पहले विवेकानंद जी ने अपने खून से वेदांत का प्रचार पूरे विश्वभर में किया था ।
आज वही आचार्य प्रशांत जी अपने स्वास्थ अपनी चिंता न करते हुए , निष्काम कर्म करके वेदांत को अब पूरा दुनिया को दे रहे है ।
#AcharyaPrashantUKTour#VoiceOfVedanta#EastMeetsWest
*आज संस्था में काम करते हुए मुझे एक वर्ष पूरा हो गया।*🎊🎊🎉🎉
इस पूरी यात्रा को पीछे मुड़कर देखता हूँ तो सबसे बड़ी सीख यही रही कि मैं अपनी ही कई क्षमताओं और संभावनाओं से परिचित नहीं था। संस्था का वातावरण ऐसा है जो आपको लगातार बेहतर बनने, अपनी सीमाओं को चुनौती देने और स्वयं को नए रूप में देखने के लिए प्रेरित करता है।
*Time Management* के विषय में मैंने संस्था से बाहर रहते हुए कई पु��्तकें पढ़ीं, अनेक तथाकथित तकनीकें अपनाईं, लेकिन जो सीख यहाँ मिली, वह कहीं और नहीं मिली। यहाँ समय का पता ही नहीं चलता। ऐसा लगता है जैसे कल की ही बात हो, जबकि एक पूरा वर्ष बीत गया।
यह यात्रा आसान नहीं थी। इसमें कई उतार-चढ़ाव आए। क्योंकि बाहर ऐसा कोई प्रशिक्षण नहीं मिलता जो आपको यहाँ के कार्य के लिए पूरी तरह तैयार कर सके। शुरुआत में कई बार मन में प्रश्न आता था कि क्या मैं यह कर भी पाऊँगा या नहीं। मे���े पूरे बैच में एक सप्ताह बाद मैं अकेला ही बचा था।
ऐसे समय में आचार्य जी की एक बात बहुत सहारा देती रही
*"हारना-जीतना तो लगातार है, लेकिन जो सही है उसके साथ खड़े रहना अपने आप में ही जीत है।"*
हाल ही में मैंने आचार्य जी से एक प्रश्न पूछा था कि कई बार सुरक्षा का भाव आ जाता है, और उसी के कारण काम भी प्रभावित होता है। तब आचार्य जी ने समझाया
"जब तक दो रहोगे, तब तक यह चलता रहेगा। काम और आप एक हो जाओ। और यार, बचाने को कुछ है ही नहीं। मुझे देखो, क्या बचाओगे यहाँ? बस खुलकर खेलो।"
यह बात भीतर तक उतर गई।
लगातार बाहर की दुनिया की खबरें पढ़ने और समाज की स्थिति को देखने पर समझ में आता है कि संस्था ने हमें किन-किन चीज़ों से बचाया है और आज भी बचा रही है।
*एक समय मुझे लगता था कि संस्था में तो केवल IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के लोग ही काम करते होंगे। मैंने स्वयं को इस योग्य भी नहीं माना था कि मुझे ऐसा अवसर मिल सकता है। इसलिए संस्था का मैं हृदय से कृतज्ञ हूँ कि मुझे यह अवसर दिया।*
*"प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय।*
*जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय॥"*🙏
धीरे-धीरे यह भी समझ में आता है कि आचार्य जी ने हमारे लिए जो यह दुनिया बसाई है, उसके पीछे वे कितना बड़ा मूल्य चुका रहे हैं। हममें से अधिकांश को इसका अनुमान भी नहीं होता।
*आचार्य जी,* इस अवसर, इस सीख, इस वातावरण और इस जीवन-दृष्टि के लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूँ।
धन्यवाद। 🙏🏻
#AcharyaPrashant
Posted by SHASHANK (PAF) on Acharya Prashant's Gita Mission App.
Download Now -
https://t.co/vIY6nfUp33
A historic moment for India! 🇮🇳 Acharya Prashant Ji was the only philosopher at Cambridge and given the longest speaking slot. True intellectual depth commanding global respect!
#AcharyaPrashantUKTour#VoiceOfVedanta#EastMeetsWest
https://t.co/M0i0IPQWGB
The Earth does not need saving from humans. Humans need saving from their own unchecked desires. Vedanta begins where consumption ends.
#AcharyaPrashantUKTour#VoiceOfVedanta#EastMeetsWest