विशेष चेतावनी: बहरूपिये भाजपाई बहेलियों से दूर रहें !
सत्ताधारियों के साथ सिर्फ़ अंधेरे में रहने वाले भूमिगत, अनरजिस्टर्ड संगी-साथी ही नहीं हैं, बल्कि इस बहु-भुजाओं वाले _‘ऑक्टोपस गिरोह’_ के और भी कई हाथ हैं, जो चमचमाती लाइट में बैठकर और अपने ‘कुविचार-वंशियों’को आसपास बैठाकर ‘खुली साज़िश’ करते हैं, लोगों को किसी और बहाने से बुलाकर फँसाते हैं और दिनदहाड़े घेरकर शिकार करने की कोशिश करते हैं। ये ‘बहरूपिये बहेलिये’ हैं, जिनका भंडाफोड़ अब सरेआम हो गया है।
मूल रूप से ये वो ‘सुरंगजीवी गिरोह’ है जो अकेले को देखकर भीड़ बनाकर घेरकर शिकार करता है, लेकिन भीड़ को देखकर अलग-अलग होकर अंडरग्राउंड हो जाता है।
अपने आस-पास के घरों में गहराई से तलाशें! ये बिना KYC वाले लोग कहीं आपके आस-पड़ोस के किसी घर में प्रवास-वास न कर रहे हों। इनकी पहचान ये है कि ये थोड़े संदिग्ध टाइप का व्यवहार करते हैं। मन के मैले ये लोग साफ़-सुथरे, साधारण कपड़ों में रहते हैं। निकलते अकेले हैं लेकिन किसी ख़ुफ़िया जगह पर एक-दूसरे से अंजान बनकर अख़बार के पीछे मुँह छिपाकर फुसफुसाते हैं। बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं, बड़ों पर झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं, चरित्रहीनों को माला पहनाते हैं, अपने पुरुषवादी तंग नज़रिये के कारण नारी का अपमान करते-करवाते हैं, बहन-बेटियों और दुखी माँ तक को सरेआम धमकाते हैं, नारी की आज़ादी पर नैतिकता के नाम पर पाबंदियाँ लगाते हैं। धन-लोलुपता, बदज़ुबानी, दग़ाबाज़ी, धोखे और षड्यंत्र के साथ-साथ बेशर्मी और बेरहमी इन स्वार्थियों की सबसे बड़ी पहचान है, जिसके लिए ये इंसान क्या, भगवान तक को ठग लेते हैं।
अपने तन-मन का रखें विशेष ध्यान : ख़तरे से रहें सावधान!
#CC_to_CC
#जो_भाजपा_का_साथी_वो_रामघाती_महापापी
हिंसा हार के डर से जन्म लेती है।
भाजपा हताश है इसीलिए देश के बच्चों के बाद अब सांसद तक पर प्राणघातक हमले करवा रही है। उनकी प्रेस कांफ्रेंस में एक हमलावर के चाकू लेकर पहुँचने की घटना बेहद गंभीर मामला है और माननीय सांसद की सुरक्षा में लगे सरकारी महकमे की भारी चूक भी। जाँच हो।
जनप्रिय सांसद श्री पप्पू यादव जी की लोकप्रियता, भाजपा पचा नहीं पा रही है क्योंकि भाजपा अपने कुकृत्यों की वजह से हर तरह से बदनाम हो चुकी है।
माननीय लोकसभा अध्यक्ष जी संज्ञान लें!
श्री पप्पू यादव जी सदैव यूँ ही सक्रिय रहें।
@pappuyadavjapl
भाजपा और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के दोषी हैं!
देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा और उनके संगी-साथियों ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए जिस तरह :
- ‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चोरी की है
- गुप्त दान में महा-घपले किये हैं
- दान की रसीद दी ही नहीं है या दान के बदले नक़ली रसीद छपवाकर दी है
- अपने लोगों को कौड़ियों के दाम में अयोध्या की ज़मीनें ख़रीदवाकर, फिर उसे बीसों गुना दाम में करोड़ों में मंदिर को बेचकर ट्रस्ट के ‘धर्म-खाते’ को लूटा है
- ज़मीन के सौदे के अशुभ लाभ को आपस में बाँटा है
- ईमानदार लोगों द्वारा आपत्ति किये जाने पर उन्हें हटाया है
- हर जगह अपने भ्रष्ट लोग सेट किये हैं
- चोरी की राशि की बरामदगी को दर्ज़ नहीं कराया है
- जाँच में कुछ भी ‘उल्लेखनीय’ नहीं है, ये कहकर गुमराह किया है
- सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत मिटाए हैं
- जिनकी ख़ुद की जाँच चल रही है, उनसे जाँच करवाई है
- बिना किसी की ज़िम्मेदारी तय किये, ट्रस्ट के उच्चस्थ पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है
- मंदिर का धन और बहुमूल्य धातुओं को बोरों में भरकर कहीं और पहुँचाया है…
ये अक्षम्य ‘महापाप’ है।
इसीलिए ‘लोकधन की लूट’ का मुद्दा लोक-संसद तक पहुँचाना और उठाना, हम सब का धर्म सम्मत कर्तव्य है।
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी
ये जो श्री केदारेश्वर महादेव का धाम है
यहाँ सबको मिलता ‘मनचाहा वरदान’ है
ये उस ‘शिवशक्ति अक्ष रेखा’ पर विद्यमान है
जिस पर ‘शिव जी’ के बाक़ी सारे धाम हैं
यहाँ मंदिर के आगे ‘नंदी’ विराजमान हैं
प्रवेश द्वार पर ‘प्रभु राम और श्याम’ हैं
अंदर चमत्कारी ’शालिग्राम’ हैं
जिनके दर्शन से बनते सब भाग्यवान हैं
ये जो श्री केदारेश्वर महादेव’ का धाम है
यहाँ सबको मिलता ‘मनचाहा वरदान’ है
यहाँ आने की जो मन में लेता ठान है
उसका उस पल से ही होता उत्थान है
यहाँ आकर बनते सबके बिगड़े काम हैं
यहाँ ’शंकर जी’ करते सबका कल्याण हैं
सबकी मनोकामनाओं का रखते ध्यान हैं
ये सबकी इच्छापूर्ति का ’परम स्थान’ है
ये जो श्री केदारेश्वर महादेव’ का धाम है
यहाँ सबको मिलता ‘मनचाहा वरदान’ है
श्रावण मास सबके लिए सर्वथा सर्व शुभ हो!
सबके लिए सावन सर्वथा शुभ हो!
एक बार फिर से अखिलेश यादव जी राहुल गांधी के लिए संघियों से भीड़ गए..🔥
भाजपा मंत्री किरण रीजीजू राहुल गांधी को ज्ञान बता रहे थे उतने में अखिलेश जी बोल पड़े उसके मंत्री जी बैठा गए..😎
बलाsत्कारियों का फूल-माला पहनाकर स्वागत करने वाले दोमुंहे सज्जन भी अब Gen Z को भाषा की मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं. भरी संसद में जब देश के अल्पसंख्यकों को कsठमुल्ला और आsतंकsवादी कहा जाता है, तब नैतिकता के इन ठेकेदारों के मुँह से बोली क्यों नहीं निकलती है?
बिहार के सिवान में निहत्थे आंदोलनकारियों पर AK47 जैसे घातक हथियार का प्रयोग किसके कहने पर किया गया?
जो छात्र इसकी घातक फ़ायरिंग में घायल हुए हैं, उनके लिए पूरा देश चिंतित है।
पूरी दुनिया में फैले भारतीयों और ख़ासतौर से बिहार के मूल निवासियों के बीच इससे बेहद आक्रोश फैल गया है।
Gen Z को उसकी लैंग्वेज के लिए कोसने वाले भाजपाई थोड़ा ज्ञान मनोज तिवारी को भी दें! अगर मनोज तिवारी को ज्ञान नहीं दे पा रहे हैं तो gen Z को कोसना बंद कर दें.
#bhojpuri
जब सरकार का जवाब छात्रों की आवाज़ पर गोली और गोला बन जाए, तो लोकतंत्र मरने लगता है।📍
दिल्ली में पेलेट गन, बिहार में एके-47 — ये सिर्फ हथियार नहीं, ये छात्रों के सपनों पर सीधा हमला है।
बीजेपी राज में छात्रों पर अत्याचार थमने का नाम ही नहीं ले रहा।
ये निंदनीय नहीं, ये शर्मनाक है। जनता की आज़ादी की भावना को कुचलकर सत्ता चलाने वाली कोई भी सरकार, इतिहास में कभी माफ़ नहीं की जाती।
छात्रों की आवाज़ दबाने वाले जान लें, ये आवाज़ अब और तेज़ होगी।
सपा सांसद डिंपल यादव जी के सवाल का बीजेपी सरकार जवाब दे!