OPERATION SINDOOR
#JusticeServed
Target 1 – Abbas Terrorist Camp at Kotli.
Distance – 13 Km from Line of Control (POJK).
Nerve Centre for training suicide bombers of Lashkar-e-Taiba (LeT).
Key training infrastructure for over 50 terrorists.
DESTROYED AT 1.04 AM on 07 May 2025.
#OperationSindoor
#IndianArmy
@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD@HQ_IDS_India@IAF_MCC@IndiannavyMedia
हर मर्ज की एक दवा : डॉ. विकास दिव्यकीर्ति
सरकार ने यूपीएससी के पैटर्न में बदलाव कर दिया है। अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को नुकसान होगा, विकास दिव्यकीर्ति कहॉं हैं? नेहरू-गांधी विहार के मकान मालिक और ब्रोकर बदमाशी कर रहे हैं, विकास दिव्यकीर्ति कहॉं हैं? संस्कृति आईएएस की क्लासरूम में आग लग गई, विकास दिव्यकीर्ति कहॉं हैं? राव आईएएस के कुछ विद्यार्थियों की दुखद मृत्यु हो गई, विकास दिव्यकीर्ति कहॉं हैं? यानी सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षा की दुनिया में कुछ भी होगा, लोग एक ही व्यक्ति को याद करते हैं। मामला कहीं का, किसी का हो; जबाव एक ही व्यक्ति को देना है।
इस प्रवृत्ति के कई पक्ष हो सकते हैं। यह केवल इसलिये नहीं है कि ये अकेले शिक्षक हैं, या केवल इन्हीं की कोचिंग या केवल यही एक 'अमीर मास्टर' हैं। मुखर्जीनगर में मालदार मास्टरों की कमी नहीं है और अब तो हज़ारों करोड़ की कंपनियॉं भी इसमें शामिल हो गईं हैं। फिर भी केंद्र में एक ही व्यक्ति। उसी से सवाल करना है, उसी का जबाव सुनना है। तो क्या और सब कोचिंग और उनके मास्टर इतने अप्रासंगिक हो गए हैं कि उनसे सवाल तक नहीं किया जा रहा? इसी घटना में पचासों कोचिंग सील हुए लेकिन नाम केवल एक का आया। तो बाकी सब? सब चंगा सी? वो सवालों में क्यों नहीं?
इनके केंद्र में होने की एक वजह तो यही है कि ये हमेशा से इस दुनिया के मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। फिर सबसे लोकप्रिय भी हैं। शायद सबसे रसूखदार भी। इनके पढ़ाए विद्यार्थी ऊँचे पदों पर हैं। बात करने का सलीका है। तो विद्यार्थियों को उम्मीद रहती है कि इस व्यक्ति का बोलना मायने रखता है। ये बोलेंगे, सामने आएंगे तो कुछ बदलेगा। समाधान निकलेगा। और उम्मीद ठीक भी है। वर्तमान विषय पर भी इनसे यह अपेक्षा जायज है। और इसमें कोई संदेह नहीं कि वो इसमें साथ हैं और रहेंगे।
पर ऐसी सदिच्छा की आभा तब मलिन हो जाती है जब आप भद्दे नारे वाली तख्तियॉं उछालते हैं। जब आप किसी भी तरह से जबरन दोषी ठहराने की पूर्व-लालसा को पूरा करने की कोशिश में असंगत आरोप मढ़ने लगते हैं। जब आप इसे 'मौके' के रूप में देखते हैं। जब आप किसी को गाली दे रहे हैं और फिर ये भी कह रहे हैं कि हमारे बीच आइये। जब आप घर-ऑफिस घेर लेते हैं। यह कैसी विचित्र बात है कि आप पहले ही दोषी बना चुके हैं और चाह रहे हैं कि वो आपके दोष को सहर्ष स्वीकार कर ले। निश्चित तौर पर ऐसा करने वाले बस गिनती के लोग हैं। निश्चित तौर पर इनके अपने स्वार्थ हैं। निश्चित तौर पर इनके अपने उद्देश्य हैं। पर सच यही है कि अधिसंख्य विद्यार्थी इन संकीर्णताओं से मुक्त हैं। वो सच्चे मन से यही चाहते हैं कि सर इसमें शामिल हों और प्रतियोगी परीक्षा की यह दुनिया बेहतर बने। मुझे उम्मीद है कि सर इस बार भी इस सदिच्छा पर खरे उतरेंगे।
बाकी मन न करे तो मत मानिये पर किसी व्यक्ति को चिन्हित कर लेने से मानसिक संतोष मिल सकता है पर समाधान नहीं। इसके लिये सभी पक्षों को शामिल करना ही होगा। और इन सभी का एक पक्ष है कोचिंग संस्थान। और इन कोचिंग संस्थानों का एक हिस्सा हैं विकास दिव्यकीर्ति। चूँकि इंटरव्यूज और रील्स की दुनिया में ये बहुत लोकप्रिय हैं तो उसका विपरीत प्रभाव भी काम करता ही है। सबसे बढ़कर अपनी-अपनी पसंद के सरकार के विरोध में बोलना भी कठिन है तो आसान लक्ष्य चुनना अधिक सुलभ मार्ग दिखता है।
अब आप चाहें तो लक्ष्य बदलकर मुझे भी अपना निशाना बना सकते हैं कि मैंने 'किसी मजबूरी' में ऐसा लिखा है। आपकी यह सदाशयता भी स्वीकार है। फिर पहली और अंतिम इच्छा यही कि यह दुनिया थोड़ी बेहतर हो...
#WATCH | Delhi's Old Rajinder Nagar Coaching Centre incident | On being asked why is he being targetted, Dr. Vikas Divyakirti, founder and MD of Drishti IAS says "I am getting targetted because in such cases, everyone wants a scapegoat. It makes things easier for the administration, they think they are safe, let that one person suffer, and even the society feels that they have got the accused...The students are going through an emotional turmoil, the reason for their anger is why did I not stand with them...The sealing action took place on more than 50 institutes, one of them is ours...3 children died, it was a painful death, for the last 3 days whenever we talk at home or I go to sleep, an image comes to my mind that what those children must have gone through when the water was filled inside...All the things said by the students who are protesting right now are valid. It is good that I have met 3-4 students today. I had a meeting with Delhi LG. Some students had also come to that meeting and there were also owners of many institutes. There were also top officials of the Delhi government, from DDA, MCD, fire department, Chief Secretary..."