ज़िंदगी में कई इम्तिहान दिए, पर आप की अदालत का कटघरा कुछ अलग था।
सवाल @RajatSharmaLive के थे, जवाब मेरे दिल से...
वहाँ audience ने इतना प्यार दिया लगा मैं अपने परिवार के बीच ही बैठा हूँ। और judge साहब ने मुझ पर जो भरोसा जताया मैं उनका शुक्रगुज़ार हूं।
मेरे लिए इस popular show पर आना सचमुच एक यादगार अनुभव रहा। 🙏
Industrialist अनिल अग्रवाल ने इतनी Wealth कैसे बनाई?
England जाकर अंग्रेजों को impress कैसे किया?
क्या उद्योगपति अनिल अग्रवाल भारत में 100 billion डॉलर invest करेंगे?
अनिल अग्रवाल का India plan,
'आप की अदालत' में आज रात 10 बजे इंडिया टीवी पर
@AnilAgarwal_Ved@Vedanta_Group@indiatvnews@IndiaTVHindi #AapKiAdalat
हाल ही में लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रतिभाशाली युवा सितार वादक, ऋषभ रिखीराम शर्मा का अद्भुत कार्यक्रम देखने का मौका मिला। वे रिखी राम परिवार से आते हैं जो पीढ़ियों से दिग्गज संगीतकारों के लिए सितार बनाते आ रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में ऋषभ ने दुनिया भर से आए दर्शकों को श्राद्ध और पितृ पक्ष का महत्व समझाया।
हमारे यहाँ कहते हैं, श्रद्धा से जो किया जाए, वही श्राद्ध है। कुछ दिन पहले मैंने भारत जाकर अपनी माताजी का श्राद्ध किया, और परसों मेरे गुरु, मेरे दादाजी का भी श्राद्ध था। दोनों की बहुत याद आई, और मन उनके प्रति कृतज्ञता से भर गया। आज मैं जो कुछ भी हूँ, उन्हीं के मार्गदर्शन, आशीर्वाद और उनके दिए संस्कारों की वजह से हूँ।
रॉयल अल्बर्ट हॉल जो कि दुनिया के सबसे मशहूर कॉन्सर्ट हॉलों में से एक है, वहाँ पूरी तरह टिकटें sold out थीं। लंदन जैसे शहर में भारतीय सितार के लिए ऐसा प्यार देखकर दिल ख़ुश हो गया।
ऋषभ का शिव तांडव स्तोत्र तो सच में जादुई था। जब वे सितार बजा रहे थे, तो लग रहा था जैसे राधा-कृष्ण यमुना किनारे रास रचा रहे हैं, शिव जी कैलाश पर तांडव कर रहे हैं, सीता जी और राम जी का विवाह हो रहा है।
ऋषभ से मिलकर बहुत अच्छा लगा। इतनी कम उम्र में ऐसी साधना ईश्वर की प्रेरणा के बिना संभव नहीं। उनके सुरों में मुझे शिव जी की छवि दिख रही थी। आप सबको जब भी मौक़ा मिले, इन्हें ज़रूर सुनिए। ईश्वर की कृपा है इन पर।
ऋषभ, आपको बहुत-बहुत बधाई। आप ख़ूब आगे बढ़ें और हमारी भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया तक पहुँचाएँ। 🙏
बचपन में, बड़ों से गांधीजी के चंपारण आने की कई कहानियाँ सुना करता था।
कहते हैं कि एक दिन गांधीजी जब चंपारण के दौरे पर थे, तो एक परिवार ने उन्हें खाने पे न्योता दिया। पूरा ज़िला वहाँ उमड़ पड़ा।
इसी बीच, खाना परोसती महिला की मटमैली साड़ी देखकर हैरान कस्तूरबा बा ने पूछा कि उसने इतने मैले कपड़े क्यों पहने हैं? वो महिला, बा को अपनी झोपड़ी के अंदर ले गई और बताया कि उसके पास सिर्फ़ वही एक साड़ी है, जो उसने पहन रखी है। दूसरी साड़ी होती, तभी तो इसे धो पाती।
शायद उस एक साड़ी में गांधीजी ने उस भारत की पूरी तस्वीर देख ली थी, जिसके लिए उन्हें आगे अपना जीवन समर्पित करना था।
बापू युवाओं और महिलाओं को समाज में बदलाव की एक बड़ी ताकत मानते थे।
उनकी ज़िंदगी के experiences और experiments में आज भी ऐसे कई pearls of wisdom हैं, जो हमारी युवा पीढ़ी को inspire करते हैं।
ये गांधी जयंती हमारी युवा पीढ़ी और उनके huge potential को समर्पित है।
बापू को नमन। 🙏🏻
