साहब हमारी तो कोई बैलू ही नहीं न घर में न बाहर
किसान की कद्र कोई नहीं करता बीवी और बच्चों को चाहिए पैसा हर जरूरत जो है उसके लिए चाहिए पैसा जो मेरे पास नहीं है। क्या करूं कुछ समक्ष में नहीं आ रहा है मैं थक गया हूं तानें सुन सुन कर।
जय जवान तो फिट पर जय किसान अनफिट है।
नारा गलत
Uppl मध्यांचल यूपी अमेठी ब्लॉक भेटुवा नौगिरवा पावर हाउस आजकल रात में हो रही अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं दिन में बिजली की कटौती करें तो समझा जा सकता है इधर बिजली का बिल भी ले रहे और रात 1बजे तक कटौती रहती है शाम से
@CMOfficeUP@myogiadityanath हे कलयुग के प्रभु हम छोटे अन्नदाता है क्या जिन्दगी भर 2 हजार रुपए शाल में 6 हजार का लॉलीपॉप चूसते रहेंगे कम से कम 10000रुपए महीना एक ईमानदार अन्नदाता का होना ही चाहिए
हमारा कोई अदर इनकम नहीं है। जिनका आप बढ़ाया है। नीचे से ऊपर तक कर्मचारियों का भेस बदल कर एक दिन साथ रह जाइए
सरकार सरकारी कर्मचारी का वेतन बढ़ा दिया है उनके घर बल्ले।ईमानदार किसान 2 हजार का लॉलीपॉप जिंदगी भर चूसते रहेंगे।
10000 रुपए अन्नदाता को भी हर महीने वेतन होना चाहिए। कोरोना काल में जब अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी तक देश के किसानो ने अर्थव्यवस्था संभाला था
मुम्बई महाराष्ट्र जिस तरह वहां हिंदी भाषा बोलने वालों के साथ सुलूक हो रहा है अब तो मुख्यमंत्री मंत्री ने भी सीखने को बोला है मराठी सीखने को जबरन थोपा जा रहा है मैं कहता हूं बॉलीवुड कोई भी मूवी हिन्दी भाषी राज्यों में रिलीज ही नहीं होनी चाहिए । घंटिया मानसिकता को उसी भाषा में दो
@CMOfficeUP माफ करना सीएम साहब सरकारी कर्मचारी का वेतन धना धन बढ़ाये जा रहे है और जो किसान है उसकी तो फटी पड़ी है। हम लोग विद्वता तो हासिल की पर नौकरी के पीछे कभी नहीं भागे और इसी तरह सरकारी वेतन बढ़ते रहे तो हम जैसे लोगों की हालत सड़क पे पड़े कचड़े की तरह होगी जिसे नाम दिया अन्नदाता।
आरक्षण ये भी होना चाहिए स्कूल कॉलेज में sc के स्टूडेंट को पढ़ाने के लिए sc ही टीचर होना चाहिए ओबीसी के लिए ओबीसी सामान्य के लिए सामान्य
भारत विश्व गुरु का सपना देखे ओ भी खुली आंखों से ।
अब दिल्ली में डर लगता है पिछले 25 सालों का इतिहास उठा लो जिस तरह की घटनाएं हुई है हो रही हैं क्राइम कैपिटल तो है ही क्या करे पुलिस संजय की तरह दिव्य दृष्टि नहीं है स्वाभाविक है। लेकिन पूरा का पूरा तंत्र ही स्लो है। जब तंत्र चाल ही घटिया है तो मंत्र कहां से आए
आरक्षण ही घटिया है
यूपी आबादी का सबसे बड़ा राज्य है इसकी तीन राजधानियां होना बहुत जरूरी है कोई भी सरकार अपनी ही पीठ भले ही थप तपाए पर जमीनी हकीकत उससे कोसों दूर है चाहे विकाश हो और चाहे सरकारी कामकाज हो सब कुछ सिर्फ कागजों पर नजर आता है हकीक़त कोसों दूर है।