बचपन में जब कोई नई दुकान हमारे गाँव में खुलती थी, हम खुश हो जाते थे यह सोचकर, कि एक दिन हमारा गाँव भी शहर हो जाएगा। अब इसी बात से डर लगता है।
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@Hindi_panktiyan#tuesdayvibe#COVID19
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या-क्या है
मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है
फक़ीर शाख कलन्दर इमाम क्या-क्या है
तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या-क्या है
अमीर-ए-शहर के कुछ करोबार याद आए
मैं रात सोच रहा था हराम क्या-क्या है
#RahatIndori
वो अल्हड़ से सुर वो साज बाकी है,
मरे लहज़े में अब भी लिहाज बाकी है।
जिनसे हम इनायत की जुस्तजू कर बैठे,
उन जनाब का अब भी इलाज बाकी है।
आज नहीं कभी और फुर्सत में मिल लेना,
उन्हें दफनाने का ही काम काज बाकी है।
@illiteratepoet0
@shabdsar@DrKumarVishwas
The man who starred Chhichhore - A movie that beautifully dealt with how to battle suicidal thoughts. We just never know what a person is going through. RIP #SushantSinghRajput
वो यार पुराने बहुत याद आते हैं
वो दिन सुहाने बहुत याद आते हैं
फिजूल की बातों मे
जाया होती राते वो
लड़ते भी थे हर बात पर
और फिर खुद ही मनाते वो
वो यार अब भी खयालों में आते हैं
वो यार पुराने बहुत याद आते है
#HappyBrothersDay@thepoeticsoul_@shabdsar
It's a funny thing about coming back home...
It looks the same, smells the same, feels the same.
You realise what's changed is you.
#mondaythoughts@darkgreysagar
चाह नहीं, मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ
चाह नहीं सम्राटों के शव पर
हे हरि डाला जाऊँ
चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ
मुझे तोड़ लेना बनमाली
उस पथ पर देना तुम फेंक!
मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने
जिस पथ पर जावें वीर अनेक!
#indianairforce