जयपुर की सड़क पर हूटर बजाती ये गाड़ी किसी मंत्री विधायक, उपमुख्यमंत्री की नही,ये गाड़ी है किशनपोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारे हुए भाजपा प्रत्यक्षी चन्द्रमनोहर बटवाडा की।
जबकी सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाइन है केंद्रीय मोटर वाहन नियम (नियम119) निजी गाड़ी पर हूटर लगाना गैरकानूनी है।
Om Prakash Rajbhar's advice to Akhilesh Yadav on the latter's birthday:
'एसी और पीसी वाली राजनीति का जितना जल्दी हो सके त्याग करेंगे उतना आपके लिए अच्छा रहेगा"
अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक—सभी के, यहाँ तक कि प्रधानमंत्री जी के भी बैनर और पोस्टर स्वागत के बाद पैरों तले कुचले जाते दिखाई दिए।
जयपुर एयरपोर्ट पर एक महिला ने अपने मोबाइल कैमरे से जो दृश्य रिकॉर्ड किया, वह वास्तव में गंभीरता से देखने योग्य है।
स्वागत के नाम पर लगाए गए पोस्टरों का इस तरह सड़क पर बिखरना और पैरों तले कुचला जाना—
सरकार बनने के बाद बीजेपी भक्त और पोस्टर फ़ोटॉयमें आगे आगे दिखते है वो ही नक़ली है
वक़्त के साथ किसी का भी झंडा उठा लेंगे —-
@BJP4India@BJP4Rajasthan@narendramodi
मेरा अकाउंट @HDFC में है - मैं तो आज ही बंद करवाने जा रही हूँ.
ऐसे लोगों पर क्या भरोसा कब हमारी मेहनत और कमाई के पैसों को चुना लगा कर भगा दिए जायें.
हम सब पहले से ही इनकी शायरियों भुक्तभोगी हैं.
अब नया पैंतरा चला गया है चम्पत राय की ओर से कि वो 27 मई को थाने गए थे चोरी की FIR कराने…
अनिल मिश्रा भी साथ थे और किसी अफसर से बात करके वो दोनों लोग वापस लौट आए थे बिना FIR कराए…
"पर्ची खोलकर बड़े नामों का खुलासा करूंगा, तो वे मुझे निपटा देंगे"
◆ एक कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने राम मंदिर तथाकथित चोरी मामले को लेकर कहा
#DhirendraShastri | #RSS | RSS | Dhirendra Shastri | Ram Mandir | #RamMandir
माफ कीजिए मंत्री अविनाश गहलोत जी, ज़मीनों के बाद कंपनियों के काग़ज़ जुटाने में मुझे थोड़ी देरी हो गई। मैं आपकी जमीनों की बात कर रहा था लेकिन अब जनता का ध्यान उन कंपनियों की ओर खींचना चाहता हूं जो आपके मंत्री बनने के बाद आपके अकाउंटेंट, आपके बचपन के दोस्त, अकाउंटेंट की माताजी, आपके साले साहब और आपके भाई के नाम पर खड़ी की गई है। ऐसे ही मैंने आपकी तुलना सीएम मोहन यादव एंड फैमिली से नहीं किया था।
1. रिथम्बरा माइनस - 16/03/2024 को यह कंपनी बनी। इस कंपनी में आपके भाई किशोर गहलोत (डायरेक्टर), आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश ( एडिशनल डायरेक्टर) और आपके साले साहब रामनिवास जी डायरेक्टर हैं। इस कंपनी ने करीब 8 करोड़ रुपए का लेनदेन दिखाया है।
2. हीलियोबल्ड वेंचर्स - 11/03/2026 यानी की 3 महीने पहले यह कंपनी बनी जो कि कंस्ट्रक्शन का काम करती है। कंपनी में आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी और आपके बचपन के दोस्त बाबू सिंह जी डायरेक्टर है।
3. श्री राणा माइनस - 2 महीने पहले 02/04/2026 को यह कंपनी बनी जिसमें आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश और एक अन्य व्यक्ति गौरव सोलंकी डायरेक्टर है।
4. प्रतिष्ठा माइनस - 26/04/2026 को बनी इस कंपनी में खास बात है कि मंत्री अविनाश गहलोत के अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी की माताजी रामकन्या जी को डायरेक्टर बनाया गया है।
अब कुछ सबसे खास चीज़ें। अविनाश गहलोत के मंत्री बनने के बाद जितने लोग डायरेक्टर हैं सभी के व्यापार बदल गए हैं। ओमप्रकाश एक साधारण अकाउंटेंट थे जो आज कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं। बाबू सिंह मंत्री जी के बचपन के दोस्त हैं और सहपाठी है तो उनकी भी प्रगति हुई है। किशोर गहलोत, मंत्री जी के भाई किशोर गहलोत की कपड़ों की दुकान थी लेकिन अब कंपनियों में डायरेक्टर है। मंत्री जी के साले साहब, रामनिवास जी पहले हैदराबाद में फैंसी स्टोर चलाते थे जो अब कंपनी में डायरेक्टर है। सबसे खास बात की अकाउंटेंट ओमप्रकाश की माताजी रामकन्या जी पहले जैतारण में सब्जी की दुकान चलाती थीं जो अब कंपनी में डायरेक्टर है।
