चाय की कीमत का कमाल ☕😄
12 साल की सत्ता के बाद अब वही PM मुश्किल में हैं, जिनकी चाय बेचने की कहानी कभी प्रेरणा थी—क्योंकि Gen Z अब पूछ रही है: “चाय बेचकर PM बनना तो समझ आया, लेकिन अब चाय इतनी महँगी क्यों हो गई कि बेचने वाला भी परेशान है और पीने वाला भी?” 😄
आम आदमी की न्यूनतम अपेक्षा यह है कि वह सुरक्षित रहे, कानून की नजर में बराबर हो, बिना डर के अपनी बात कह सके, उसे जरूरी सुविधाएँ मिलें, उसके साथ न्याय हो और अपनी मेहनत से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।