देखिए कैसे खिलौनों से खेलने की उम्र में, ये बच्चा वो हर कोशिश कर रहा है जो उसने कभी बड़ों को करते देखी थी सिर्फ अपनी माँ जान वापस लाने के लिए।
यह दिल दहला देने वाली घटना 19 जनवरी की है चीन के Yantai शहर में एक माँ अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी घर में उनका 5 साल का बेटा अकेला था।
कोई भी आम बच्चा ऐसी स्थिति में चीखने-चिल्लाने लगता लेकिन इस नन्हे हीरो ने गजब का साहस दिखाया।
रोते और कांपते हुए भी उसने माँ के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को दबाया और उनके हाथ की उंगलियों से ब्लड निकालने की कोशिश की एक पारंपरिक तरीका जो उसने सीखा था।
वो बच्चा लगातार माँ के कान में कहता रहा माँ क्या तुम मुझे सुन रही हो उसने तब तक हार नहीं मानी जब तक 20 मिनट बाद उसके पापा घर नहीं पहुँच गए।
सबसे ज़्यादा दिल तब टूटता है जब पापा को देखते ही वो बच्चा फूट-फूटकर रोने लगा जो हिम्मत उसने माँ के सामने दिखाई थी वो सुकून मिलते ही आंसुओं में बह गई।
खुशकिस्मती से माँ को सही समय पर अस्पताल ले जाया गया और अब उनकी हालत में सुधार है पूरी दुनिया इस छोटे से बच्चे की बहादुरी और उसकी परवरिश को सलाम कर रही है।
क्या आज के समय में हमारे बच्चों को स्मार्टफोन्स के बजाय ऐसी जीवन रक्षक बातें सिखनी चाहिए जो मुश्किल समय में किसी की जान बचा सके?
आप इस बच्चे की बहादुरी को 1 से 10 के बीच कितने नंबर देंगे? कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर दें। 👇
ज्योति याराजी बहन ने Gold जीता है और स्टेडियम खाली है जश्न मनाने वाला नहीं है, चारो तरफ देखकर रोने लगी यही क्रिकेट होता स्टेडियम भरा हुआ रहता है
भारत की सबसे तेज महिला बाधा दौड़ धावक ज्योति याराजी और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक स्टीपलचेज़ धावक अविनाश साबले ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में
अपने-अपने स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। सीज़न के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ जीत हासिल करते हुए, साबले 36 वर्षों में एशियाई चैंपियनशिप में स्टीपलचेज़ में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए। इसके तुरंत बाद, ज्योति ने अंतिम क्षणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
ज्योति याराजी बहन पूरा भारत को आप पर गर्व है
Jyoti Yarraji Gold 🥇 Winner
Yahi to chhat ki khashiyat hai....jo ki apni sanskriti ko kaise badawa diya jata hai taki aage jakr iss Mahaparva ko ache se kiya ja ske.....Jai Chhathi Maiya🙏🙏💐💐
"काँच ही बाँस के बहँगिया, बहँगी लचकल जाए,.....🎶🎵"
शारदा सिन्हा जी के इस आत्मीय छठ गीत से शिमला रेलवे स्टेशन गुंजायमान है।
छठ पूजा के लिए जा रहे श्रद्धालु रेल यात्री इस सुरम्य माहौल में भाव-विभोर हैं।
#FestivalSpecialArrangements@RailMinIndia
Hello @IRCTCofficial team,I am currently travelling in ANVT PNBE SPL(Train no.09040).In CoachAB1 no water in Bathroom & water kept in Blue Tank(2ndACside).Moreover train is starting from ANVT hw can u manage this type of mistake @RailwaySeva@IRSDCAnandVihar pl into this matters
ramayan should be a diwali watch ✨️, every diwali celebration should include the story of ram, coming back to ayodhya after 14 years of exile. that's the entire reason for this festival. 🪷
🏥 Quick medical aid at Palakkad Junction
A 24-year-old passenger traveling on Train No. 22503 Kanniyakumari – Dibrugarh Vivek Express suffered a Jaw dislocation and received timely medical assistance from Dr. Jithin P.S., DMO/RH Palakkad. The passenger resumed the journey safely. 👏
#SouthernRailway
“हम जीत गए! कोई भी अपने लेबल पर 'ORS' नहीं लिख सकता”
◆ किसी भी फूड-ड्रिंकिंग प्रोडक्ट पर अब ORS का लेबल लगाने के लिए WHO से मंजूरी जरूरी होगी, FSSAI ने जारी किए आदेश
◆ हैदराबाद की बच्चों की डॉ. शिवरंजनी संतोष ने इसके लिए 8 साल लड़ाई लड़ी, और जीतने के बाद इमोशनल हो गईं
◆ डॉ. का मकसद गलत मार्केटिंग रोककर असली ORS को पहचाना जाए, ताकि बच्चों को मीठे पेयों से नुकसान न पहुंचे
#ORS | Hyderabad Doctor | ORS | #FSSAI
दशहरा बीत चुका था,दीपावली समीप थी,तभी एक दिन कुछ युवक-युवतियों कीNGOटाइप टोली हमारे कॉलेज में आई!
उन्होंने छात्रों से कुछ प्रश्न पूछे;किन्तु एक प्रश्न पर कॉलेज में सन्नाटा छा गया!
उन्होंने पूछा,जब दीपावली भगवान राम के१४वर्षो के वनवास से अयोध्या लौटने के उतसाह में मनाई जाती है👇