की परीक्षा है—क्या सच तक पहुँचा जा सकेगा?
#UnnaoKaSach
उन्नाव जनपद के माखी गांव से सामने आई एक भावुक ग्राउंड तस्वीर।
एक चैनल की रिपोर्टिंग के दौरान चारपाई पर लेटे, बीमार अवस्था में एक बुजुर्ग ने कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर अपनी राय खुलकर रखी I सुनिए .... #unnaocasefacts#UnnaoCase#KuldeepSengar#KuldeepSinghSengar