@sambitswaraj Mar kyu nai jate tum
Sab nich…… itni dikat hai to sun lo baccho ki bat kuch ni karege rahul gandhi pagal hai kya wo jake dharna dege tum sb jimedar ho jo bhi ye sb ho raha h
Heading to Visakhapatnam to witness a proud moment for our nation and the @indiannavy, for the Commissioning Ceremony of the 6th Project 17A stealth frigate, Mahendragiri, on 11 July 2026
This indigenously designed and constructed state-of-the-art warship is a testament to our #AatmanirbharBharat vision and the incredible capabilities of our domestic defence industries and MSMEs.
Mahendragiri, is combat ready to safeguard India’s maritime interests and strengthen our resolve for a secure Indo-Pacific.
निःस्वार्थ कर्म ही मानवता की सबसे बड़ी शक्ति है। हम सेवा और समर्पण के इसी भाव के साथ हर किसी के जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
हितं यत्सर्वभूतानामात्मानश्च सुखावहम् ।
तत्कुर्यादीश्वरे ह्येतन्मूलं सर्वार्थसिद्धये ।।
भारतवर्ष की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
जयन्ति ते सुकृतिनो रससिद्धाः कवीश्वराः।
नास्ति येषां यशःकाये जरामरणजं भयम्॥
भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रसेवा और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
मा० राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी का उत्तर प्रदेश दौरा संगठन को नई मजबूती देगा, कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएगा और चुनावी तैयारियों को धार देगा।
#NitinNabinInUP
संगठन ही शक्ति है, कार्यकर्ता ही भाजपा की पहचान है।
ऐसे कर्मठ, युवा एवं संगठन को सर्वोपरि मानने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री @NitinNabin जी का उत्तर प्रदेश में हार्दिक स्वागत।
#NitinNabinInUP
भारत की गौरवशाली संस्कृति को विश्वपटल पर स्थापित करने वाले महान युगदृष्टा स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर शत्- शत् नमन!
स्वामी विवेकानंद जी ने अपने विचारों से भारत को आत्मविश्वास, गौरव, और विश्व को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं
समस्त शिवभक्तों को पावन-पुनीत श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की अनंत शुभकामनाएं! बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यह यात्रा आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
जय बाबा बर्फानी!
वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः
शक्यं समाकलयितुं न यदीयरूपम्।
तं भक्तिभावसुलभं शरणं नतानां
नित्यं भजाम्यऽमरनाथमहं दयालुम्॥