हिन्दू धर्म में देवशयनी एकादशी का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि इसी दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। यह पावन तिथि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में आती है, जिसे हरिशयनी या पद्मनाभ एकादशी भी कहते हैं। #आनंद_पाठक
आषाढ़ी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं।
यह पर्व आपके जीवन को धर्म और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण करते हुए मानव सेवा तथा राष्ट्र उत्थान के पथ पर चलने को प्रेरित करे। भगवान विट्ठल की कृपा से आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा, आनंद और शांति का संचार हो, यही प्रार्थना है...!!
हरी ॐ विठ्ठला
India makes a mark at the Commonwealth Games 2026! 🇮🇳🥉
Many congratulations to Jhandu Kumar on winning the bronze medal in the Men's Heavyweight Para Powerlifting event. This is the first medal for India at #CWG2026.
A powerful testament to will & determination, he has showcased how courage can overcome any challenge! Best wishes to him for his future endeavours. 👏
Greetings on the sacred occasion of Ashadhi Ekadashi. This auspicious day is about the eternal message of devotion and compassion. May Bhagwan Vitthal’s blessings bring joy, harmony and prosperity and guide us towards a better society. May He strengthen our resolve to serve and work tirelessly for the welfare and dignity of every person.
जंगल जंगल आज भी,नाच रहे हैं मोर।लेकिन बस्ती में मिले,घर घर आदमखोर।रातों को नींद आना आसान बात नहीं है,उसके लिए पूरा दिन ईमानदार रहना पड़ता है.सहमी हुई है झोपड़ी, बारिश के खौफ से,महलों की आरज़ू है, कि बरसात तेज हो।इंसानियत बहुत बड़ा खज़ाना है,उसे लिबास में नही,इंसान में तलाश करो.
संसदीय क्षेत्र नवादा अंतर्गत नारदीगंज प्रखंड के ग्राम सांगोवर में वज्रपात से 4 लोगों की निधन की खबर से मर्माहत हूँ। इस हादसे में 2 महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनका इलाज जारी है।
मृतक शंभू कुमार, मदन राजवंशी, भुवनेश्वर राजवंशी एवं सोनू कुमार की दिवंगत आत्मा को प्रभु अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवारजनों को सम्बल प्रदान करें। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
'स्वतंत्रता रण के रणनायक अमर रहेगा तेरा नाम,
नहीं जरूरत स्मारक की स्मारक खुद तेरा नाम।
स्वतंत्र भारत नाम के आगे जुड़ा रहेगा तेरा नाम,
भारत का जन-मन-गण ही अब बना रहेगा तेरा धाम।।'
आजाद भारतीय क्रांतिकारियों में बेजोड़ हैं, और बेजोड़ ही रहेंगे।
राहुल गांधी आज जो भी है वो पुरखो की वजह से और अरविन्द केजरीवाल जो भी है वो मूर्खो की वजह से दोनों मिलकर देश में अराजकता चाहते हैं।मोदी को फँसाने के चक्कर में काँग्रेस की हालत उस बहू सी हो गई है जो अपने ससुर से पर्दा करने की जल्दबाजी में चुनरी की जगह घाघरे से अपना मुँह ढक लेती है।
तिरंगा भारत के राष्ट्रीय झंडा ह, इ क्षैतिज आयताकार बा भगवा, उजर अउरी हरियर; संगे अशोक चक्र बीचे लागल झंडा बा, एकरा एकर अभिके रूप में २२ जुलाई १९५८ के संविधान सभा के बइठक में अपनावल गइल, अउरी इ १५ अगस्त १९४७ में भारत के राष्ट्रीय ध्वज बनल। रऊआ सभे के बहुत-बहुत बधाई अउर शुभकामना।
आँखे भी खोलनी पड़ती हैं उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नहीं जाता। समय साथ देता है वो बड़ों बड़ो को मात देता है। अमीर के घर बैठा कौवा भी मोर लगता है गरीब का भूखा बच्चा भी चोर लगता है। मुझमें हजार ख़ामियां है माफ किजिए पर अपने आइने को भी तो कभी साफ किजिए। #आनंद_पाठक
जिंदगी की कसौटी से हर रिश्ता गुज़र जाता है। कुछ निकलता है सोने की तरह और कुछ का पानी उतर जाता है। मुट्ठी भर बीज बिखेर दो, दिलों की जमीन पर बारिश का मौसम है, शायद अपनापन पनप जाए! #आनंद_पाठक
मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया
जीने का बस यही अंदाज़ रखो। जो तुम्हे याद रखे तुम उसे याद रखो। ज़ुबान कड़वी सही मेरी, मगर दिल साफ़ है! कब कौन कैसे बदला, सबका हिसाब है! मुझे हर किसी को अपना बनाने का हुनर आता है तभी मेरे बदन पर रोज़ एक घाव नया नज़र आता है। "हर कोई "मुझे" जिंदगी जीने का तरीका" बताता है,
कदम-कदम पे नया इम्तिहान रखती है, ऐ ज़िन्दगी तू भी मेरा कितना ध्यान रखती है। ये मुकरने का अंदाज़ मुझे भी सीखा दो वादे निभा निभा कर थक गया हूँ मैं।#आनंद_पाठक