“क्या टीका-वीका लगाकर घूमते हो.. हटाओ इसे”
#बदायूं में तैनात दरोगा मेघ श्याम गौतम (ब्राह्मण) ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिवार का आरोप है कि इंस्पेक्टर “मो० शाहिद अली”, उनके टीका लगाने और पूजा करने का विरोध करते थे।
मेघ गौतम ने टीका हटाने से मना किया तो उनको प्रताड़ित किया जाने लगा जिससे परेशान होकर उन्होंने फाँसी लगा ली।
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पब्लिक चिल्ला रही है- शराब पी रखी है इसने शराब
दरोगा ने गाली गलौज करते हुए तान दी पिस्टल
वायरल वीडियो यूपी के बुलंदशहर के एक कस्बे का है. जहां पुलिस के दरोगा ने व्यापारियों पर पिस्तौल तान दी.
रात्रि करीब 12:46 बजे ललितपुर स्टेशन मार्ग पर V-Bazar के सामने एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला।
उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहने एक महिला आरक्षक चार पहिया वाहन के बोनट पर खड़ी होकर फोटोशूट करवा रही थीं। कैमरा देखते ही वह बोनट से नीचे बैठ गईं। @Uppolice@UPCMOffice
आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी! मेरी उम्र 77 वर्ष है। पेशे से पत्रकार हूँ। पत्नी के निधन के बाद एकदम अकेला हूं।@bsesdelhi की ज्यादतियों से मुझे बचाएं। मेरी बिजली खपत पिछले 1 साल से 200 यूनिट से कम है फिर भी मेरा लोड जबरन बढ़ा दिया;इस महीने 194 यूनिट खपत पर बिल भेज दिथा।
ये गौरव त्रिपाठी है इन्होंने 4 साल पहले कानपुर देहात के विकास भवन में अफसरों को एक कार्यक्रम में 500 लांच पैकट दिए थे लेकिन भुगतान अभी तक न हुआ अफसरों ने लंच के बाद डिनर ब्रेकफास्ट सब कर लिया लेकिन गौरव को लंच पैकेट के रुपए अभी तक नहीं मिले गौरव अफसरों के चक्कर लगा लगा थक हार गए और फ़िर उन्होंने कल विकास भवन में आत्मदाह का फैसला कर लिया गौरव का मानना था कि मैं आत्मदाह कर लूंगा तो शायद अधिकारियों की आँख खुल जाए और अन्य लोगों को समय से इंसाफ मिल सके, आत्मदाह की सूचना पर ज़िला मुख्यालय में हड़कप मच गया पुलिस मौके पर पहुंची और गौरव को समझाया विभागीय अधिकारियों द्वारा जल्द भुगतान का आश्वासन मिला लेकिन पैसा फ़िर भी न मिला, गौरव अपनी पीड़ा बताते बताते रो पड़े है ये सिर्फ एक गौरव की कहानी नहीं है अफसरों की मनमानी की वजह से न जाने कितने लोगों को दफ्तरों की चौखट के बाहर रोते देख है
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यूपी में “यादवों का आतंक” 1 दशक बाद दिखा?
हेल्लो डिम्पल जी कहाँ हो प्रेस कांफ्रेंस नहीं करोगी?
सपा नेताओं ने “प्राईवेट पार्ट” को नोचा लात घूंसे मारे, बाल पकड़कर घसीटा?
सपा नेता मनोज यादव, अमित यादव, प्यारे लाल यादव, ने सपा के पिछड़े वर्ग की अध्यक्ष गार्गी पटेल के प्राईवेट पार्ट पर लात घूँसे बरसाया?
लड़की हूँ लड़ सकती हूँ बिल में घुस गयी?
यही PDA है?
मैने कहा न सरकार चाहें भ्रष्टाचार रोकनें के कितने भी तरीके निकाल ले लेकिन चोर और भ्रष्टाचारियों द्वारा कोई न कोई उसका तोड़ निकाल ही लिया जाएगा।
कोटेदारों द्वारा कम राशन देने की शिकायतों पर सरकार ने POS मशीन को ब्लूटूथ द्वारा वजन कांटे से मैप किया, अब जितने यूनिट होंगे उतना वजन होने पर ही अगूंठा लगने के बाद पर्ची निकलेगी और राशन वितरण सफल होगा, लेकिन फिर भी कोटेदारों ने उसका तोड़ आखिर ढूंढ ही लिया, वजन पूरा करके यूनिट के हिसाब से ईंट पत्थर रख दिए, बाद में दोबारा दूसरे कांटे से कम करके राशन दिया? अब बताओ सरकार क्या करे?
So the Hindu woman who got caught by Bajrang Dal with a Muslim man in a hotel turned out to be a doctor.
Sources say she is already married to a doctor.
