फ़िल्म जगत अगर थाली है, तो ये थाली सबकी है. ये सबकी भूख मिटाती है और सब अपनी मेहनत से इस थाली में रखने के लिए रोटियाँ कमाते हैं. कोई किसी के टुकड़ों पर नहीं पलता. इस थाली पर ISI की जगह संविधान की मुहर है. ये थाली किसी एक परिवार, ख़ानदान या वंश की बपौती नहीं है.