>नाम सेजल पवार
>काम MBBS की पढ़ाई करना
>असली काम मरे हुए इंसानों के जननागों के बारे में घटिया जोक मारना
>जब हमने इनके कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर इनका रिजल्ट खंगाला तो पाया कि मैडम ने ST कोटे से सीट कब्जा की है
>पवार नाम की कोई भी ST सेंट्रल लिस्ट में नहीं होते
>हाँ pawra या pawara नाम के ट्राइब भील सब केटेगरी में होते हैं,
>ऐसे में @CMOMaharashtra से अनुरोध है कि सेजल के ST सर्टिफिकेट की एक निष्पक्ष जाँच करवाकर सच सबके सामने लाया जाये,
>अगर उन्होंने फर्जी ST केटेगरी का फायदा उठाया है तो कठोरतम कार्यवाही हो
एक लड़के ने घटिया स्टेटमेंट दिया पूरा देश उसके पीछे पड़ जाता है, उसकी नौकरी चली जाती है,
लेकिन एक महिला घटिया बयान देती है तो बच के निकल जाती है, कोई नौकरी नहीं जाती।
मुझे लग रहा है मीडिया ने गलत बंदा छेड़ दिया है,
अगर ये लड़ाई थोड़े दिन और चली तो, मीडिया में बहुत जल्द ही बदलाव देखने को मिलेगा।
अब गर्दा उड़ेगा भइया.....
दिहाड़ी मजदूरों,और छोटे कर्मचारियों के ऊपर ये सरकार कहर बनकर टूट रही है,
कर्मचारियों की सैलरी पहले ही 15000 रुपए महीना है, उसमें भी फुटकर में 250 रुपए किलो गैस मिल रही है।
एक सहारा था छोटू सिलेंडर वो भी अब 822 रुपए का हो गया है।
5 केजी= 822
14 केजी = 968
देश से गरीबी बहुत जल्द मिटने वाली है, क्योंकि जब गरीब ही नहीं रहेगा तो गरीबी भी नहीं रहेगी।
सूर्या चौहान को घर बुलाकर उसके दोस्त असद ने चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी।
लेकिन पूरे इलाके के छि��कों को कुछ नहीं पता है। ये इनका अलतकिया है, सब मिले रहते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे पर कार का एक साइड का टोल टैक्स लगभग 1800 रुपए है।
मतलब ये टोल टैक्स तब है जब आदमी गाड़ी खरीदने में 18 से 28% जीएसटी दे चुका होता है।
पेट्रोल में टैक्स देगा वो अलग
इनकम में टैक्स देगा वो अलग
गाड़ी के इंश्योरेंस में टैक्स देगा वो अलग।
इन सभी टैक्स को मिलाकर,
सांसद जी को टोल फ्री मिलेगा,
जज साहब ��ोल फ्री रहेंगे
विधायक जी टोल फ्री रहेंगे
सांसद जी को फर्स्ट एसी में यात्रा फ्री मिलेगी।
ये बंगाल है या बांग्लादेश!
वीरभूम में कट्टरपंथी ग्रामीणों ने CRPF ओर पुलिस को चारों ओर से घेर लिया और पथराव किया।
यहां तक कि पुलिस को अपनी बंदूकें तक निकालनी पड़ गयी।
क्या भारत के किसी अन्य राज्य में चुनाव के दौरान इस तरह कभी देखने को मिला!
एक लीटर टमाटर सास 50 रुपए में ,
लेकिन जब उसका टेस्ट हुआ तो सिर्फ निकला केमिकल,
FSSAI वालों तुम्हारे नाक के नीचे लोग कैंसर पैदा करने वाले सिंथेटिक कलर बेच रहे है।
तुम लोगों से अगर नौकरी नहीं हो पा रही हो तो नौकरी छोड़ क्यों नहीं देते।