दलित युवती के साथ दुष्कर्म।
यूपी के देवरिया में नीरज यादव नामक दरिंदे ने एक दलित युवती का रेप किया, उसे बेरहमी से पीटा और जातिगत गालियां देते हुए अपमानित किया। दरिंदा फरार चल रहा था।
आज पंच दिन बाद वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। PDA सिर्फ एक चुनावी नारा है। असल में ये लोग दलित समुदाय का उत्पीड़न करने में सबसे आगे हैं, खासकर महिलाओं का। इस घटना पर सामाजिक न्याय का पूरा जत्था मौन क्यों है।
खैर, महिला के साथ यह घृणित कृत्य हुए पांच दिन हो गए हैं। उन्होंने जब तब नहीं बोला तो भला अब क्या आवाज उठाएंगे। वहीं योगी सरकार दलित समुदाय की महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न कप रोकने में पूरी तरह से नाकाम घोषित हुई है। प्रशासन से हमारी मांग है कि इस दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
ये हॉस्पिटल है या हत्या का गिरोह?
जौनपुर के बदलापुर में दलित समाज की गर्भवती महिला शारदा देवी डिलीवरी हेतु "मां हॉस्पिटल" में भर्ती हुईं।
डॉक्टर प्रदीप यादव और हॉस्पिटल स्टाफ शुरू से ही अवैध वसूली के चक्कर में डिलीवरी में देरी करते रहे। इनके लूट एवं लापरवाही के चलते महिला की हालत गंभीर होती गई। डॉक्टर सुरक्षित रूप से डिलीवरी कराने में असमर्थ थे, लेकिन वे सिर्फ पैसा वसूलने के लिए हीलाहवाली करते रहे।
इधर शारदा देवी प्रसव पीड़ा से तड़पती रहीं, लेकिन डॉक्टरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार मजबूरी में डॉक्टर प्रदीप यादव महिला को अपने परिचित के दूसरे अस्पताल, ईशा हॉस्पिटल, ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह देखकर डॉक्टर प्रदीप यादव मरीज का शव छोड़कर भाग गया। इस तरह डॉक्टरों और हॉस्पिटल की लापरवाही तथा धन वसूली की प्रवृत्ति के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की जान चली गई।
पीड़ित परिवार 3 दिन से न्याय के लिए लड़ रहा है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक हॉस्पिटल को सील नहीं किया है और न ही डॉक्टर प्रदीप यादव को गिरफ्तार किया है। हॉस्पिटल किसी भी मानक को पूरा नहीं करता, फिर भी वह धड़ल्ले से चल रहा है। बेहद शर्म और पीड़ा की बात है कि आज शाम महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा, लेकिन मौके पर न DM पहुंचे, न SDM, न SP, n CMO और न ही थानाध्यक्ष। सबने पीड़ित परिवार को तड़पने, रोने और बिलखने के लिए अकेला छोड़ रखा है।
हमारे मित्र रंजीत कुमार राजा घटनास्थल पर मौजूद हैं और परिजनों के न्याय की आवाज उठा रहे हैं। परिवार ने तय किया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार की ओर से हमारी मांग है;
1) दोषी डॉक्टर प्रदीप यादव को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
2) बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से संचालित मां हॉस्पिटल को तत्काल सील किया जाए तथा हॉस्पिटल मानकों के उल्लंघन के कारण उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
3) मुसीबत की इस घड़ी में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य सक्षम अधिकारी पीड़ित परिवार से तुरंत मिलें और उन्हें कम से कम 20 लाख रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान करें।
4) सूचना है कि बदलापुर एवं जौनपुर में ऐसे अनेक अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन के किसी भी मानक को पूरा नहीं करते और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं। जिलाधिकारी एवं CMO इस पर स्वतः संज्ञान लें, ऐसे सभी अस्पतालों को तत्काल सील करें तथा दोषी डॉक्टरों एवं मालिकों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस गरीब दलित महिला की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग, अनुसूचित जाति आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
@jaunpurpolice@IgRangeVaranasi@brajeshpathakup@UPGovt@Mayawati
लक्ष्मण यादव के एजेंडे का पोस्टमॉर्टम।
एक पॉडकास्ट में बहन मायावती पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज का दौर स्मृतियों का नहीं, संघर्ष का है।
लक्ष्मण जी, आप Dominant Caste से आते हैं। अतः आपको स्मृतियों की कद्र नहीं है लेकिन हम दलितों के जेहन में सपा सरकार के एक-एक पाप की स्मृति अमिट छाप की तरह बसी हुई है। क्या आपके सामाजिक न्याय की समझ यही कहती है कि समाजवादी पार्टी के गुंडों ने गेस्ट हाउस कांड में बहन जी पर जो जानलेवा एवं बर्बर हमला किया था, हम उन स्मृतियों को भूल जाएं क्योंकि हमें BJP को हराना है?