परसो रात महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी (@Dev_Fadnavis) के घर गणपति दर्शन का मौका मिला।
उनकी बिटिया ने अपने हाथों से बप्पा को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया हुआ था। बहुत ही मनमोहक और अपनेपन से भरी थी बप्पा की सजावट।
देवेंद्र भाई से भी बातचीत हुई। महाराष्ट्र के सूखा-प्रभावित क्षेत्रों को लेकर उनकी चिंता बातचीत में साफ़ दिखी। पता चला कि हाल ही में वह राज्य के कई सूखा-प्रभावित इलाकों का दौरा करके आए हैं।
Technology के ज़रिए governance को और तेज़ी से लोगों तक पहुँचाने को लेकर उनका vision मुझे काफ़ी प्रभावित कर गया। मैंने अपने team के साथियों से उनके speedy digital approvals के बारे में काफी सुना है। Industry develop करने के लिए उनका decison-making बहुत सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि 12 states में competition है कौन सबसे ज़्यादा industry लेके आये और development करे। महाराष्ट्र सबसे ज़्यादा अग्रणी स्टेट है जहां देवेंद्र भाई के नेतृत्व में काम बहुत तेज़ी से हो रहा है, decisions लिए जा रहे हैं। मुझे कोई doubt नहीं है ये राज्य सबसे आगे बढ़ेगा।
गणपति बप्पा महाराष्ट्र पर अपनी कृपा बनाए रखें 🙏
Bihar से जब मैं Mumbai आया तो पहली बार Ganpati Utsav की धूम देखी।
तब इतने ज़ोर-शोर से, Ganpati Utsav शायद Maharashtra में ही ज़्यादा मनाया जाता था।
गलियों में ढोल और गानों की गूँज, Mumbai की energy को जैसे अलग स्तर पर ले जाती थी। मैंने जाना कि यह शहर जिस शिद्दत से काम करता है, उतने ही उल्लास के साथ त्योहार भी मनाता है, जब Bappa को घर लाता है।
इस बार, कई वर्षों बाद, लालबागचा राजा के चरणों में नतमस्तक होने का अवसर मिला, वो भी पूरे परिवार के साथ।
Kiran, Priya, Akarsh और Mahii के साथ, Bappa की दिव्य मूर्ति के ऐसे सुंदर दर्शन हुए, जिन्हें शब्दों में नहीं बताया जा सकता। बस लगा जैसे Bappa ने सिर पर हाथ रख दिया हो।
विघ्नहर्ता से मेरी यही प्रार्थना है कि वे हम सब पर अपनी कृपा बनाए रखें, देश की हर महिला और युवा को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलें और हमारा देश सुख, शांति और तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ता रहे।
गणपति बप्पा मोरया! 🙏
A few days ago, a young member of the team introduced me to UNO.
A simple game, colourful cards… yet it explained life in a new way.
Every card felt like a small lesson.
The Skip Card reminded me that not every obstacle or argument deserves your energy. Some things are best ignored, and life moves forward much more smoothly when you learn to let go.
The Reverse Card felt like proof that when life is not moving in your direction, you can still change its course. Sometimes, one strong decision is enough to turn the situation around.
And the best of them all - the Wild Card.
I believe each of us has a wild card in life. A quality, a strength, or a gift that makes us different from everyone else. If you learn to recognise it and use it at the right time, it can take you a very long way.
Life works much the same way. When we make thoughtful moves and turn small opportunities into momentum, success gradually is closer to us.
Would love to hear about the wild card in your life that makes you uniquely you?
