यह तस्वीर RDS college रोड की जहां लगभग हर रोज जाम का सिलसिला जारी रहता है। सड़क के दोनो ओर पानी हैं और लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम। महज 100 मीटर से भी कम की दूरी तय करने में लगभग 1 घंटे का समय लगा। चंद सेकेंड में गाड़ी का चालान, आम जनता को प्रताड़ित करना हो.. गंदी गालियां देनी हो..
शायद यह बात प्रशासन नहीं समझती ना उन्हें समझ आता ना वो समझना चाहती है।
और मुज़फ्फरपुर के स्मार्ट सिटी का नगर निगम का नाम बदलकर मुज़फ्फरपुर सुअर निगम रख देना चहिए। और यह सिटी स्मार्ट के नाम कलंक है... और यहां के नेता कलंक के ऊपर की टोपी! शर्म करो...
एक कहानी बनारस बैंक चौक की है और दुसरी बिहार अग्नि शमन सेवा चंदवारा मुजफ्फरपुर की। और लगभग लगभग यही कहानी पूरे मुजफ्फरपुर "स्मार्ट सिटी "की है। मुज़फ्फरपुर इतना स्मार्ट हो गया हैं कि हर जगह बस एक दिन में निःशुल्क स्विमिंग पुल सुविधा करा दिया गया है।इसमें किसका योगदान है?
बिहार का कैसे होगा विकास? क्यों बिहार में इन्वेस्टमेंट आएगा?
#मुजफ्फरपुर में उद्योग के लिए बेला औद्योगिक क्षेत्र में एक रात हुई बरसात के बाद का हाल देखिए।
औद्योगिक विकास का दावा करने वालों को नुकसान का भरपाई करनी ही चाहिए।
#MuzaffarpurAsks@SandeepPoundrik@yadavtejashwi
Not my own creation but had to share:
For the Hindi music / movie lovers / followers
There was
a romantic poet :
अभी ना जाओ
छोड़ कर कि
दिल अभी
भरा नहीं
🔸
There was
a philosophical poet :
मै
पल
दो पल का
शायर हूँ
🔹
There was
a regretful poet:
कभी कभी
मेरे दिल में
खयाल आता है
🔸
There was
a poet who was
a committed lover:
मेरे दिल में
आज क्या है
तू कहें तों
मैं बता दूँ
🔹
There was
a poet content with
his life:
मांग के
साथ
तुम्हारा
🔸
There was a poet
who compromised
his love for his lover :
चलो
इक बार
फिर से
अजनबी
बन जाए
हम दोनों
🔹
There was
a downcast poet :
जाने वो
कैसे लोग थे
जिनके
प्यार को
प्यार मिला
🔸
There was
a carefree poet :
मैं
जिंदगी का
साथ
निभाता चला
🔹
There was a
non-materialistic poet :
ये दुनिया
अगर
मिल भी जाए
तो क्या है
🔸
There was
a patriotic poet :
ये
देश है
वीर
जवानों का
🔹
There was
revolutionary poet :
जिन्हें
नाज़ है
हिंद पर
वो
कहाँ है
🔸
There was
pessimistic poet :
तंग
आ चुके है
कशमकश-ए-जिंदगी से
हम
🔹
There was
a peace-loving
humanitarian poet :
अल्ला
तेरो नाम
ईश्वर
तेरो नाम
🔸
There was
a secular poet :
तू
हिंदू
बनेगा
ना
मुसलमान
बनेगा
🔹
There was
a flirting poet :
ए मेरी
जोहराजबी
तुझे
मालूम नहीं
🔸
There was
a reminiscing poet :
जिंदगी भर
ना
भूलेगी
ये
बरसात की
रात
All these Poets had
ÖNE name :
#Saahir Ludhianvi !
Wishing him a wonderful 94th Birthday
इश्क़ और इंकलाब का रिश्ता और भी साफ होता है जब ये पता चलता है कि "इंकलाब ज़िंदाबाद" का नारा देने वाले और "चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है" लिखने वाले दोनो एक ही शख्स थे। मौलाना हसरत मोहानी।
चुनाव का तैयारी हर जगह और हर पार्टी में चल रहा हैं ना...
लेकिन बिहार युनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर में लेट सत्र, फीस में धांधली, क्लास में शिक्षको एवं बच्चों की अनुपस्थिति, कॉलेज और युनिवर्सिटी का तानाशाही का मामला वर्षों से वर्तमान तक चला आ रहा है। सरकार वादा करती बदलते रहती हैं।
दौड़ना बंद करिए बच्चों को नहीं तो हम दौड़ आएंगे नहीं सीधा भगा देंगे स्टूडेंट पावर भूल गए हैं तो इतिहास पढ़ लीजिए। खैर न कोई बोलने वाला है ना कोई सुनने वाला है एक पत्रकार दो पत्रकार पर भरोसा भी था वह लोग भी आजकल नहीं बोल पा रहे हैं क्योंकि उनकी नैया खुद दांव पर लगी है।