क्या हम उन स्मृतियों को भूल जाएं कि अखिलेश यादव ने जातीय द्वेष में 20 लाख से अधिक कर्मचारियों का डिमोशन किया था? या फिर उन स्मृतियों को भूल जाएं कि समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भरी संसद में SC-ST समुदाय के प्रमोशन में आरक्षण का बिल फाड़ दिया था?
क्या आप यह नहीं जानते हैं कि मुलायम सिंह यादव ने 2012 के अपने मैनिफेस्टो में कैसे SC-ST Act के तहत दर्ज मामलों का रिव्यू करने का वादा किया था, और अखिलेश की सरकार बनते ही उन्होंने सत्ता एवं प्रशासन के दम पर रिव्यू के नाम पर अनगिनत पीड़ित दलितों पर उल्टा कार्रवाई कराई थी?
हम कैसे भूल जाएं कि अखिलेश यादव ने अपनी जातीय कुंठा में बहन जी द्वारा दलित एवं पिछड़े महापुरुषों के नाम पर बने जिलों के नाम बदल दिए थे? या फिर यह भूल जाएं कि कैसे सपा सरकार ने अनेकों आम्बेडकर पार्कों को खाली कराया, कैसे बहुजन महापुरुषों के नाम पर बने अनेकों अस्पतालों, पार्कों एवं कॉलेजों के नाम बदले थे?
सपा सरकार बनते ही आपके सजातीय लोगों ने दलितों की जमीनें कब्जानी शुरू कर दीं। विरोध करने पर उन पर बर्बर हमले हुए, लेकिन सपा सरकार और पुलिस अपराधियों को संरक्षण देकर उनका मनोबल बढ़ाने में लगी रही। दलित समुदाय की मां-बहनों का बाहर निकलना भी दुभर हो गया था। रेप, छेड़खानी एवं जातीय हिंसा आम बात हो गई थी। यह सब किसी आतंक से कम नहीं था। आप चाहते हैं कि हम इन स्मृतियों को भूल जाएं? वाह!
दलितों के मंच में जाकर उन्हें लच्छेदार भाषणों की चटनी चटाने वाले लक्ष्मण यादव को सामाजिक न्याय की इतनी सी बुनियादी समझ नहीं है कि स्मृतियां हमेशा समता के संघर्ष को सींचती हैं। ये स्मृतियां उस दौर की हैं जब दलित समुदाय के लोग मान्यवर कांशीराम एवं बहन जी के नेतृत्व में आजादी की आबोहवा में सिर उठाकर जीना शुरू कर चुके थे। समाजवादी पार्टी के गुंडों ने शुरू से ही उन्हें कुचलना शुरू किया। आलम यह था कि उन्होंने गैंग बनाकर 2 जून 1995 को बहन जी जैसी महान और शक्तिशाली नेता पर भी जानलेवा हमला किया।
वैसे तो आप मनुस्मृति की किताब उठाकर रोज स्मृतियों की दुहाई देते रहते हैं, लेकिन जब दलितों की स्मृतियों की बारी आई तो आप स्मृतियों को भूलकर संघर्षों की दुहाई देने लगे। वैसे किन संघर्षों की बात कर रहे हैं आप? अखिलेश यादव द्वारा एक हॉल में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने को आप संघर्ष कहते हैं? दलितों द्वारा दिन-रात जातीय हिंसा के खिलाफ हो रहा संघर्ष आपको दिखाई नहीं देता? दिखाई भी क्यों देगा, जाति का मामला जो है। अखिलेश यादव आपके सजातीय हैं। अतः उनका नाखून कटाना भी आपको संघर्ष ही दिखाई देगा।
हम जानते हैं कि हमारा समाज बहुत भोला-भाला है, गुमराह हो जाएगा, लेकिन सनद रहे कि अभी समाज में हम जैसे लोग जिंदा हैं। हम अब उन्हें चिकनी-चुपड़ी बातों में नहीं आने देंगे। जब आपके सजातीय लोग दलितों का दमन करते हैं, तो आपका सामाजिक न्याय वाला मुखौटा पूरा समाज देखता है। आपकी सामाजिक न्याय की समझ बस इतनी है कि आप BJP का डर दिखाकर दलितों का राजनीतिक नेतृत्व खत्म कर सकें, ताकि दलित आप Dominant Caste के रहमो-करम पर जिंदा रहे, जहां आप अपने फायदे के अनुसार उनका इस्तेमाल करें। जैसे गांवों में लोग मजदूरी एवं बेगारी हेतु दलितों का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही आप राजनीति में उनका इस्तेमाल करें।