1976-77 के आसपास की बात है। Mumbai आए हुए कुछ समय हो गया था और परिवार साथ रहने लगा था। अब किराए के कमरे में ना मेरे अपनों के लिए जगह थी, ना मेरे सपनों के लिए।
कई लोगों ने सलाह दी, "इतनी जल्दी अपना घर मत लो। और लेना भी है तो Mumbai के suburbs में लो। बड़ा मिलेगा, सस्ता मिलेगा।"
मगर मेरे मन में एक ज़िद सी थी कि घर तो Mumbai के Malabar Hill में ही लूँगा।
घर ढूँढ़ना शुरू किया तो Peddar Road के पास Navrang Apartment में 333 sq ft का एक छोटा सा flat देखा।
Account में करीब INR 75,000 थे। घर उससे कहीं ज़्यादा महंगा था। हिसाब कहता था, "रुको।" सपने कहते थे, "यही सही समय है।"
मैंने मन की सुनी और सपनों की बात मानी।
वो सिर्फ मेरा पहला घर नहीं था, उस 333 sq ft की चारदीवारी में कुछ ऐसा हौंसला था जिसने मुझसे कहा: Mumbai में घर हो गया, तो अब दुनिया में कहीं भी घर हो सकता है।
हिंदी के शब्दों में माँ जैसा अपनापन है। शायद इसीलिए, आज जब करीब 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं, तो हमें अंदाज़ा होता है कि ये कितने दिलों की ज़ुबान है, पहचान है।
साल 2024 में 87 करोड़ internet users ने Indic languages में content access किया। यानी हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाएँ सिर्फ़ हमारी विरासत नहीं, हमारे digital future की भी भाषाएँ हैं। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारे हिंदी belt का युवा अब हिंदी के दम पर दुनिया से compete करने के लिए ही नहीं, दुनिया को lead करने के लिए तैयार है।
Social media पर हिंदी के ज़रिए भारत के दिल से जुड़ना हो या फिर अपने रोज़मर्रा के कामों में हिंदी में अपने विचार व्यक्त करना हो, मेरे लिए हिंदी हमेशा सहज रही है। सच कहूँ तो, हिंदी ने मुझे अपनी बात लोगों तक पहुँचाने और उनसे जुड़ने में बहुत मदद की है।
मैं अक्सर कहता हूँ, जितना ज़रूरी हमारे गाँव के बच्चों के लिए English सीखना है, उतना ही ज़रूरी है कि शहर के बच्चे हिंदी से जुड़ें।
हिंदी का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, बस हम इसकी सरलता बनाए रखें और इसे नदी की तरह बहने दें।
हिंदी दिवस की बहुत-बहुत बधाई!
#HindiDiwas
Heartiest congratulations to His Excellency President @HHichilema on his re-election as President of the Republic of Zambia.
Over the last five years, you have transformed Zambia. The progress is visible, and I am confident the country will continue on this strong path under your inspirational leadership.
I have always admired the energy, passion and conviction with which you have led Zambia, and the ambition you continue to bring to its future.
I have always believed Zambia is a very special country. It has been blessed with tremendous natural wealth, but its greatest strength is not only what lies beneath its soil…it is the talent, hard work and spirit of its people.
Today, nearly 15,000 Zambians are part of the KCM Vedanta family, something that gives me immense pride.
At Konkola Copper Mines, we have a tremendous asset and an equally tremendous opportunity ahead of us.
We are committed to investing US$1.2 billion in Konkola Copper Mines and bringing its full potential to life…creating more jobs, more local businesses and more opportunities for the people of Zambia. We are fully committed to your vision of Zambia producing 3 million tonnes of copper and realising its full potential as one of the world’s great copper nations.
If there is one metal the world will need more and more of in the age of AI, electrification and the energy transition, it is copper. And Zambia has the opportunity to be right at the heart of this new world.
I look forward to working together with President Hichilema, his government and, most importantly, the people of Zambia to make Zambia a global hub for copper and critical minerals.
कुछ किरदार सिर्फ़ पर्दे पर नहीं रहते, लोगों की यादों में बस जाते हैं।
मेरे दोस्त @TripathiiPankaj जी का ‘कालीन भैया’ भी ऐसा ही एक किरदार है। उनका शांत अंदाज़, कम बोलना और बिना कुछ कहे अपना रौब दिखा देना… इस किरदार को हमेशा यादगार बनाता है।
पंकज जी ने जिस सहजता से इस किरदार को निभाया है, वह अपने आप में काबिल-ए-तारीफ़ है।
पंकज जी हमारे बिहार का गौरव हैं। उनकी सफलता हर बिहारी को थोड़ी “personal” लगती है।
इस बार अपने कालीन भैया बड़े पर्दे पर आए हैं। ज़रूर देखिएगा!