नोट - मंत्री जी के अकाउंटेंट ओमप्रकाश जो ऑफिस एड्रेस जैतारण में चलाते हैं उसी पर हीलियोबिल्ड वेंचर्स और राणा माइनस कंपनी चल रही है।
इसके अलावा कई अन्य कागज़, लेनदेन रिसिप्ट और सबसिडी वाली कंपनी की जानकारी जल्द ही आपके साथ साझा करूंगा।
मंत्री जी यह कोई आरोप नहीं है, सिर्फ प्रमाण है आपने अच्छी तरक्की की है। उम्मीद है विभाग "सामाजिक न्याय" की संरचना के मुताबिक आप काम कर रहे हैं।
@AvinashGehlot_@BhajanlalBjp@AmitShah@narendramodi@blsanthosh
रिथम्बरा माइनस - 16/03/2024 को यह कंपनी बनी। इस कंपनी में आपके भाई किशोर गहलोत (डायरेक्टर), आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश ( एडिशनल डायरेक्टर) और आपके साले साहब रामनिवास जी डायरेक्टर हैं। इस कंपनी ने करीब 8 करोड़ रुपए का लेनदेन दिखाया है।
प्रतिष्ठा माइनस - 26/04/2026 को बनी इस कंपनी में खास बात है कि मंत्री अविनाश गहलोत के अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी की माताजी रामकन्या जी को डायरेक्टर बनाया गया है।
हीलियोबल्ड वेंचर्स - 11/03/2026 यानी की 3 महीने पहले यह कंपनी बनी जो कि कंस्ट्रक्शन का काम करती है। कंपनी में आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी और आपके बचपन के दोस्त बाबू सिंह जी डायरेक्टर है।
जुगलबंदी या एकजुटता का नैरेटिव !
टीकाराम जूली बोले हम सब एक है सब मिलकर कांग्रेस की गाड़ी जनता के लिए चला रहे
गोविंद सिंह डोटासरा बोले कांग्रेस का राज लाना है चुनाव तक ऐसे ही चलेगी
@GovindDotasra@TikaRamJullyINC@8PMnoCM
अरुणाचल डैम से पानी छोड़ने की वजह से असम के धेमाजी और लखीमपुर जिले के सैकड़ो गांव जलमग्न हो गए।
धान के खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए, निचले इलाकों में सैकड़ों घर नष्ट हो गए और मवेशियों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
#AssamFloods
अगले साल तक इथोनॉल ब्लेंडिंग के रिजल्ट्स कुछ भी आए,
तब तक करोड़ों गाड़ियों में इथोनॉल और उस एथनॉल से आया मुनाफ़ा गड़करी जी के सुपुत्रों की जेब में जा चुका होगा।
आर्काइव | साल 2007 में करण थापर ने सीएनएन-आईबीएन पर मोदी का एक बेहद मशहूर और विवादास्पद इंटरव्यू किया था. थापर ने मुझे बताया कि 18 महीने मोदी को राजी करने में लगे. थापर ने कहा, “मुझे याद है कि मैं उन्हें हर हफ्ते खत लिखता था लेकिन वह कभी जवाब नहीं देते थे. हार कर मैं मोदी के दोस्त अरुण जेटली के पास गया और उन्होंने मोदी को राजी कर लिया.”
थापर का मोदी के साथ 30 मिनट तक होने वाला इंटरव्यू महज तीन मिनट चला पाया. थापर ने प्रशासक के रूप में मोदी के कौशल को मिल रही वाहवाही से अपना पहला सवाल शुरू किया. थापर ने पूछा, “लेकिन फिर भी लोग आपको मुंह पर "सामूहिक हत्यारा" कहते हैं, वे आपके ऊपर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप भी लगाते हैं. क्या आप छवि के संकट का सामना कर रहे हैं?”
मोदी का चेहरा सख्त और लाल हो गया. उन्होंने कुछ अबूझ से शब्द बोले. साफ दिख रहा था कि वह गुस्सा हैं. कुछ ही देर में उन्होंने ब्रेक लेने की बात की और अपने कुर्ते से लैपल माइक हटाकर घोषणा की कि वे इंटरव्यू समाप्त कर रहे हैं और वहां से चले गए. उन्होंने थापर से कहा, “आप यहां आए, दोस्ती बनाई. आपके अपने विचार हैं, आप उसी को दोहराते रहते हैं.”
अचानक से खत्म हुए इस इंटरव्यू को सीनएनए-आईबीएन ने समाचार की तरह बार-बार चलाया- “मोदी इंटरव्यू से भाग गए”. चैनल ने इसे 33 बार दोहराया. थापर ने बताया कि अगले दिन उन्हें मोदी का फोन आया. वह याद करते हैं, “मोदी ने मुझसे पूछा, ‘क्या आप मेरे कंधे पर रख कर अपनी बंदूक चला रहे हैं?’ मैंने कहा, ‘क्या मैंने आपसे नहीं कहा था कि इंटरव्यू पूरा करना बेहतर रहेगा?’ बातचीत से लग रहा था कि वे सहज हैं. उन्होंने कहा कि अगली बार जब वे दिल्ली आएंगे तो साथ डिनर करेंगे और मुझे दोबारा इंटरव्यू देंगे. बातचीत के दौरान शायद उन्होंने, ‘आई लव यू’ भी कहा था.” थापर ने मुझे बताया कि पिछले पांच सालों में उन्होंने मोदी को हर छठे हफ्ते खत लिखा है लेकिन मोदी ने कभी जवाब नहीं दिया.
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