न तो हम मान्यवर कांशीराम, बहन जी एवं बसपा की कल्याणकारी स्मृतियों को भूलेंगे और न समाजवादी पार्टी द्वारा दलितों पर किए गए पापों की स्मृतियों को भूलेंगे। संघर्षों का दौर आपके लिए नया होगा, लेकिन हम दलित समुदाय के लोग सदियों से ही संघर्ष करते आए हैं। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हम दलितों का जीवन संघर्षों में ही बीतता है। बस अंतर इतना है कि आपका संघर्ष सिर्फ BJP से है। हमारा संघर्ष सिर्फ BJP से नहीं, बल्कि उनसे भी है जो BJP के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। दलितों का संघर्ष समता एवं संवैधानिक मूल्यों के लिए है। किसी पार्टी के विरोध अथवा समर्थन के नाम पर हमें खाई में न धकेलें। दलितों के जेहन में सपा की जातीय उत्पीड़न, विद्वेष एवं जातीय हिंसा से ओतप्रोत स्मृतियां भरी हुई हैं। न भूलेंगे, न माफ करेंगे।
"BJP is afraid of Dalits." 🔥🚨
First, Vice-Chancellor Santishree Pandit
made derogatory remarks against Dalits. BJP sided with savarnas on UGC regulations.
Now, BJP govt is targeting JNU students through the Delhi Police as they protest for a casteism-free university campus.
सवर्ण OBC मुख्यमंत्री मोहन यादव से भैंस चरवा रहे है कल को ब्राह्मण मुख्यमंत्री को कोई चंदा चोर कह दे तो क्या हो।
जब मुख्यमंत्री के साथ जातिवाद हो रहा हैं तो
स्वर्ण यूनिवर्सिटी स्कूल कॉलेज में जहां ना दलित पिछड़े प्रोफेसर है ना VC वहां SC/ST/OBC के साथ कितना जातिवाद होता होगा।
स्वर्ण पत्रकारों ने ना संविधान पड़ा है
ना पत्रकारिता का ज्ञान लिया है यह तो फिर भी एक छोटी सी पत्रकार है उनके सीनियर लोग जो गोदी मीडिया में बैठे हैं उनका भी यही हाल है
निधि रत्न ने अच्छा सबक सिखाया
"Hello Anurag Thakur ji..
Khan sir has a message for you." 🔥
You claim to be a cow vigilante, but do you know how Louis Vuitton belts are made?
The belt you're wearing is made from a calf. Calves are killed after being subjected to severe cruelty. Don't you love cows?
"Teacher molested a child girl." 🚨
"People stripped him naked in the market." 👹
In Bihar's Siwan, govt teacher Virendra Sah molested a class 3 girl student. Sick.
People stripped him naked, garlanded with slippers and paraded him through the streets. 03 months ago, he had molested another class 02 girl student but people left him warning. This was a repetitive incident.
मायावती ने कल राहुल गांधी के समर्थन में बयान दिया। कई दिनों से मायावती काफी बदली हुई दिख रही हैं ऐसा क्यों?