अक्सर मुझसे पूछा जाता है कि मेरी favourite किताब कौन सी है?
जीवन जीने के बारे में जो समझा हूँ, जो सीखा है, उसका बहुत बड़ा कारण श्रीमद्भगवतगीता है।
जब निराशा घेरती है, तो कृष्ण सारथी बनकर कहते हैं:
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।”
कर्म करो, फल की चिंता मत करो।
पूर्वांचल और Mathura-Vrindavan की कृष्ण कथाएँ हम सबने बचपन से ही सुनी हैं। शायद इसलिए कृष्ण हमारे लिए सिर्फ़ भगवान नहीं, बल्कि हर मोड़ पर राह दिखाने वाले, अपने से लगते हैं।
मेरा अपना अनुभव कहता है कि श्रीमद्भगवतगीता में हमारे बीते हुए कल, हमारे आज और आने वाले कल के सभी सवालों, सभी doubts का जवाब है।
मेरे गोविंद देव जी के चरणों में मेरा प्रणाम 🙏🏻
जन्माष्टमी की बहुत-बहुत बधाई।
मेरे लिए भोजन सिर्फ़ भूख से राहत पाने की चीज़ नहीं है, एक memory भी है।
उन दिनों की याद, जब मैं New York में अकेला रहता था और एक metal wire कंपनी को ख़रीदने की कोशिश में लगा था। उस वक़्त मेरे लिए एक-एक dollar मायने रखता था। इसलिए ज़्यादातर दिन मैं building के बाहर खड़े ठेले के एक sandwich या माँ और किरन के बनाए पराठे खाकर ही गुज़ारा कर लेता था। और कई रातें तो आधे पेट ही सोना पड़ता था।
आप सब जानते हैं कि मैं दिल से खाने का शौक़ीन हूँ, और शायद इसीलिए वो दिन आज भी मुझे नहीं भूलते। क्योंकि उसी भूख ने मुझे सिखाया कि ज़िंदगी में वो कौनसी चीज़ें हैं, जो सचमुच बहुत क़ीमती हैं - जैसे एक दोस्त जो आपके साथ अपनी थाली बाँट ले, वो पड़ोसी जो परदेस में आपके घर कोई देसी dish पहुँचा दे, या कोई volunteer जो आपको गरम-गरम खाना परोस दे… और हाँ, चैन की नींद।
यही वजह है कि @nandghar और @AnilAgarwalFndn में हम जो काम कर रहे हैं, वो मेरे दिल के बेहद क़रीब है। इसके ज़रिए हमारी यही कोशिश है कि कोई बच्चा, कोई परिवार, कोई गाँव कभी भूखे पेट न सोए।
अगर आपने भी कभी भूख को क़रीब से जाना है, तो उस याद को अपनी ताक़त बनाइए। और जब भी मौक़ा मिले, इस National Nutrition Week किसी और की भूख मिटाने की वजह बनिए।
Courage, gut instinct aur passion hi woh cheezein hain jo ek entrepreneur ko doosron se alag banati hain. Bas zaroori hai ki aap apne andar ki uss awaaz ko pehchanein.
हमारे पूर्वांचल में कहते हैं कि बहन के आशीर्वाद से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता। तभी तो कोई भी शुभ काम बहन और बेटियों के बिना पूरा नहीं माना जाता। जिस घर में माँ और बहनों का सम्मान होता है, उस घर में हमेशा सुख और समृद्धि का वास होता है।
हमारे घर में भी इस बात को हमेशा माना गया है। इसीलिए वैसे तो हम तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा मैं ही हूँ, लेकिन जब बात आती है कि सबसे ऊपर किसका हुक़्म चलेगा... तो हमारी लाडली बहन सुमन अपने आप सबसे बड़ी बन जाती है! और हम कितने भी बड़े हो जाएँ, एक-दूसरे के साथ हमेशा बच्चे ही बने रहते हैं।
बचपन की वो खूबसूरत यादें आज भी हमारे साथ हैं। अब जब माँ और बाउजी नहीं रहे, तो लगता है कि बचपन का वो घर हम भाई-बहनों में ही बसता है। त्योहारों पर जब हम सब मिलते हैं तो फिर से उन्हीं दिनों में वापस चले जाते हैं, जब सारा परिवार एक साथ ख़ुशियाँ मनाता था।
सुमन, राखी का यह धागा हमारे इसी बंधन को और मज़बूत करे, तुम हमेशा ऐसी ही हँसती-मुस्कुराती रहो!
आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
बीते दिनों Harvard University, Boston में पूज्य मोरारी बापू के दर्शन करने और उनकी रामकथा में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उसी दौरान बापू ने एक बहुत सुंदर बात कही कि आज विश्व में जो research हो रही है और medical science जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसे हमारे वेदों और भगवान धन्वंतरि के चिंतन से बहुत मदद और प्रेरणा मिल रही है।
उन्होंने Harvard के युवा छात्रों से कहा कि हमारी सोच किसी एक देश तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरी दुनिया के कल्याण की होनी चाहिए। कार्यक्रम में बहुत सारे युवा मौजूद थे। उन्हें देखकर यही लगा कि आने वाले सालों में दुनिया कैसी होगी, यह इसी पीढ़ी को तय करना है। ऐसे में श्री राम के जीवन से मिलने वाली सीख आज के युवाओं को सही फ़ैसले लेने और आगे बढ़ने में बहुत काम आएगी।
Harvard के उस academic माहौल, research culture और innovative सोच को देखकर मेरे मन में भी यह ख़याल आया कि ऐसी ही world class university हमारे देश में भी ज़रूर होनी चाहिए।
Fortescue is an Australian mining company which was founded just around 20 years ago. Today, it alone produces over 200 million tonnes of iron ore every year.
India, as an entire country, produces 300 million tonnes. India's geology is better than Australia's. Iron ore changed the face of Australia's economy. India has all the potential to become a leading producer and create massive jobs and livelihoods.
Government should be production-minded, not revenue-minded. Instead of very high premiums, the goal should be maximum production.
Huge investment is needed in the infrastructure for iron ore mining.
Only large players can do that. Like Australia, we need 3 or 4 large producers.
This will lead to a tripling of production and elimination of imports. And help achieve India's target of 300 million tonnes of steel production.
अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि, सर, आप जीवन में बड़े-बड़े रिस्क लेते आए हैं, क्या आपको कभी डर नहीं लगा?
सच कहूँ तो शुरुआती दिनों में कई बार मुझमें भी यह भावना आई कि अगर मैं वो नहीं कर पाया जो मैं चाहता हूँ, तो क्या होगा? पर तभी याद आ जाती थी बाऊजी से सुनी एक संस्कृत की कहावत - वीर भोग्या वसुंधरा।
यानी यह धरती वीर और साहसी लोगों के लिए है। ऐसे लोग जो कड़ी मेहनत से नहीं डरते और सही लक्ष्य के लिए अपनी जान लगा देते हैं, वही इतिहास बनाते हैं।
मुझे याद है, एक बार मैं एक बड़ी डील साइन करने गया था, लेकिन बात नहीं बनी क्योंकि शर्तें हमारे पक्ष में नहीं थीं। उस वक्त मैं काफी तनाव में था। लेकिन वहाँ जाने का फायदा यह हुआ कि मुझे अगली डील के लिए बेहतरीन ideas मिल गए।
ज़िंदगी में हर चीज़ हमेशा आपके पक्ष में नहीं होगी, लेकिन हर असफलता से आपको कुछ न कुछ सीखने को ज़रूर मिलता है। बस, आपमें मैदान में डटे रहने का हौसला होना चाहिए।
जब भी मैं कड़ी मेहनत करते युवाओं, entrepreneurs और हर क्षेत्र में सफलता पाती महिलाओं को देखता हूँ, तो इस बात पर मेरा विश्वास और भी पक्का हो जाता है। अगर आपके पास कोई अच्छा विचार है, आपको उस विचार पर पूरा भरोसा है, तो उस पर अमल करने से डरिए मत। आज नहीं तो कल, कामयाबी ज़रूर मिलेगी।
Maine Dara Singh ji se seekha tha ki girkar uthna hi champion ki nishaani hai.
Business ke akhaade mein bhi girkar uthney wala zaroor kuchh haasil karta hai.
Today on #WorldEntrepreneursDay, wishing all young entrepreneurs the very best. Keep getting back up! 💪