The man she was in the hotel with was a security guard, Farhaz Ali.
Note - I just shared the news. It's their choice.
उत्तराखंड : BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज देहरादून पहुंचे हैं। तेल बचत की अपील/प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए काफिले में सिर्फ 35 गाड़ियां रखी गई हैं।
Video – Gajendra Rawat
“अधिकारी कह रहे हैं — सिस्टम से मत टकराओ…”
लेकिन पूर्व सिपाही सुनील शुक्ला का जवाब सुनिए —
“अगर सच जानते हुए भी चुप रहूं…
तो फिर वर्दी पहनने का मतलब क्या है?”
सूत्रों के मुताबिक कई अधिकारी निजी तौर पर कह रहे हैं —
“तुम सच बोल रहे हो…
लेकिन सिस्टम से लड़ना आसान नहीं।”
यही सबसे बड़ा सवाल है —
क्या इस देश में सच बोलने से पहले
सिस्टम से डरना जरूरी हो गया है?
जब भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठी,
तो समर्थन भी मिला…
लेकिन साथ में दबाव, सस्पेंशन और चुप रहने की सलाह भी।
“सिस्टम से मत टकराओ…”
ये सलाह थी… या चेतावनी?
जो इंसान गलत के सामने झुकने से मना कर दे,
उसे अकेला छोड़ दिया जाता है।
लेकिन इतिहास गवाह है —
सिस्टम से डरकर चुप रहने वाले नहीं,
सच बोलने वाले याद रखे जाते हैं।
आप क्या सोचते हैं —
गलत देखकर चुप रहना सही है? ⬇️
#UPPolice #SunilShukla #System #Truth #CorruptionExposed
Thousands of cars are running daily on Sohna Elevated Road & near Rajiv Chowk without rear number plates, with black tinted glasses, illegal modifications, caste stickers, and reckless driving. What exactly are traffic police doing?
@TrafficGGM@gurgaonpolice@DC_Gurugram
लखनऊ के आलमबाग में रहने वाले बुजुर्ग शिवलाल शर्मा जी रो-रोकर न्याय की भीख मांग रहे हैं। इनके अपने ही घर पर आकाश नाम के एक गुंडे ने अवैध कब्ज़ा कर लिया है। वह बुजुर्ग को जान से मारने की धमकी दे रहा है 559 खा/32, श्रीनगर, आलमबाग, लखनऊ मोबाइल- 8953285993 @myogiadityanath@Uppolice
ब्राह्मणों से इतनी नफरत क्यों ?
ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाल ली गई है
परिवार वाले हत्या बता रहे - पुलिस वालों पर मामला दबाने का आरोप लगा रहे
आखिर क्यों नफरत है तुम्हे ब्राह्मणों से - सरकार ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार और हत्या पर मौन है ?
एक बार कह क्यों नहीं देते हमे ब्राह्मणों की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं
"Hum Jaat hain, mar k latka denge!" Two postmen from Haryana openly abused a local grl & threatened to kidnap & k!ll her in Bageshwar (UK). These goons come to Uttarakhand for jobs. Their families in HR survive on d money they earn here. Yet they have audacity to threaten locals.
बहुत हुआ सलीके से बात
कल से अच्छे तरीके से बात हुई
मगर किसी नेता की नींद नहीं खुली किसी नेशनल मीडिया ने आवाज नहीं उठाया
देख लो अंधभक्त ब्राह्मणों यही हाल है हमारा कोई नहीं सुनने वाला
मगर इतना ही कहूंगा तुमसे देश के हर ब्राह्मण के पास ये न्यूज जानी चाहिए
उन्हें पता लगना चाहिए की लड़का ब्राह्मण था इसलिए किसी मीडिया किसी नेता मंत्री ने आवाज नहीं उठाई
गांव परिवार वाले भी आरोप लगा रहे - पुलिस मामले को दबा रही
लेकिन अगर हम चुप बैठ गए तो जिस दिन हमारे या हमारे परिवार के साथ कुछ होगा फिर कोई नहीं बोलेगा
ये हमारी जिम्मेदारी है हम परिवार को बच्चा लौटा नहीं सकते लेकिन उसके न्याय के लिए बोल और लिख सकते हैं लड़ सकते हैं
#Justice_Gaurav_Sharma
A railway staff member tried to sit in a passenger’s reserved seat on a Mumbai–Amritsar train. When the passenger refused, the staffer said, “This is my train… I work for the Railways.”
The argument escalated and the staff allegedly pulled the emergency chain, saying the train would not move until he was allowed to sit.
The RPF arrived, the chain was fixed, and instead of action against him he introduced himself and took the seat — then told the passenger, “Now say something.”
The passenger stayed silent, and many online viewers are asking whether this was justified or a clear misuse of authority, since unnecessary chain pulling is punishable under railway rules.