एक आदमी...
एक आदमी
जब अपने लिए लड़ता है,
तो उसे
स्वार्थी कहा जा सकता है।
लेकिन...
जब वही आदमी
उन लोगों के लिए
भूखा बैठ जाए,
जिन्हें वह जानता तक नहीं,
तब...
सवाल
उससे नहीं,
हमसे पूछे जाने चाहिए।
क्योंकि
वह
अपना शरीर खो रहा है,
और हम
अपना ज़मीर।
कितना आसान है
एक तस्वीर देखकर लिख देना—
"ड्रामा है।"
कितना आसान है
हर आवाज़ को
राजनीति कह देना।
और कितना आसान है
यह मान लेना
कि जब तक
अन्याय
मेरे घर नहीं आया,
तब तक
वह अन्याय नहीं है।
लेकिन...
किसी भी समाज की हार
उस दिन नहीं होती,
जिस दिन
एक आदमी
अनशन पर बैठता है।
हार
उस दिन होती है,
जब उसके लिए
आवाज़ उठाने के बजाय,
लोग
उसी से सबूत माँगने लगते हैं।
जब
व्यवस्था से सवाल पूछने के बजाय,
सवाल पूछने वाले पर ही
सवाल उठाए जाने लगते हैं।
जब
उसके त्याग से पहले,
उसकी नीयत पर
फ़ैसला सुनाया जाने लगता है।
और...
जिस दिन
वह आदमी
अपनी आख़िरी साँस लेगा,
मत कहना—
एक इंसान चला गया।
कहना...
हम सबने मिलकर
अपनी आख़िरी शर्म
मार दी।
~ Sensible Indian 🖋
@Phunsukwangduji Sooner India will be leading in world's undeveloped country, declining from underdeveloping to undeveloped, every Indian keeps unseen to what current Govt. policies and actions... mark my words... nothing left to say as andhbhakts is in peak, better to be mere observer.
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बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता हाई कोर्ट में वकील की पोशाक पहनकर पेश होने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से उनकी वकालत से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे हैं।
BCI ने कहा कि ममता बनर्जी 2011 से 2026 तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं और ऐसे में यह तथ्यात्मक रूप से स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि इस दौरान उनकी वकालत की स्थिति क्या थी।
BCI ने अपने बयान में कहा कि वह अभी इस बात पर कोई राय नहीं दे रहा है कि मुख्यमंत्री रहते हुए अदालत में पेश होना नियमों के तहत सही था या नहीं, लेकिन राज्य बार काउंसिल से उनके नामांकन, प्रैक्टिस, किसी प्रकार के निलंबन और दोबारा प्रैक्टिस शुरू करने से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर जानकारी मांगी गई है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल को 16 मई तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके साथ ही पूरे मामले से जुड़े मूल दस्तावेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया गया है।
BCI ने कहा है कि सारी जानकारी केवल आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर दी जाए। इसमें नामांकन रजिस्टर, स्टेट रोल रिकॉर्ड, प्रैक्टिस सर्टिफिकेट, निलंबन या प्रैक्टिस बंद करने से जुड़े दस्तावेज और अन्य फाइल रिकॉर्ड शामिल होंगे।
इसके अलावा, राज्य बार काउंसिल के सचिव को सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भेजने को कहा गया है। BCI ने यह भी निर्देश दिया कि मामले से जुड़े मूल रिकॉर्ड में किसी तरह का बदलाव, ओवरराइटिंग या पुनर्निर्माण नहीं किया जाए।
BCI ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो मूल दस्तावेजों का निरीक्षण भी किया जा सकता है। राज्य बार काउंसिल को पत्र मिलने के दो दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
#BCI #MamataBanerjee #CalcuttaHC #DainikJagran
New HR policy introduced in TCS with immediate effect. Now onwards employees willing to resign are not required to write resignation letter/email.
They just have to say..
Resign.. Resign.. Resign