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने 7 फरवरी को उत्तर प्रदेश संगठन की एक बड़ी बैठक लखनऊ अपने दफ्तर पर बुलाई जहां पर मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद की कार्रवाई का भी जिक्र किया।
मायावती ने कहा संसद में सांसदों को ना बोलने देना भी ठीक नहीं है संसद की कार्रवाई को सुचारू रूप से चलाया जाए और सांसदों को बोलने दिया जाए हाल ही में राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया था जब वह पूर्व आर्मी चीफ MM Narvane की किताब से डोकलाम की घटना को कोट कर रहे थे।
मायावती ने इशारों में ही सही साफ कर दिया कि सांसदों को ना बोलने देना एक तरीके की तानाशाही है इसके अलावा मायावती ने भाजपा पर अमरीकी ट्रेड डील और नफरत की सियासत को लेकर खुलकर हमला बोला लेकिन सपा और कांग्रेस को कुछ नहीं कहा लगभग दो या तीन महीने से मायावती भाजपा पर खूब हमलावर रहती हैं लेकिन सपा कांग्रेस को नहीं छू रही है
क्या यह बदलाव 2027 में किसी सियासी रणनीति की ओर इशारा कर रहा है।
UGC के विरोध में 10-20 जातिवादी इकट्ठा होकर नारे लगा रहे थे तो TV मीडिया के दर्जनों माइक लग जा रहे थे।
अब समर्थन में हजारों स्टूडेंट सड़कों पर उतरे हैं तो इन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है!
शूद्रों के कान में नहीं डाल सके जो सीसा, खुदके तो नहीं घुस गया है?
स्वर्णो का जातंकवाद देखो
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में UGC के समर्थन
शांति पूर्ण डिबेट कर रहे SC/ST/OBC के साथ ABVP के गुंडों ने मार पीट की
कहा मर गए चित्रा,शुभारंभ,अभिनव
देखो यह है जातिवाद!
#We_support_UGC_Act
दल्लनटॉप का पत्रकार रोहित पांडे कैसे सरेआम SC/ST/OBC के ख़िलाफ़ फेक न्यूज फैलावा रहा हैं।
श्री राम कोलेज की झूठी कहानी से UGC Act के ख़िलाफ़ एजेंडा प्लांट चलवा रहा हैं।
रोहित पांडे फेक न्यूज पर हा में हा मिला रहा हैं
अपनी जातिवादी मानसिकता दिखा रहा हैं
#We_support_UGC_Act
रोहित वेमुला शोषण का शिकार होता रहा।
HCU में भटका, केंद्रीय मंत्रियों तक पत्र लिखा।
मदद करने के बजाय बोलने लगे SC नहीं OBC हो, मां की जाति नहीं मानते, पिता की बताओ।
परशुराम को मानने वाले मां को इंसान नहीं मानते पैरंट मान लेंगे!
OBC को न्याय मिलने देंगे!
सुप्रीम कोर्ट ने भेदभाव ख़त्म करने वाले UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी। CJI सूर्यकांत शर्मा ने कहा इससे देश में भेदभाव बढ़ेगा।
जिस पीठ ने यह फैसला सुनाया उसके दोनों जज स्वर्ण है। वैसे सुप्रीम कोर्ट कितने Sc/St/OBC जज हैं?
यूरेशिया से आए विदेशी आक्रांता भारत और भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री के खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
यह लोग ट्रम्प,चीन और पाकिस्तान के हाथों बिक कर देश विरोधी नारे लगा रहे है
योगी जी बुलडोजर से इन लोगों का इलाज करिए जरा।
#UGCRegulations2026#We_support_UGC_Act
Fake News फैलाने वाले पर करवाई होनी चाहिए
UGC के विरोध करने वाले कुछ लोग शिक्षा संस्थानों में जो घटना कभी हुई नही उन घटनाओ की मनगढंत कहानी बना रहें हैं।
जो खुलेआम सरकार और मंत्रियों के खिलाफ बिना मतलब घृणास्पद भाषा बोल रहें है,
सरकार को इनलोगो के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना चाहिए।
#UGC
Misinformation Alert: 🚨🚨🚨
A Brahmin named Ramesh Jha spread fake news claiming that "a SC boy student sought money from a female student at Shri Ram College after she rejected his proposal."
The college has denied these allegations in an official statement. This Brahmin is using women from his own community to spread visceral hatred and misinformation against SC-ST community. Many Savarna Hindus are abusing Dalits without verifying the facts. How can people stoop so low as to use women as tools for a casteist agenda?
I demand action against those spreading fake news. They are creating a toxic and dangerous atmosphere in society.